कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित कर किसानों को समय पर लाभान्वित करें- निशांत जैन
कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित कर किसानों को समय पर लाभान्वित करें- निशांत जैन


बीकानेर, 05 अगस्त । जिला कलक्टर श्री निशांत जैन की अध्यक्षता में बुधवार को जिला स्तरीय कृषि, उद्यानिकी एवं आत्मा शासी परिषद की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कृषि व उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति करने और किसानों को समयबद्ध लाभ पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए।


खरीफ बुवाई और खाद-बीज उपलब्धता की समीक्षा
बैठक में संयुक्त निदेशक (कृषि) मदन लाल ने बताया कि जिले में खरीफ फसलों के 15.21 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 8.81 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है। इस पर जिला कलक्टर ने वर्तमान मानसूनी बारिश की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक योजना पर काम करने और अधिकाधिक बुवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 7,895 मीट्रिक टन यूरिया, 3,395 मीट्रिक टन एसएसपी (SSP) तथा 934 मीट्रिक टन एनपीके (NPK) उपलब्ध है।


बीज मिनीकिट वितरण: 52,500 खरीफ फसल बीज मिनीकिटों का वितरण तथा 3,220 फसल प्रदर्शनों का आयोजन शत-प्रतिशत पूरा होने पर कलक्टर ने संतोष जताया।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर असंतोष: मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत 9,250 नमूनों के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1,252 कार्ड वितरित होने पर जिला कलक्टर ने असंतोष जताया और शेष नमूनों का विश्लेषण कर कार्ड तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कृषि आदान नमूने: लक्ष्य 965 के विरुद्ध मात्र 151 नमूने लिए जाने पर कृषि आदान निरीक्षकों को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की ताकीद की।
फसल बीमा और उद्यानिकी योजनाओं पर जोर
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसल बीमा की अंतिम तिथि 16 अगस्त तक अधिक से अधिक किसानों का बीमा कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के साथ समन्वय बनाकर प्रतिनिधियों की शीघ्र नियुक्ति करने को कहा गया।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश कुमार गहलोत ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत 171.75 लाख रुपये तथा सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 6,479 हेक्टेयर की कार्ययोजना पर कार्य शुरू हो चुका है। ड्रिप, मिनी फव्वारा, पॉलीहाउस और कोल्ड स्टोरेज के प्रकरणों में प्राथमिकता से प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं। राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत सामुदायिक जल स्रोत निर्माण पर 18 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
आत्मा योजना एवं अधिकारियों की उपस्थिति
आत्मा योजना की समीक्षा के दौरान स्वीकृत एक्शन प्लान के अनुसार कृषक भ्रमण, प्रशिक्षण एवं गोष्ठियां नियमित आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला परिषद सीईओ श्रीमती शैलजा पाण्डे, राजूवास प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. आर.के. धूड़िया, एसकेआरएयू निदेशक डॉ. एच.एल. देशवाल, केवीके वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार, काजरी वैज्ञानिक डॉ. एम.एल. सोनी, सीआईएएच वैज्ञानिक डॉ. एस.आर. मीणा, नाबार्ड डीडीएम श्री अमित चाहर, डीआईसी महाप्रबंधक श्रीमती मंजू नैन गोदारा, उप निदेशक (उद्यान) श्री प्रेमाराम सहित अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


