रोटरी मिडटाउन ने सेवा और संवेदना के साथ मनाया चार्टर डे; दिव्यांग बच्चों के साथ बिताया आत्मीय समय
रोटरी मिडटाउन ने सेवा और संवेदना के साथ मनाया चार्टर डे


बीकानेर, 22 जनवरी। रोटरी क्लब बीकानेर मिडटाउन ने इस वर्ष अपने स्थापना दिवस (चार्टर डे) को उत्सव के बजाय सेवा और करुणा के पर्व के रूप में मनाया। नोखा रोड स्थित दिव्यांग सेवा संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्लब के सदस्यों ने दिव्यांग बच्चों के साथ न केवल समय बिताया, बल्कि उनके लिए विशेष भोज का आयोजन कर रोटरी के ‘सेवा परमो धर्म’ के संकल्प को दोहराया।


‘स्वयं से पहले सेवा’ का दिया संदेश
क्लब अध्यक्ष रघुवीर झॅंवर ने इस अवसर पर सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि रोटरी का मूल मंत्र ‘स्वयं से पहले सेवा’ है। उन्होंने जोर दिया कि रोटरी आपसी मैत्री और मानवीय संवेदनाओं का एक सशक्त मंच है। चार्टर डे जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर दिव्यांग बच्चों के बीच खुशियां बांटना रोटरी दर्शन का सबसे जीवंत और सार्थक उदाहरण है।


बच्चों की मुस्कान ने बनाई शाम यादगार
क्लब सचिव आलोक थिरानी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान रोटरी सदस्यों ने स्वयं अपने हाथों से बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन परोसा। भोजन के दौरान बच्चों के चेहरों पर जो संतोष और मुस्कान दिखी, उसने पूरे आयोजन को सफल बना दिया। संस्थान के संचालकों ने क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से इन बच्चों में आत्मविश्वास और समाज के प्रति अपनत्व की भावना प्रबल होती है।
2013 से सेवा पथ पर अग्रसर
उल्लेखनीय है कि रोटरी क्लब बीकानेर मिडटाउन का गठन वर्ष 2013 में चार्टर अध्यक्ष विमल चांडक के नेतृत्व में हुआ था। तब से लेकर पिछले 13 वर्षों में क्लब ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों में बीकानेर में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। गुरुवार को आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में विमल चांडक, निखिल महेश्वरी, सुरेश राठी, रघुवीर झॅंवर और आलोक थिरानी सहित बड़ी संख्या में रोटरी साथी उपस्थित रहे।
