मेडिकल कॉलेज में सनसनी, महिला फैकल्टी ने प्रोफेसर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, जांच कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज में सनसनी, महिला फैकल्टी ने प्रोफेसर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप


जयपुर, 23 फरवरी। राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां की एक महिला फैकल्टी ने अपने ही विभाग के एक वरिष्ठ प्रोफेसर पर बदसलूकी और छेड़छाड़ के संगीन आरोप लगाए हैं। इस शिकायत के बाद चिकित्सा जगत और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन और राज्य सरकार दोनों ही सक्रिय हो गए हैं।


उच्च स्तरीय जांच कमेटियों का गठन
महिला फैकल्टी की शिकायत मिलते ही कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की।


कमेटी का ढांचा: सीनियर प्रोफेसर डॉ. एस.एम. शर्मा की निगरानी में बनी इस कमेटी में दो एडिशनल प्रिंसिपल (डॉ. आर.के. जैन व डॉ. मोनिका जैन), पूर्व अतिरिक्त प्रिंसिपल बी.एल. कुमावत, स्टूडेंट वेलफेयर डीन डॉ. अनिता सिंघल सहित विभाग के वर्तमान व पूर्व अध्यक्षों को शामिल किया गया।
सरकार की सक्रियता: मेडिकल एजुकेशन विभाग की प्रमुख शासन सचिव (PHS) गायत्री राठौड़ ने भी इस मामले में दो सदस्यीय विशेष टीम भेजकर अलग से रिपोर्ट तलब की है।
रिपोर्ट सौंपी गई, अब ‘एक्शन’ का इंतजार
प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार, आंतरिक जांच कमेटी ने अपनी कार्यवाही पूरी कर ली है और विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
“हमें छेड़छाड़ और बदसलूकी की शिकायत मिली थी। आंतरिक कमेटी की रिपोर्ट अब प्रमुख शासन सचिव (PHS) के पास है। वहां से जो भी निर्णय या निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के आधार पर आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” – डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्रिंसिपल, SMS मेडिकल कॉलेज
कॉर्पोरेट वर्क कल्चर पर सवाल
मेडिकल कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न (POSH) के नियमों को लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं। फैकल्टी सदस्यों और रेजिडेंट डॉक्टर्स की निगाहें अब सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। फिलहाल आरोपी प्रोफेसर की पहचान गोपनीय रखते हुए मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
