कपड़ा व्यापारी से 94 लाख की बड़ी ठगी , चाइना में डॉलर भुगतान का झांसा देकर दो भाइयों ने हड़पे रुपए

कपड़ा व्यापारी से 94 लाख की बड़ी ठगी , चाइना में डॉलर भुगतान का झांसा देकर दो भाइयों ने हड़पे रुपए
STBA 5 JUNE 2026
C M MUDRA MEMORIAL HOSPITAL
quicjZaps 15 sept 2025

अजमेर, 4 अप्रैल। राजस्थान के अजमेर जिले में एक महिला कपड़ा व्यापारी के साथ 94 लाख रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने टैक्स बचाने और विदेशी मुद्रा विनिमय (करेंसी एक्सचेंज) का झांसा देकर पीड़िता से भारी-भरकम राशि नकद में ली और बाद में जाली रसीद थमा दी। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर दो सगे भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

डॉलर के बदले भारतीय मुद्रा का ‘सेफ’ ऑफर
अभियंता नगर निवासी पीड़िता हेमा पारवानी ने पुलिस को बताया कि वह पूर्व में चाइना में कपड़ों का व्यवसाय करती थीं, लेकिन कोरोना काल के बाद से अजमेर में ही रह रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपने परिचितों के साथ मिलकर चाइना की ‘कैनूज ट्रेडिंग लिमिटेड’ कंपनी को एक लाख डॉलर की लेगिंग्स का ऑर्डर दिया था। इसका भुगतान डॉलर में होना था।

pop ronak
M ranka bhajanlal cm

इसी दौरान उनके पति के परिचित कमल तिलोकानी और उसके भाई सुमित तिलोकानी ने उन्हें झांसा दिया कि यदि वे डॉलर के बजाय भारतीय मुद्रा (94 लाख 28 हजार 100 रुपये) का भुगतान भारत में ही उन्हें नकद कर दें, तो वे चाइना में डॉलर में भुगतान करवा देंगे। आरोपियों ने तर्क दिया कि इससे न केवल टैक्स बचेगा, बल्कि करेंसी एक्सचेंज में लगने वाला अतिरिक्त खर्चा भी बच जाएगा।

भरोसा कर सौंपी राशि, मिली फर्जी रसीद
आरोपियों की बातों में आकर हेमा पारवानी ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से राशि एकत्रित कर 15 से 17 जनवरी के बीच नकद राशि उन्हें सौंप दी। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब चाइना की कंपनी को भुगतान नहीं मिला, तो पीड़िता ने सुमित उर्फ सन्नी से संपर्क किया। आरोपियों ने टालमटोल करते हुए उन्हें एक रसीद थमा दी, जो जांच करने पर फर्जी पाई गई।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
पीड़िता के अनुसार, अब आरोपी न तो राशि लौटा रहे हैं और न ही कोई संतोषजनक जवाब दे रहे हैं। पुलिस ने कमल और सुमित तिलोकानी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों की धरपकड़ और लेनदेन के सबूतों की पड़ताल कर रही है।

sjps