सिर्फ 1 महीने में चांदी 40,000 रुपये सस्ती, क्या और गिरेगी कीमत या अब आएगी तेज रिकवरी? जानिए एक्सपर्ट का टार्गेट प्राइस

सिर्फ 1 महीने में चांदी 40,000 रुपये सस्ती
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर/जयपुर, 30 अक्टूबर। दिवाली से पहले चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पिछले एक महीने में चांदी के घरेलू हाजिर भाव में करीब 38,500 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई है। 30 सितंबर को जहां चांदी का भाव 2,22,273 रुपये प्रति किलो था, वहीं 30 अक्टूबर को यह गिरकर 1,83,800 रुपये प्रति किलो पर आ गया है।

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एमसीएक्स पर भी चांदी कमजोर बिक रही है। शुक्रवार को फ्यूचर्स कारोबार में चांदी करीब 1,84,000 से 1,86,000 रुपये प्रति किलो के बीच ट्रेड कर रही थी। जनवरी 2026 में चांदी अपने ऑल-टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो पर पहुंची थी; उस स्तर से अब कीमतें लगभग 55 फीसदी नीचे आ चुकी हैं।

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क्यों टूट रही चांदी?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता चांदी समेत कीमती धातुओं पर दबाव बना रही है। अमेरिकी फेड ने अक्टूबर में ब्याज दरें 3.75 से 4.00 फीसदी पर बरकरार रखी हैं, लेकिन महंगाई बने रहने पर आगे और सख्ती का संकेत दिया है।

इसके अलावा 2027 में चांदी बाजार में सप्लाई सरप्लस आने की उम्मीद है, जबकि ज्वेलरी डिमांड और औद्योगिक खपत कमजोर रहने का अनुमान है। इन कारणों से निकट अवधि में तेज रिकवरी की संभावना सीमित मानी जा रही है।

कहां करें खरीद, क्या है टार्गेट?
केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया के मुताबिक 1,80,000 रुपये प्रति किलो के आसपास चांदी की खरीदारी अच्छा मौका हो सकती है। उनका अनुमान है कि साल 2026 के अंत तक भाव 2,15,000 से 2,20,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकते हैं।

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ. रवि सिंह ने 1,72,000 रुपये प्रति किलो के करीब खरीद का सुझाव दिया है। उनके अनुसार शॉर्ट टर्म में 1,99,000 रुपये प्रति किलो का टार्गेट रखा जा सकता है।

टेक्निकल एनालिस्ट्स के लिए अगला बड़ा सपोर्ट ज़ोन 1,83,000 से 1,85,000 रुपये प्रति किलो के बीच है। अगर यह स्तर टूटता है तो बाजार में और गिरावट का खतरा बढ़ सकता है।

निवेशकों के लिए सलाह
एक बार में पूरी खरीद करने के बजाय 1,83,000 से 1,85,000 रुपये के स्तर पर धीरे-धीरे खरीद और 1,72,000 से 1,80,000 रुपये के बीच अतिरिक्त खरीद अधिक सुरक्षित रणनीति मानी जा रही है। लंबे समय के निवेशकों के लिए कुछ विश्लेषकों ने अगले 12 महीनों में 2,48,800 रुपये प्रति किलो तक का टार्गेट भी दिया है, लेकिन यह आक्रामक अनुमान है।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार विशेषज्ञों के दृष्टिकोण पर आधारित है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)


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