युवा शक्ति का आध्यात्मिक शंखनाद- 54 दिवसीय अखंड जप अनुष्ठान का भव्य समापन
युवा शक्ति का आध्यात्मिक शंखनाद- 54 दिवसीय अखंड जप अनुष्ठान का भव्य समापन


श्री डूंगरगढ़ \नई दिल्ली/कोलकाता, 6 फ़रवरी । अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद (ABTYP) द्वारा आयोजित ‘जप अभ्यर्थना 2.0’ का ऐतिहासिक महाकुंभ 6 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भक्ति और अनुशासन के इस अनूठे संगम में भारत और नेपाल की 340 शाखा परिषदों के 13,000 से अधिक युवाओं और किशोरों ने भाग लेकर आध्यात्मिक चेतना का नया अध्याय लिखा। 15 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ यह अखंड जप सिलसिला बिना किसी विराम के लगातार 54 दिनों तक चला, जिसमें कुल 6520 घंटों तक मंत्रों की गूंज सुनाई दी।


साध्वी संगीतश्रीजी एवं साध्वी डॉ परमप्रभाजी के पावन सानिध्य में आज मालू भवन में सुबह 10-11 1घंटा जप किया गया, जिसमें परिषद् अध्यक्ष विक्रम मालू, मंत्री पीयूष बोथरा सहित तेयुप व तेयुप के सदस्य , श्रावक- श्राविका सामाज,आदि स्थानीय पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रावक समाज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समापन समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस आयोजन को युवाओं के सर्वांगीण विकास और संप्रदाय की जड़ों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया।


अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह विशेष जप-अभ्यर्थना तेरापंथ के आद्य प्रवर्तक आचार्य श्री भिक्षु के जन्म त्रिशताब्दी वर्ष और विकास पुरुष गणाधिपति आचार्य श्री तुलसी के दीक्षा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को तेरापंथ धर्म संघ के गौरवशाली इतिहास और उसके सिद्धांतों से अवगत कराना था।
उल्लेखनीय है कि इस महायज्ञ का शुभारंभ स्वयं युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के मुखारबिंद से “ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ, जय तुलसी जय तुलसी जय तुलसी जय” के महामंत्र के साथ हुआ था। यह जप यात्रा आचार्य श्री भिक्षु की जन्मस्थली कंटालिया से शुरू होकर आचार्य तुलसी की जन्मस्थली लाडनूं तक की आध्यात्मिक विरासत को समेटे हुए थी। राष्ट्रीय महामंत्री सौरभ पटावरी और तपोयज्ञ आयाम के प्रभारी देव चावत ने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए देश-भर की युवा शक्ति और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
