पर्युषण पर बीकानेर के उपासरों व जिनालयों में बिखरी आध्यात्मिक छटा
पर्युषण पर बीकानेर के उपासरों व जिनालयों में बिखरी आध्यात्मिक छटा


धर्म-आध्यात्म के नाम पर बिचौलिए और दलाली पाप का कारण- आचार्य रामलालजी


बीकानेर ,12 सितम्बर । बीकानेर के छबीली घाटी स्थित सेवा सदन में अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्य श्री रामलालजी म.सा. ने पर्युषण पर्व के पांचवें दिन शनिवार को ओजस्वी प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का सच्चा कल्याण आत्म व परमात्म तत्व की प्रधानता को समझकर उनकी शरण लेने में ही निहित है। तीर्थंकरों और मोक्षगामी आत्माओं ने इसी मार्ग पर चलकर संयम, सत्य और अहिंसा के जरिए कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया है।


धर्म में दलाली गोत्र कर्म बंध का कारण
आचार्य प्रवर ने धर्म और अध्यात्म के नाम पर बढ़ रहे बाह्य आडंबरों और बिचौलियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धर्म के नाम पर धन वसूलना, चमत्कार दिखाकर खुद को ईश्वर का दूत बताना और महंगे अनुष्ठानों के जरिए मुक्ति का मार्ग बेचना धर्म-अध्यात्म की दलाली के अंतर्गत आता है। जैन दर्शन के कर्म सिद्धांत के अनुसार धर्म में दलाली करने से गोत्र कर्म का कठोर बंध होता है, जो आत्मा को बार-बार संसार के चक्र में बांधता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को किसी बिचौलिए के बिना आत्म-शुद्धि और सुगुरु की शरण में सच्ची साधना करने का मार्ग दिखाया।
छबीली घाटी में रिकॉर्ड तपस्याएं और ‘लोच में क्या सोच’ अभियान
अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी संघ के मंत्री सुरेश बच्छावत, सुरेन्द्र दस्साणी और कन्हैयालाल बैद ने बताया कि पर्युषण पर्व के तहत सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं 1 से 31 दिन की कठिन तपस्याएं कर रहे हैं। वहीं, ‘लोच में क्या सोच’ संकल्प के तहत मध्य प्रदेश से आए अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा पारम्परिक विधि से श्रावकों के केश लोच का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘प्रतिक्रमण सीखो’ अभियान के अंतर्गत निःशुल्क धार्मिक पुस्तकें वितरित की जा रही हैं।
पार्श्वचंद्र गच्छ उपासरे में कल्पसूत्र का वाचन और जन्मोत्सव की तैयारियां
आसानियों के चौक स्थित रामपुरिया के बड़े उपासरे में साध्वी पदम प्रभा के सान्निध्य में वयोवृद्ध साध्वी सुव्रता श्रीजी ने जैन धर्म के प्रतिष्ठित ग्रंथ ‘कल्पसूत्र’ का वाचन-विवेचन प्रारंभ किया। संघ के अध्यक्ष रवीन्द्र रामपुरिया व मंत्री प्रताप रामपुरिया ने बताया कि रविवार को भगवान महावीर स्वामी का जन्मोत्सव अपार उत्साह के साथ मनाया जाएगा, जिसमें प्रभु के पालने झुलाने का विशेष आयोजन होगा।
गंगाशहर के तुलसी विहार स्थित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ जिनालय में भी भव्य अंगी पूजा और भक्ति संध्या का आयोजन किया जा रहा है।
14 सितम्बर को मन मंदिर व शांति विहार में मनेगा गणेशोत्सव
बीकानेर शहर में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर 14 सितम्बर को विविध धार्मिक आयोजन होंगे। खतुरिया कॉलोनी स्थित मन मंदिर में स्वामी विमर्शानंद गिरि के आशीर्वाद से विशेष पूजन और श्रृंगार किया जाएगा। वहीं, पवनपुरी की शांति विहार सोसायटी में डॉ. राहुल राय व डॉ. सोनम राय के नेतृत्व में बनारस से मंगवाई गई गणपति की विशेष प्रतिमा का बनारस के वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा अभिजीत मुहूर्त में पूजन-अर्चन संपन्न कराया जाएगा।
