ऊंट उत्सव में ‘मान मनुहार’ का जादू, विदेशी मेहमानों ने जाजम पर बैठकर चखा बाजरे की रोटी और सांगरी का स्वाद


बीकानेर, 9 जनवरी । अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के आगाज के साथ ही बीकानेर की सुप्रसिद्ध मेहमाननवाजी और खान-पान की खुशबू सात समंदर पार से आए पावणों के सिर चढ़कर बोल रही है। उत्सव के पहले दिन शुक्रवार को रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित ‘बीकानेर जिला उद्योग संघ’ परिसर में एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित ‘मान मनुहार’ कार्यक्रम में पहली बार विदेशी पर्यटकों ने जाजम पर बैठकर पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का लुत्फ उठाया।


केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने खुद मेजबान की भूमिका निभाते हुए विदेशी पावणों की अगवानी की। मंत्री मेघवाल विदेशी मेहमानों के साथ जमीन पर बिछी जाजम पर बैठे और उन्हें बीकानेर के पारंपरिक भोजन—बाजरे की रोटी, राबड़ी, बाजरे का खीचड़ा, सांगरी की सब्जी, फळी-फोफळिया और चूरमे की ‘मनुहार’ की। विदेशी मेहमानों के लिए जमीन पर बैठकर थाली सजाकर भोजन करना एक बिल्कुल नया और भावविभोर कर देने वाला अनुभव था।


इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीकानेर का अपनापन और परंपराओं का निर्वहन पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजनों से दुनिया भर के पर्यटक बीकानेर की संस्कृति को करीब से जान और समझ सकेंगे। कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा और जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि सहित शहर के गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया।
परंपरागत उद्यम और हस्तशिल्प की दिखी झलक भोजन के साथ-साथ जिला उद्योग संघ परिसर में बीकानेर की उद्यम शक्ति का भी प्रदर्शन किया गया। यहाँ गोबर से बने ईको-फ्रेंडली उत्पादों, बीकानेरी भुजिया-पापड़, हस्तनिर्मित ऊनी गलीचों और शॉल की स्टॉल्स विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। लोक वाद्यों की सुमधुर धुन पर विदेशी मेहमान खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए।
सूर्य नमस्कार स्कल्पचर्स का लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और विधायक जेठानंद व्यास ने परिसर में स्थापित सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं पर आधारित विशेष मूर्तियों (स्कल्पचर्स) का लोकार्पण किया। मंत्री ने कहा कि ये आकृतियां आमजन को योग और स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करेंगी। इसके साथ ही, संदीप नौलखा की पहल पर तैयार की गई बिना बिजली के चलने वाली पर्यावरण अनुकूल ‘जल शीतलन व्यवस्था’ का भी उद्घाटन किया गया।
जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया और सचिव वीरेंद्र किराडू ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिक्षा, चिकित्सा और उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने बीकानेर की इस अनूठी ‘मान मनुहार’ परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के प्रयास की सराहना की।








