पुलिस में मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज वही युवक 58 घंटे बाद सकुशल गंगाशहर में मिला
पुलिस में मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज वही युवक 58 घंटे बाद सकुशल गंगाशहर में मिला

- सड़क हादसे में मौत की गलत रिपोर्ट से मचा था हड़कंप
- नशे और मानसिक बीमारी से ग्रसित था युवक, गंगाशहर में मेडिकल स्टोर संचालक की सूझबूझ से टला संकट
बीकानेर, 15 अक्टूबर । बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के नए मेडिसिन विंग से बिना बताए गायब हुए एक युवक को पुलिस ने 58 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित ढूंढ निकाला है। राहत की बात यह है कि जिस युवक की मौत की रिपोर्ट पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी थी, वह पूरी तरह सही-सलामत मिला है। युवक के मिलने के बाद उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है।


अस्पताल से बिना बताए चला गया था युवक


जानकारी के अनुसार, श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के पदमपुर थाना अंतर्गत क्षेत्र का रहने वाला सुभाष नशे का आदी होने के साथ-साथ मानसिक रोग से भी ग्रसित है। उसे उसके परिजन 12 अक्टूबर को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल लेकर आए थे, जहाँ उपचार के दौरान वह बिना किसी को बताए कहीं चला गया था।
हादसे में मौत की गलत रिपोर्ट से फैली सनसनी
इस बीच, सुभाष के पिता की शिकायत पर पदमपुर थाना पुलिस ने मोहन सिंह के खिलाफ सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज किया था। इस रिपोर्ट में गलती से हादसे में सुभाष की मौत होने का उल्लेख कर दिया गया था। बाद में जब पुलिस और परिजन बीकानेर पहुँचे, तब यह स्पष्ट हुआ कि सुभाष की मौत नहीं हुई है, बल्कि वह अस्पताल से लापता हो गया है। इसके बाद पुलिस और परिजनों की नींद उड़ गई और उसकी तलाश तेज कर दी गई।
व्हाट्सएप ग्रुप और मेडिकल स्टोर संचालक की सूचना से मिली मदद
युवक की तलाश के लिए पुलिस ने शहरभर के विभिन्न थानों की टीमों को लगाया और सोशल मीडिया के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप्स पर उसकी तस्वीर प्रसारित की। बुधवार शाम को गंगाशहर क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर संचालक ने सुभाष को सड़क पर घूमते हुए देखा। उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
परिजनों में खुशी का माहौल
युवक की तलाश में उसके गाँव से 25 से 30 लोग बीकानेर आए हुए थे। सुभाष के सकुशल मिल जाने से उसके माता-पिता और अन्य परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद वे उसे अपने साथ वापस गाँव ले गए।

