तेरापंथ धर्मसंघ के दीक्षा व उम्र ज्येष्ठ साधु शासनश्री मणिलाल जी का आकस्मिक देवलोक गमन

शासनश्री मणिलाल जी
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quicjZaps 15 sept 2025
हुलासमल जी लालानी

बीकानेर\जयपुर,17 अक्टूबर 2025. श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा द्वारा जारी सूचना के अनुसार,जैन धर्म तेरापंथ धर्मसंघ के दीक्षाज्येष्ठ साधु “शासनश्री” मुनिश्री मणिलाल जी 88 वर्ष (तेरापंथ दीक्षा क्रम 645) का आज करीब 11:30 बजे जयपुर में आकस्मिक रूप से देवलोक गमन हो गया। वो तेरापंथ धर्मसंघ के दीक्षा व उम्र में सबसे ज्येष्ठ साधु थे। मुनिवर लंबे समय से सिरियारी में विराजमान थे और वर्तमान में चिकित्सा के लिए जयपुर पधारे हुए थे। वे भंडारी हॉस्पिटल में चिकित्साधीन थे, जहां उनकी सेवा में मुनि अतुल कुमार जी (जगराओं) उपस्थित थे।
यह समाचार जैन तेरापंथ समुदाय के लिए एक गहन क्षति है। मुनिश्री मणिलाल जी तेरापंथ परंपरा के वरिष्ठतम साधुओं में से एक थे, जिन्होंने वर्षों तक आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उनका योगदान जैन धर्म के प्रचार-प्रसार और तेरापंथ के सिद्धांतों के पालन में अमूल्य रहा।
तेरापंथ भवन गंगाशहर में प्रवासरत उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमलकुमार जी ने गुरुवार को ही अपने प्रवचन में मुनिश्री मणिलाल जी का उल्लेख करते हुए फ़रमाया था की अब तेरापंथ धर्म संघ में सबसे वरिष्ठ साधू मुनिश्री मणिलाल जी हैं। उल्लेखनीय है कि मुनिश्री मणिलाल जी का 2017 से 2019 तक गंगाशहर में नैतिकता के शक्तिपीठ पर प्रवास रहा उसके बाद पुनः सिरयारी पधार गए थे। मुनिश्री मणिलाल जी आचार्यश्री तुलसी के भाई मुनिश्री चम्पालाल जी ( भाईजी महाराज ) व मुनिश्री सागरमल जी दोनों के साथ अंतिम समय तक रहे। बहुत ही सरल व निर्मल व्यक्तित्व के धनी थे उनको अंतिम प्रणाम।

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अनेक संस्थाओं व श्रावकों तथा थार एक्सप्रेस परिवार द्वारा जारी संदेश में कहा गया है: “मुनिवर की आत्मा के आध्यात्मिक उन्नयन की मंगलकामना करते हैं। आप शीघ्रातिशीघ्र मोक्षश्री का वरण करें।”जैन समुदाय और तेरापंथ अनुयायी इस दुखद घटना पर शोकाकुल हैं। मुनिश्री के शिष्यों, अनुयायियों और समस्त जैन समाज को हार्दिक संवेदना। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सिद्ध भूमि प्राप्त हो।

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श्वेताम्बर तेरापंथ संप्रदाय के वर्तमान संत समाज में सर्वाधिक संयम पर्याय वाले संत थे। वे पिछले कुछ वर्षों से सिरियारी भिक्षु समाधि स्थल पर स्थिरवास कर रहे थे।
देवलोक होने के पश्चात् उनके शव को भंडारी हॉस्पिटल से भिक्षु साधना केंद्र श्याम नगर लाया गया जहाँ चार्तुमासिक प्रवास कर रहे मुनि श्री तत्वरुचि तरुण एवं मुनि श्री संभव कुमारजी ने उनकी आत्मा के उतरोत्तर आध्यात्मिक विकास और चिरशांति की मंगल भावना व्यक्त की। दिवगंत संत की सेवा कर रहे मुनि श्री अतुलकुमारजी भी मौके पर उपस्थित थे। संत श्री मणिलालजी महाराज की स्मृति सभा शनिवार को भिक्षु साधना केंद्र श्याम नगर जयपुर में प्रातः 9:15 बजे रखी गयी है।​

 

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