कीर्तिशेष लक्ष्मीनारायण रंगा की 93वीं जयंती पर दो दिवसीय ‘सृजन सौरभ’ समारोह 29-30 को

कीर्तिशेष लक्ष्मीनारायण रंगा की 93वीं जयंती पर दो दिवसीय ‘सृजन सौरभ’ समारोह 29-30 को
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बीकानेर, 27 अक्टूबर । देश के ख्यातनाम साहित्यकार, चिंतक, रंगकर्मी एवं शिक्षाविद कीर्तिशेष लक्ष्मीनारायण रंगा की 93वीं जयंती के अवसर पर प्रज्ञालय संस्थान एवं श्रीमती कमला देवी-लक्ष्मीनारायण रंगा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय ‘सृजन सौरभ-हमारे बाऊजी’ समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन आगामी 29 एवं 30 अक्टूबर, 2026 को नत्थूसर गेट के बाहर स्थित ‘लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन-सदन’ में आयोजित होगा।

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संस्थान के प्रतिनिधि राजेश रंगा ने बताया कि समारोह के प्रथम दिन 29 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे पुस्तक संस्कृति और पठन रुचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कीर्तिशेष रंगा का साहित्य नई पीढ़ी को निःशुल्क भेंट किया जाएगा। इसी दिन रंगा जी की स्मृति में पौधारोपण किया जाएगा तथा गौसेवा के तहत गायों को गुड़ व चारा वितरित किया जाएगा।

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समारोह के दूसरे दिन 30 अक्टूबर को एक विशेष नवाचार के तहत शाम 5 बजे लक्ष्मीनारायण रंगा के तीन प्रसिद्ध नाटकों ‘सुमंगली-माधवी’, ‘सदियों का सूरज’ एवं ‘भूत’ के अंशों का रंग वाचन क्रमशः दयानंद शर्मा, प्रमोद शर्मा एवं कासिम बीकानेरी द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही रंगा जी को समर्पित विशेष काव्य गोष्ठी ‘तीन भाषा-तीन रंग’ का भी आयोजन होगा।

गौरतलब है कि कीर्तिशेष रंगा की हिंदी और राजस्थानी भाषा में 150 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में भी शामिल हैं। वे केंद्रीय साहित्य अकादमी (नई दिल्ली) के मुख्य राष्ट्रीय पुरस्कार, राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के ‘सुदीर्घ सेवा सम्मान’, संगीत नाटक अकादमी (जोधपुर) के ‘कला पुरोधा सम्मान’ तथा राजस्थान साहित्य अकादमी (उदयपुर) के ‘अमृत सम्मान’ से अलंकृत रह चुके हैं। प्रदेश की पहली बाल साहित्य अकादमी द्वारा उनके नाम पर पुरस्कार की स्थापना भी की गई है। उन्होंने जयपुर में प्रदेश के पहले बाल रंगमंच की स्थापना की तथा बीकानेर की लोक नाट्य परंपरा ‘रम्मत’ पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया। उन्होंने ‘पुलिस पत्रिका’, ‘भाषा परिचय’, ‘राजस्थान भारती’ एवं ‘पुष्करणा संदेश’ जैसी पत्रिकाओं का कुशल संपादन भी किया था।

 

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