शादी की खुशियां मातम में बदलीं, सड़क हादसे में मां, बेटे और गर्भवती बहू की मौत
सड़क हादसे में मां, बेटे और गर्भवती बहू की मौत


जयपुर, 10 फरवरी । राजस्थान की राजधानी जयपुर के जमवारामगढ़ इलाके में एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर रिश्तेदार की शादी में शामिल होने जा रहे मां, बेटे और बहू की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के कारण यह हादसा हुआ। मृतकों में 20 वर्षीय बहू भावना शामिल थी, जो चार महीने की गर्भवती थी। इस घटना के बाद मृतक परिवार के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।


पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 45 वर्षीय बल्लू देवी, उनके 24 वर्षीय बेटे बंटी और पुत्रवधू भावना के रूप में हुई है। बंटी गोपालगढ़ में एक चाय की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी शादी महज एक साल पहले ही भावना से हुई थी। रविवार दोपहर करीब 1 बजे, जब यह परिवार निंबी गांव में एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहा था, तभी जमवारामगढ़-राज्य राजमार्ग पर रोड़ा नदी के समीप मौत ने उन्हें अपनी आगोश में ले लिया।


तेज रफ्तार और डिवाइडर से टक्कर बनी काल
जमवारामगढ़ पुलिस स्टेशन के एसएचओ भगवान सहाय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण मोटरसाइकिल की अत्यधिक गति होना सामने आया है। तेज रफ्तार होने के कारण बंटी ने बाइक से नियंत्रण खो दिया और मोटरसाइकिल सीधे सड़क के बीच बने डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों उछलकर सड़क पर गिर पड़े। हेलमेट न होने या सिर में सीधी चोट लगने के कारण तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही बुझ गए जीवन के दीप
हादसे के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। जमवारामगढ़ पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर लहूलुहान हालत में तीनों को एम्बुलेंस के जरिए जयपुर के एसएमएस (SMS) अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि भावना चार महीने की गर्भवती थी, जिससे इस हादसे का दर्द और भी गहरा हो गया है।
वर्तमान में तीनों के शवों को एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया गया है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे गति सीमा का ध्यान रखें और सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
