शहर भाजपा अध्यक्ष का चुनाव टला गंगाशहर निवासी जैन समाज के तीन नेताओं की दावेदारी

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quicjZaps 15 sept 2025
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बीकानेर ,04 फरवरी। भारतीय जनता पार्टी ने बीकानेर में देहात अध्यक्ष पद का चुनाव तो करा दिया लेकिन शहर अध्यक्ष के लिए मुकाबला होना अभी शेष है। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए आवश्यक संख्या पूरी होने के बाद शहर में चुनाव की जरूरत ही महसूस नहीं हुई। अब पहले प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा और बाद में राष्ट्रीय अध्यक्ष का। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद ही बीकानेर सहित अन्य जिलों में शेष रहे चुनाव होंगे।

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बीकानेर में शहर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं होने का बड़ा कारण सहमति नहीं बन पाना था। अब पांच फरवरी को प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही बीकानेर में शहर अध्यक्ष पद पर चुनाव होंगे। दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचन के लिए 28 जिलाध्यक्षों के वोट चाहिए। ऐसे में अब तक सिर्फ उन्हीं जिलों में जिलाध्यक्ष बने हैं, जहां किसी तरह का कोई विवाद नहीं है। जहां भी थोड़ा बहुत विवाद है, उसे छोड़ दिया है। राज्य के 44 जिलाध्यक्ष होने पर अगर 28 एकतरफ होते तो प्रदेश अध्यक्ष बन जाएगा। ऐसे में अब तक निर्वाचित 28 जिलाध्यक्षों से एक ही नाम लेकर प्रदेश अध्यक्ष का गठन हो जाएगा। ऐसे में शेष जिलाध्यक्षों के मत का कोई अर्थ नहीं रहेगा।

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दरअसल, बीकानेर से तीन जैन समुदाय के नेता शहर जिलाध्यक्ष के दावेदार है। इसमें सबसे आगे दो नाम महावीर रांका और मोहन सुराणा का है। महावीर रांका पहले नगर विकास न्यास के चेयरमेन रह चुके हैं, जबकि मोहन सुराणा अर्से से भाजपा संगठन में महासचिव के पद पर नियुक्त है। दोनों आपस में जीजा – साला हैं। इन दोनों के बीच राजनीतिक खींचतान जग जाहिर रही है। पिछले दिनों मोहन सुराणा की बेटी के शादी के अवसर पर दोनों के बीच समझौते हो जाने के चर्चे चल रहें हैं । राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि एक ने नाम वापस लेने का आश्वासन दिया था । परन्तु स्पष्ट तौर पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। आश्वासन हकीकत में नहीं बदलने से दोनों के बीच पूरी तरह समझौता नहीं होने पर संगठन ने फिलहाल यहां चुनाव टाल दिए हैं। वहीं महिला के रूप में जैन समाज की ही सुमन छाजेड़ का नाम भी खूब चल रहा है। इन दो बड़े नेताओं की टक्कर में सुमन छाजेड़ को फायदा हो सकता है। वैसे भी भाजपा की निति नियमों के अनुसार 33 % अर्थात् 14 -15 जगहों पर महिला अध्यक्ष होनी चाहिए यह संख्या अभी तक आधी भी नहीं पहुंची है। अतः सुमन छाजेड़ की संभावना अधिक बन रही है।

 

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