फोटो खिंचवाने के लिए नहीं, मन से पौधे लगाएं” – डॉ. एस. सी. मेहता

फोटो खिंचवाने के लिए नहीं, मन से पौधे लगाएं" - डॉ. एस. सी. मेहता
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quicjZaps 15 sept 2025

अश्व अनुसंधान केंद्र में हरित महोत्सव

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बीकानेर, 24 जुलाई। राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, बीकानेर में आज महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गनाइजेशन, बीकानेर ग्रेटर के सौजन्य से औषधीय उद्यान में पौधारोपण कर ‘हरित महोत्सव’ मनाया गया। इस कार्यक्रम में पौधों के प्रति संवेदनशीलता और उनके संरक्षण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के प्रभागाध्यक्ष डॉ. एस. सी. मेहता ने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे केवल नाम कमाने या फोटो खिंचवाने के लिए पौधारोपण न करें, बल्कि मन से इसे लगाएं और नैतिकता से इसका पालन-पोषण करें। उन्होंने कहा कि यदि आप सिर्फ पानी पिलाते रहेंगे, तो पौधा न केवल अपनी वृद्धि करेगा बल्कि अत्यधिक गर्मी और सर्दी से भी लड़ लेगा।  डॉ. मेहता ने महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का हवाला देते हुए कहा कि पौधों में भी संवेदना होती है। इसलिए, हमें उनकी संवेदना का सम्मान करना चाहिए और दिन में एक बार उनसे मिलने जरूर जाना चाहिए। आपके मिलने से वे बहुत खुश होंगे और उन्हें जिंदा रहने का हौसला मिलेगा।

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निशुल्क पौध वितरण और जनचेतना पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नरेश गोयल ने पौधारोपण और संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अपनी दिली इच्छा व्यक्त की कि जल्द ही बड़े पैमाने पर पौधे तैयार कर पूरे क्षेत्र में निशुल्क बांटने का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने इस कार्य के लिए तन, मन, धन से सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि उनकी संस्था इस कार्य के लिए जानी जाए, ऐसा वे प्रयास करेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र जैन ने कहा कि पेड़ लगाने से बड़ा कोई पुनीत कार्य नहीं है, और 26 सौ वर्ष पहले भगवान महावीर ने भी कहा था कि पेड़ों में भी जीवन है और वे संवेदनाएं समझते हैं। साहित्यकार राजेंद्र जोशी ने अच्छे कार्यों को आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया, जिससे जनचेतना आती है और सामाजिक क्षेत्र में प्रगति होती है। बाबुलाल मोहता , सींथल ने कहा कि यदि जीवन में कुछ कार्य करने का समय मिले, तो पौधारोपण कर उसकी सेवा करें। उन्होंने कम संख्या में ही सही, लेकिन पौधों का अच्छी तरह से लालन-पालन करने पर जोर दिया। संस्था के सचिव कल्याण राम सुथार ने पौधों को धरती का शृंगार बताया और कहा कि इनके बिना धरती बंजर लगती है, इसलिए अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाए जाने चाहिए।

विशेष सहयोग और उपस्थिति
आज के कार्यक्रम में लखाणी ट्रस्ट, नापासर एवं संजय कोचर का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में डॉ. पूजा मोहता, पूरनचंद राखेचा, डॉ. रमेश देदर, डॉ. राव, डॉ. रत्नप्रभा, डॉ. कुट्टी, डॉ. जितेंद्र सिंह और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन श्री नरेंद्र चौहान, ओम प्रकाश और गोपाल ने किया, जिसमें केंद्र के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सहभागिता रही।

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