बीकानेर के सरकारी समाचार
बीकानेर के सरकारी समाचार


- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 – 2 मई से 20 जून तक 50 दिवसीय “योग दिवस काउंटडाउन” अभियान
- काउंटडाउन अभियान के तहत जिलेभर में हो रहे योगाभ्यास आयोजन
- योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयुर्वेद विभाग द्वारा विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित
- जिले के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर ( आयुष) में सुबह 7 से 8 बजे तक हो रहा योगाभ्यास का आयोजन
- जिले के विभिन्न पार्कों में भी आयोजित किया जा रहा है योगाभ्यास कार्यक्रम
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम है “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ”
बीकानेर, 9 मई । आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के सफल आयोजन एवं जनमानस में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में 2 मई से 20 जून तक 50 दिवसीय “योग दिवस काउंटडाउन” अभियान के तहत विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक एवं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के विभागीय नोडल अधिकारी डॉ. पवन कुमार पारीक ने बताया इस अभियान के अंतर्गत आयुर्वेद विभाग के द्वारा जिले के विभिन्न पार्कों, सार्वजनिक स्थलों, ग्राम पंचायतों तथा आयुष संस्थानों में नियमित रूप से योग, प्राणायाम एवं ध्यान सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।


विभिन्न पार्कों में हुआ सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम


डॉ पारीक ने बताया कि इसी क्रम में शनिवार को व्यास कॉलोनी में स्वामी दयानंद पार्क, मुक्ता प्रसाद कॉलोनी स्थित दादा पोता पार्क,राजकीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केन्द्र, गोगागेट में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभी जगह कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः सामूहिक योगाभ्यास से हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में आमजन ने भाग लिया।व्यास कॉलोनी स्थित स्वामी दयानंद पार्क में योगाभ्यास कार्यक्रम योग एवं प्राकृतिक चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष शेषमा द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें विभिन्न योगासन, प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, ध्यान एवं सूर्य नमस्कार का अभ्यास करवाया गया तथा योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी दी गई। डॉ शेषमा द्वारा रविवार को भी सुबह 7 से 8 बजे तक दयानंद पार्क में ही योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
उप निदेशक पारीक ने बताया कि योग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को जनभागीदारी के माध्यम से भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से जिलेभर में यह जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम है “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ”
उप निदेशक डॉ.पवन कुमार पारीक ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for One Earth, One Health” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य मानव एवं प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
जिले के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सुबह 7 से 8 बजे तक हो रहा योगाभ्यास
सहायक निदेशक आयुर्वेद विभाग डॉ. रिडमल सिंह राठौड़ ने बताया कि यह योगाभ्यास कार्यक्रम जिला मुख्यालय सहित समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में 2 मई 2026 से 20 जून 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। जिसमें कोई भी व्यक्ति हिस्सा ले सकता है।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2014 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया था। तब से विश्वभर में प्रत्येक वर्ष योग दिवस मनाया जाता है। योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन एवं आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।
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लोक अदालत की भावना से दंपति का आपसी समझौता
पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक मामला, जो परिवारिक न्यायालय संख्या-2, बीकानेर में विचाराधीन था, आज लोक अदालत की भावना के अनुरूप आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। यह मामला रवीना बनाम सुनील जावा (मुकदमा नंबर 1084/2025) के नाम से 4 सितंबर.2025 से धारा 144 बीएनएसएस के तहत लंबित था।
आज आयोजित लोक अदालत में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से राजीनामा प्रस्तुत किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इस समझौते के साथ ही लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त हो गया।
प्रार्थी पक्ष की ओर से न्याय मित्र के रूप में अधिवक्ता पारुल रंगा ने पैरवी की, जबकि अप्रार्थी पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपक वर्मा उपस्थित रहे। लोक अदालत की कार्यवाही में सदस्य कुलदीप जनसेवी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लोक अदालत के माध्यम से हुए इस समझौते को न्यायालय द्वारा सराहा गया, जिससे समय और संसाधनों की बचत के साथ पारिवारिक संबंधों में भी सुधार की संभावना बनी है।
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न्यायालयों में हुआ राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन, अनेक प्रकरणों का हुआ आपसी सहमती से निस्तारण
बीकानेर, 9 मई । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला अध्यक्ष तथा जिला एवं सेशन न्यायाधीश के निर्देशन शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिले के समस्त न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मांडवी राजवी ने अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में लोक अदालत का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर जिला मुख्यालय के न्यायिक अधिकारी न्यायाधीश अनवर अहमद चौहान, मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण, न्यायाधीश सत्यपाल वर्मा, पारिवारिक न्यायालय संख्या 1 व अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं बैक व वितीय संस्थान के अधिकारी उपस्थित रहे।
मांडवी राजवी, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश) ने बताया कि अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) के निर्देशन में इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 16 बेंचों का गठन किया गया। जिनमें दीवानी, फौजदारी (समझौता योग्य), मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, पारिवारिक न्यायालय के मामले, बैंक ऋण, विद्युत एवं स्थायी लोक अदालत, राजस्व तथा अन्य विभागों से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई। लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों तथा विभागीय प्रतिनिधियों के सहयोग से प्रकरणों का आपसी सहमति के आधार पर समाधान किया गया, जिससे पक्षकारों को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त हुआ। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण करना है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को बिना लंबी न्यायिक प्रक्रिया के शीघ्र न्याय मिलता है तथा समय व धन दोनों की बचत होती है।
सचिव, मांडवी राजवी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, (अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश) बीकानेर ने लोक अदालत बैंचों के सभी सदस्यों, अधिवक्ताओं, समस्त बैंकों के मैंनेजर/अधिकारियों, पक्षकारों, कर्मचारियों को इस लोक अदालत के आयोजन में सकारात्मक भूमिका अदा करने के लिये धन्यवाद प्रकट किया और अपील की कि भविष्य में भी आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों में समाज का प्रत्येक वर्ग सकारात्मक योगदान दें।
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- 11 मई को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का राज्य स्तरीय भव्य आयोजन
- पीएम मोदी की उपस्थिति में सोमनाथ से होगा मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण, प्रदेश के 41 जिलों के प्रमुख शिवालयों में विशेष आयोजन
जयपुर, 09 मई। सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष तथा मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कला एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार *11 मई, 2026 (सोमवार)* को देशव्यापी स्तर पर *‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’* मनाया जाएगा।
इसी क्रम में कला एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग तथा देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 11 मई को राज्य एवं जिला स्तर पर विभिन्न विभागों की सहभागिता से राज्य के शिवालयों में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी एवं राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम
11 मई को सोमनाथ, गुजरात में प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में शिखर कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसका राज्य के सभी प्रमुख शिवालयों में ऑनलाइन लाइव प्रसारण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
कला एवं संस्कृति विभाग की शासन सचिव श्रीमती शुचि त्यागी ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार देवस्थान विभाग तथा कला, साहित्य, संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व को जन-जन तक पहुँचने के लिए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ को गरिमामय एवं सफल रूप से आयोजित करने हेतु ज़िला प्रशासन के सहयोग से तैयारी कर रहे है।
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु श्रीमती अनुराधा गोगिया, उप शासन सचिव, कला एवं संस्कृति विभाग को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कार्यक्रम का प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किया जाएगा।
जिलेवार आयोजन स्थल
देवस्थान आयुक्त लक्ष्मी नारायण मंत्री ने बताया कि देवस्थान विभाग की ओर से दिनांक 08 मई, 2026 को जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी 41 जिलों के प्रमुख शिवालयों में कार्यक्रम आयोजित कर जिलेवार प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
11 मई को श्रीगंगानगर जिले में मंदिर श्री सदाशिवजी अनूपगढ़, हनुमानगढ़ में सनातन धर्म महावीर दल न्यास टाउन, चुरू में सदाशिव महादेव जी मंदिर, बीकानेर में शिखरबंद महादेव जी मंदिर, फलौदी में श्री लटियाल माताजी मंदिर, जैसलमेर में मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, बाड़मेर में शिवशक्ति धाम, बालोतरा में ब्रहमधाम आसोतरा, जालोर में आपेश्वर महादेव मंदिर, सिरोही में दुलेश्वर महादेव मंदिर, उदयपुर में श्री महाकालेश्वर महादेव रानी रोड, सलूम्बर में श्री नर्बदेश्वर महादेव जी मंदिर, डूंगरपुर में श्री भूवनेश्वर महादेवजी मंदिर, बांसवाड़ा में श्री वनेश्वर एवं श्री मदारेश्वर महादेवजी मंदिर, प्रतापगढ़ में श्री दीपनाथ महादेव जी, चित्तौड़गढ़ में श्री मंगलेश्वर महादेव मातृकुण्डिया, भीलवाड़ा में श्री हरनी महादेव मंदिर ट्रस्ट, कोटा में श्री नीलकंठ महादेव रेतवाली, बारां में श्री अन्नतराम जी व्यारेरामजी, झालावाड़ में श्री राजराजेश्वर बारहद्वारी, सवाई माधोपुर में मंदिर श्री विजयेश्वर महादेव जी, करौली में मंदिर श्री प्रतापेश्वर महादेव जी, धौलपुर में मंदिर श्री महादेव जी बगीया, भरतपुर में मंदिर श्री श्मशानेश्वर काली की बगीची, डीग में मंदिर अगरदत्ता हनुमान महादेव जी, अलवर में मंदिर श्री महादेव जी त्रिपोलिया, खैरथल-तिजारा में श्री शीतलदास जी महाराज आश्रम रैणागिरी मुंडावर, कोटपूतली-बहरोड़ में श्री पंचखंडपीठ लोक मंगल मठ विराटनगर, जयपुर में श्री झारखंड जी महादेव, दौसा में श्री सोमनाथ जी महादेव, टोंक में श्री भूतेश्वर महादेव टोडारायसिंह, बूंदी में श्री राजरजेश्वर जी महादेव केशोरायपाटन, राजसमंद में श्री रामेश्वर महादेव, पाली में सोमनाथ महादेव, ब्यावर में श्री दूधालेश्वर महादेव मंदिर चेरिटेबल ट्रस्ट, मालातों की बेर टाडगढ़, अजमेर में कोटेश्वर महादेव विकास सेवा न्यास, नागौर में श्री जबरेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट खाटू मेड़ता रोड, डीडवाना-कुचामन में भगवान श्री जानकी वल्लभ नागौरियों का मंदिर ट्रस्ट, सीकर में श्री बुद्धगिरी की मढ़ी, झुंझुनू में श्री लावेरेश्वर महादेव तथा जोधपुर में पातालेश्वर महादेव मंदिर में विशेष कार्यक्रम होंगे।
आयुक्त लक्ष्मी नारायण मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि 11 मई को निकटतम शिवालय में सहभागी बनकर इस ऐतिहासिक पर्व के साक्षी बनें।
