उपाध्याय अज्ञान के अंधकार को दूर करते हैं – मुनि मंथन प्रभ सागर

उपाध्याय अज्ञान के अंधकार को दूर करते हैं - मुनि मंथन प्रभ सागर
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बीकानेर, 2 अक्टूबर । रांगड़ी चौक स्थित सुगनजी महाराज के उपासरे में गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर के सान्निध्य में मुनि मंथन प्रभ सागर म.सा. ने आध्यात्मिक पर्व नवपद ओली के चौथे दिन उपाध्याय पद की महिमा का बखान किया। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को इस पद की साधना, आराधना और क्रियाएँ करवाईं।
उपाध्याय पद की महिमा
मुनिश्री ने बताया कि पंच परमेष्ठी में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य के बाद उपाध्याय पद सम्मानीय, पूजनीय और वंदनीय है।
ज्ञान और प्रकाश: उपाध्याय भगवंत ज्ञान, विनय आदि गुणों से विभूषित होते हैं और शास्त्रों के ज्ञान से धर्म-आध्यात्म के मर्म को समझाते हैं। वे अंतर के अज्ञान व अंधकार को दूर कर आत्मा, परमात्मा के स्वरूप और जीवन के वास्तविक महत्त्व को जानने का ज्ञान देते हैं।

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मार्गदर्शक: उपाध्याय वट वृक्ष और भगवान धन्वंतरि के समान होते हैं। वे धार्मिक-आध्यात्मिक ज्ञान में पारंगत होकर उस ज्ञान को शालीनता, सहजता और विनम्रता से दूसरों में बाँटते हैं। वे शिष्यों को दुर्गुणों और कषायों से दूर करने, भक्ष्य का उपयोग करने और अभक्ष्य को छोड़ने की सीख देते हैं।

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उदाहरण: मुनिश्री ने गौतम गणधर स्वामी और जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के महान आचार्य समय सुन्दर जी महाराज का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि गणधर गौतम स्वामी ने 50 हजार शिष्यों को केवल्य ज्ञान दिलाया, वहीं अपूर्व बुद्धि के धनी समय सुन्दरजी महाराज एक शब्द के अनेक सार्थक अर्थ निकालने में माहिर थे। नवपद ओली के चौथे दिन का प्रतीक हरा रंग होने के कारण, श्रद्धालुओं ने उबली दाल का सेवन करते हुए एकासना और आयामबिल जैसी तपस्याएँ कीं।

महिलाओं के लिए योग एवं ऋतु आहार विज्ञान शिविर
गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, साध्वी दीपमाला, और शंख निधि श्रीजी के सान्निध्य में 4 अक्टूबर को ढढ्ढों के चौक के इंद्रलोक में दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक एक योग शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के आयोजक खरतरगच्छ युवा परिषद थी । मार्गदर्शन: मंत्री विक्रम भुगड़ी ने बताया कि शिविर में डॉ. निशा दुजारी और रानी पारीक 15 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को योग का महत्व और ऋतु अनुसार आहार-विहार के वैज्ञानिक पक्ष पर मार्गदर्शन देंगी। विषय: शिविर का विषय “योग एवं ऋतु आहार विज्ञान” (दादी नानी के घरेलू नुस्खे) रखा गया है, जिसके लिए खरतरगच्छ महिला परिषद, बीकानेर इकाई की पदाधिकारी महिलाओं से संपर्क कर रही हैं।

 

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