मार्कण्डेय नगर में आरएसएस का पथ संचलन

मार्कण्डेय नगर में आरएसएस का पथ संचलन
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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 12 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मार्कण्डेय नगर की दो बस्तियों, मुक्ता प्रसाद नगर सेक्टर 3 और महाराणा प्रताप बस्ती, में रविवार को विजयादशमी उत्सव और पथ संचलन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला।
पथ संचलन का भव्य स्वागत
पथ संचलन में शामिल शिशु, बालक, युवा और वृद्ध स्वयंसेवकों ने घोष के साथ कदम से कदम मिलाते हुए सक्रिय भागीदारी निभाई। संचलन के मार्ग पर आमजन और मातृ शक्ति का जोश देखते ही बन रहा था। अनेक स्थानों पर लोगों ने “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। मार्ग पर रंगोली सजाकर और स्वागत द्वार बनाकर भव्यता से स्वागत किया गया। कार्यवाह गोविंद सुथार ने बताया कि मातृ शक्ति का हुजूम हाथों में पुष्पों की थाली लिए हुए संचलन के मार्ग पर समय से एक घंटे पूर्व ही तैनात था।

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विजयादशमी उत्सव और बौद्धिक
मार्कण्डेय नगर के कार्यवाह गोविंद सुथार ने बताया कि मुक्ता प्रसाद सेक्टर तीन में हुए उत्सव में मुख्य अतिथि भारतीय जीवन बीमा निगम के सेवानिवृत्त कार्मिक बनवारी लाल शर्मा थे, जबकि बौद्धिक नगर के सह कार्यवाह सुभाषजी ने दिया।

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महाराणा प्रताप बस्ती में हुए कार्यक्रम में बौद्धिक कर्ता जयपुर के वरिष्ठ प्रचारक कैलाश चन्द्र शर्मा थे और मुख्य अतिथि गणेश चंदेलिया, वाल्मीकि थे।
राष्ट्र निर्माण का आह्वान: बौद्धिक वक्ताओं ने संघ की स्थापना, उद्देश्य, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम और युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सेवा गतिविधियों व पंच परिवर्तन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

सामाजिक समरसता पर ज़ोर: वक्ताओं ने हिन्दू समाज को जागृत और संगठित बनने का संदेश दिया। उन्होंने छुआछूत, जाति वर्ग के भेद को मिटाकर सामाजिक समरसता और राष्ट्र के उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

गीत और श्लोक: जयपुर के प्रचारक कैलाश शर्मा ने रामचरितमानस की चौपाइयां और गीता के श्लोक के साथ प्रेरणादायक गीत “मांगे मातृभूमि से ये वर। हम दिन चार रहे न रहे। तेरा वैभव अमर रहे, माँ।।” का वाचन किया। कार्यवाह सुथार ने बताया कि मार्कण्डेय नगर की 9 बस्तियों का विजयादशमी उत्सव विजयादशमी से 12 अक्टूबर तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों के साथ उनके परिजनों और मोहल्लेवासियों ने उत्साह से भागीदारी निभाई।

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