सावधान ! अनजान को हॉटस्पॉट देना पड़ सकता है महंगा, खाली हो सकता है बैंक अकाउंट- राजस्थान पुलिस की चेतावनी
सावधान ! अनजान को हॉटस्पॉट देना पड़ सकता है महंगा, खाली हो सकता है बैंक अकाउंट- राजस्थान पुलिस की चेतावनी


जयपुर , 16 दिसम्बर। साइबर फ्रॉड के नित नए तरीकों में अब ठग मोबाइल हॉटस्पॉट फ्रॉड का नया पैंतरा अपना रहे हैं। यह साधारण सा दिखने वाला तरीका आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकता है। इसी खतरे से आगाह करते हुए राजस्थान पुलिस ने एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आम जनता से छोटी-सी सावधानी बरतकर बड़ी साइबर ठगी से बचने की अपील की है।


सहानुभूति का शिकार बनाकर ऐसे की जाती है ठगी


साइबर ठगी की घटनाओं में कमी न आने की मुख्य वजह साइबर एजुकेशन की कमी, लापरवाही, लालच और कई बार सहानुभूति दिखाना भी होता है। हॉटस्पॉट फ्रॉड का तरीका बहुत ही साधारण है। कोई अनजान व्यक्ति आपके पास आकर अनुरोध करता है कि उसका रिचार्ज खत्म हो गया है और उसे अर्जेंट रिचार्ज करने के लिए हॉटस्पॉट चाहिए। मदद के तौर पर जैसे ही आप हॉटस्पॉट ऑन करते हैं, उसी क्षण आपका मोबाइल साइबर अटैक के खतरे में आ जाता है और आपको इसका पता भी नहीं चलता।
ऐसे होता है खतरनाक ‘मालवेयर अटैक’
यह अटैक तब होता है जब आपका और ठग का मोबाइल हॉटस्पॉट के जरिए एक ही नेटवर्क पर कनेक्ट हो जाता है।
नेटवर्क कनेक्शन: हॉटस्पॉट कनेक्ट होते ही दोनों डिवाइस एक ही नेटवर्क पर आ जाते हैं।
मालवेयर ट्रांसफर: इस स्थिति का फायदा उठाकर ठग आपके मोबाइल में एक मालवेयर (हैकिंग प्रोग्राम) डाल देता है। यह ठीक वैसे ही होता है जैसे पहले ब्लूटूथ से फाइल भेजी जाती थी, लेकिन यहाँ भेजी गई फाइल फोटो या वीडियो नहीं, बल्कि एक हैकिंग प्रोग्राम होता है जो बिना दिखाई दिए चुपके से इंस्टॉल हो जाता है।
सिस्टम कंट्रोल: एक बार मालवेयर इंस्टॉल हो जाने के बाद, आपके मोबाइल का पूरा सिस्टम — जिसमें कॉल, मैसेज, ओटीपी, और बैंकिंग ऐप शामिल हैं — ठग के कंट्रोल में चला जाता है।
अपने मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये तरीके। राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- पासवर्ड सुरक्षा: हॉटस्पॉट को हमेशा पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखा जाना चाहिए।
- अनजान से बचें: किसी भी परिस्थिति में अनजान व्यक्ति को हॉटस्पॉट न दें।
- तुरंत बंद करें: हॉटस्पॉट का उपयोग न होने पर इसे तुरंत बंद कर दें।
- ब्लूटूथ: ब्लूटूथ को भी बिना जरूरत के हमेशा बंद ही रखा जाए।
- सतर्कता: सार्वजनिक जगहों पर विशेषतौर पर सतर्कता बरतें।
सुरक्षा के लिए ‘एम-कवच 2’ का उपयोग करें
मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अपनी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ‘एम-कवच 2’ (m-Kavach 2) सरकारी ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह ऐप आपके मोबाइल को वायरस, मालवेयर, अनचाहे कॉल, एसएमएस और डेटा चोरी जैसे साइबर खतरों से बचाए रखता है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
