राष्ट्रीय वेबिनार में गूंजी महिला स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा; बीकानेर की डॉ. मेघना शर्मा ने दिया बीज व्याख्यान

एमजीएसयू की इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा को मिला बेस्ट ऑनलाइन रिसर्च पेपर अवार्ड
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर , 8 जनवरी । शासकीय महाविद्यालय आलमपुर, भिंड द्वारा आयोजित ‘महिला स्वतंत्रता सेनानी (मध्य भारत के विशेष संदर्भ में)’ विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार में महिलाओं के ऐतिहासिक योगदान पर गहन चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। अपने बीज व्याख्यान (Keynote Address) में डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारतीय स्वाधीनता का इतिहास महिलाओं की आहुतियों और उनके शौर्य के बिना सदैव अधूरा माना जाएगा।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

डॉ. मेघना शर्मा ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 तक के कालखंड का विश्लेषण करते हुए कहा कि महिलाओं ने न केवल घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा आंदोलनों को मजबूती दी, बल्कि सशस्त्र क्रांति और भूमिगत गतिविधियों में भी निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने मध्य भारत की वीरांगनाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी गई इस लड़ाई ने ही स्वशासन के सपने को हकीकत में बदला है। उनके अनुसार, गांधीवादी अहिंसक आंदोलनों से लेकर सशस्त्र प्रतिरोध तक महिलाओं का अदम्य साहस प्रेरणादायी रहा।

pop ronak
BC opening

वेबिनार का विधिवत शुभारंभ सरस्वती पूजन और स्वागत गीत के साथ हुआ। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भगवान सिंह निरंजन ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि इतिहास विभाग की डॉ. मंदाकिनी शर्मा ने विषय प्रवर्तन करते हुए संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस डिजिटल मंच पर देश भर के विद्वानों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें प्रो. कुमार रत्नम, कल्याण सिंह कौरव, प्रो. संजय स्वर्णकार और डॉ. विनय श्रीवास्तव प्रमुख रहे। कार्यक्रम के अंत में धर्मवीर भदौरिया ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

खाओसा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *