सफलता, समर्पण एवं संस्कारों से परिपूर्ण एक अविस्मरणीय यात्रा संपन्न

सफलता, समर्पण एवं संस्कारों से परिपूर्ण एक अविस्मरणीय यात्रा संपन्न
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026
  • ज्ञानशाला गुरु दर्शन यात्रा, लाडनूं – 2026

चेन्नई, 24 अक्टूबर । मुनिश्री डॉ. पुलकित कुमार जी ठाणा–2 एवं साध्वीश्री उदितयशा जी ठाणा–4 के मंगल पाठ के साथ 15 अक्टूबर 2026 को प्रारंभ हुई 180 सदस्यीय ‘ज्ञानशाला गुरु दर्शन यात्रा’ 23 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह आध्यात्मिक और प्रेरणादायी यात्रा ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और आपसी सहयोग का एक अनूठा संगम साबित हुई।

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नेतृत्व एवं कुशल प्रबंधन
तेरापंथ सभा के अध्यक्ष महेंद्र मांडोत, मंत्री चंद्रेश चिप्पड़, यात्रा के प्रायोजक राजेश सुराणा (विल्लुपुरम) एवं संयोजक मनोज डूंगरवाल के कुशल नेतृत्व और समर्पण से यह मंगलमय यात्रा पूरी तरह सफल रही। इसके साथ ही ज्ञानशाला सह-प्रभारी प्रणब रायसोनी का संपूर्ण यात्रा में निरंतर एवं पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके लिए आयोजकों ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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गुरुदेव का सान्निध्य और ज्ञानार्थियों की शानदार प्रस्तुतियाँ

प्रवचन पंडाल में ज्ञानार्थियों ने लगभग 35 मिनट की दो भव्य प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। यात्रा के दौरान गुरुदेव प्रवर, युवाचार्य प्रवर, साध्वी प्रमुखाश्री जी एवं साध्वी वर्याश्री जी के विशेष सेवा-दर्शन का सौभाग्य मिला। इस दौरान संतों-महात्माओं ने ज्ञानार्थियों से संवाद किया तथा प्रशिक्षिकाओं ने सुंदर गीतिका प्रस्तुत की। ज्ञानार्थियों एवं प्रशिक्षिकाओं को लाडनूं के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थलों—सेवामंदिर, आचार्यश्री तुलसी के जन्मस्थल, दिगंबर जैन मंदिर, साध्वीश्री पन्नाजी के समाधि स्थल एवं जैन विश्व भारती का भी भ्रमण कराया गया।

इन महानुभावों का रहा विशेष योगदान

यात्रा की व्यवस्थाओं और सफल संचालन में हेमंत मालू, कमल आच्छा, हरीश आच्छा, कमल श्यामसुखा, पवन मांडोत, पुखराज पारख, हीरालाल छल्लानी, विकास छाजेड़, नरेंद्र भंडारी, मुदित धोखा, अंकित छल्लानी एवं लक्षित छल्लानी का सक्रिय सहयोग रहा।

सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रस्तुतियों को तैयार करने में श्रीमती भारती मूथा, श्रीमती आरती मालू, श्रीमती अमिता रांका, श्रीमती सुनीता रायसोनी, श्रीमती रक्षा आच्छा, श्रीमती नमिता बंबोली, श्रीमती अंकिता धोखा, श्रीमती संगीता बरडियां, श्रीमती सुभद्रा लुणावत और श्रीमती सपना सेठिया ने सराहनीय भूमिका निभाई। यात्रा के पलों को कैमरे में कैद करने का दायित्व सुश्री मीमांसा मूथा ने निभाया, जबकि मंच संचालन का कार्य श्रीमती अंकिता धोखा ने संभाला।

ज्ञानशाला व्यवस्थापक राजेश सांड ने बताया कि यह यात्रा केवल गुरु-दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने बच्चों में उच्च संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना का बीजारोपण किया है।

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