अणुव्रत काव्य धारा का भव्य आयोजन में कवियों ने छंदों के माध्यम से दिया मानवता और चारित्रिक उत्थान का संदेश

अणुव्रत काव्य धारा का भव्य आयोजन में कवियों ने छंदों के माध्यम से दिया मानवता और चारित्रिक उत्थान का संदेश
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

चेन्नई, 5 मार्च । अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी  के तत्वावधान में आचार्य श्री तुलसी द्वारा प्रवर्तित ‘अणुव्रत आंदोलन’ की 78वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चेन्नई में एक विशेष “अणुव्रत काव्य धारा” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अणुव्रत समिति और जैन लेखक मंच, तमिलनाडु के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कवि सम्मेलन ने साहित्य के माध्यम से मानवीय मूल्यों और नैतिक आचरण की अलख जगाई।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

कार्यक्रम का शुभारंभ तीर्थंकर स्तुति के साथ हुआ, जिसके बाद जैन लेखक मंच के अध्यक्ष एम. गौतमचंद बोहरा (सीए) ने अपने संबोधन में अणुव्रत आंदोलन को संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग बताया। अणुव्रत समिति की अध्यक्षा सुभद्रा लुणावत ने साहित्यकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि लेखकों और कवियों की वाणी ही अणुव्रत के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम है।

pop ronak
BC opening

साहित्यकार डॉ. दिलीप धींग ने अपनी ओजस्वी वाणी में ‘देश, जाति, वर्ण, पंथ से ऊपर आदमी है, आदमी को आदमी का ध्यान होना चाहिए’ जैसे छंद पढ़कर सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया और सुमधुर राजस्थानी गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रमेश बोहरा और उनकी पुत्रवधू द्वारा दी गई संवादात्मक काव्य प्रस्तुति रही, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

वरिष्ठ गीतकार नैनमल जैन, अमित मरडिया, केवल कोठारी, जयंतीलाल ‘जागरुक’, मनोहर ‘महक’ और सरिता सरगम जैसे प्रतिष्ठित रचनाकारों ने अणुव्रत के सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य और संयम—पर आधारित अपनी कविताओं का पाठ किया। इस अवसर पर अणुव्रत समिति द्वारा सभी सहभागी कवियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन शिल्पा बंब जैन ने किया, जबकि मंत्री कुशल बांठिया ने सभी आगंतुकों और कवियों का आभार व्यक्त किया।

खाओसा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *