बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर के सरकारी समाचार
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quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
  • वन्दे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान : कृषक कार्यशाला आयोजित, जल संरक्षण की दिलाई शपथ
  • प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, कंपोस्टिंग तकनीक व सूक्ष्म सिंचाई तकनीकी पर हुई चर्चा

बीकानेर, 3 जून। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘वन्दे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत बुधवार को कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) बीछवाल में कृषक कार्यशाला एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि विभाग तथा उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

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कार्यशाला में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसानों को जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए जल संरक्षण शपथ दिलाई गई।

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कार्यक्रम में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. दीपाली धवन, कम्यूनिटी साइंस महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. वीर सिंह यादव, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. मदनलाल तथा उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

गहलोत ने किसानों को जल की प्रत्येक बूंद के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण केवल आवश्यकता ही नहीं, यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से खेतों में जल के विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अपनाने का आह्वान किया।

इस दौरान खेती की नवीन तकनीकों पर भी चर्चा की गई। किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, मल्चिंग, फसल विविधीकरण तथा कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से जल की बचत के साथ-साथ उत्पादन लागत कम की जा सकती है तथा किसानों की आय में भी वृद्धि संभव है।

उल्लखेनीय है कि 25 मई से 5 जून तक चल रहे इस जन अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल बचत, बूंद-बूंद पानी के सदुपयोग, पौधारोपण तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा करना है। किसानों ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और अपने दैनिक जीवन तथा खेती-किसानी में पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लिया।
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  • वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान: रवीन्द्र रंगमंच पर 5 जून को सजेगी जिला स्तरीय सांस्कृतिक संध्या, होगा भव्य समापन
  • विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग का संयुक्त आयोजन; सायं 6:30 बजे शुरू होगा कार्यक्रम
  • लोक कलाओं के जरिए दिया जाएगा पर्यावरण संवर्धन और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का संदेश; सामूहिक संकल्प भी दिलाया जाएगा

बीकानेर, 3 जून । जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ का जिला स्तरीय समापन समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर आयोजित की जाएगी। बीकानेर के रवीन्द्र रंगमंच पर सायं 6:30 बजे आयोजित होने वाला यह भव्य कार्यक्रम कला, संस्कृति और जन-जागरूकता का एक अनूठा संगम बनेगा।

कलेक्टर के निर्देश पर स्थानीय कलाकार बिखेरेंगे संस्कृति के रंग
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक श्री अनिल राठौड़ ने बताया कि जिला कलेक्टर श्री निशांत जैन के दिशा-निर्देशानुसार इस भव्य सांस्कृतिक संध्या की रूपरेखा तैयार की गई है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर बीकानेर संभाग के प्रसिद्ध स्थानीय कलाकारों द्वारा राजस्थानी लोकगीतों और पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके साथ ही, विशेष रूप से जल एवं पर्यावरण थीम पर आधारित नाट्य और संगीत की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को मिल रहा भारी जनसमर्थन
संयुक्त निदेशक ने रेखांकित किया कि इन सांस्कृतिक माध्यमों से जिलेवासियों को वर्षा जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग), पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन तथा दैनिक जीवन में पानी की एक-एक बूंद बचाने का संदेश दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूरे जिले में इस अभियान के तहत वृक्षारोपण की विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही हैं। विशेष रूप से अभियान के साथ जुड़ी ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को बीकानेर में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है, जिसके जरिए हजारों नागरिक अपनी माताजी के नाम पर पौधे लगाकर उनके संरक्षण का जिम्मा उठा रहे हैं।

प्रशासन की अपील: जनभागीदारी से ही सिद्ध होंगे उद्देश्य
जिला प्रशासन ने बीकानेर के समस्त जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध संस्थाओं, युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और आम नागरिकों से इस समापन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी निभाने की अपील की है। प्रशासन का दृढ़ मानना है कि बिना जनसहभागिता के जल और पर्यावरण संरक्षण जैसे पुनीत लक्ष्यों को स्थाई रूप से प्राप्त नहीं किया जा सकता।

सांस्कृतिक संध्या के दौरान उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण और अमूल्य जल संपदा की रक्षा के लिए एक सामूहिक संकल्प भी दिलाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।

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विश्व दुग्ध दिवस पर डेयरी महाविद्यालय में डेयरी क्षेत्र के सभी हितधारक एक मंच पर आए

बीकानेर, 3 जून। राजुवास के डेयरी महाविद्यालय में बुधवार को विश्व दुग्ध दिवस-2026 हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पहली बार डेयरी वैज्ञानिकों, डेयरी इंजीनियरों, डेयरी किसानों, डेयरी व्यवसायियों तथा डेयरी क्षेत्र के भावी विशेषज्ञों (छात्र-छात्राओं) को एक मंच पर एकत्रित कर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

डेयरी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. राहुल सिंह पाल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान एनर्जी मिल्क, फ्लेवर्ड मिल्क, लस्सी, छाछ, आइसक्रीम सहित विभिन्न दुग्ध उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा उपस्थित जनों ने इनका स्वाद भी लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों, ग्रामीण महिलाओं, दुग्ध उत्पादकों, डेयरी व्यवसायियों, अधिकारियों एवं डेयरी इंजीनियरों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन्हीं के सतत प्रयासों के कारण भारत आज विश्व में दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने डेयरी क्षेत्र के सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

प्रो. राहुल सिंह पाल ने अपने संबोधन में दुग्ध की गुणवत्ता एवं पोषण महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दूध मानव जीवन का संपूर्ण आहार है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज तत्व, विटामिन तथा पर्याप्त मात्रा में जल पाया जाता है। उन्होंने कहा कि दूध एवं दुग्ध उत्पादों के बिना कोई भी सामाजिक अथवा पारिवारिक समारोह पूर्ण नहीं माना जाता।

उन्होंने बताया कि विकसित देशों की तुलना में भारत में प्रति पशु दुग्ध उत्पादन अभी भी अपेक्षाकृत कम है। इसे बढ़ाने के लिए संतुलित एवं पौष्टिक पशु आहार, हरे चारे का अधिक उपयोग, कृत्रिम गर्भाधान, लिंग वर्गीकृत वीर्य (सेक्स सॉर्टेड सीमन) तथा क्लोनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु चारा देने वाले वृक्षों के अधिकाधिक रोपण पर भी बल दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) के निदेशक डॉ. ए.के. पूनिया तथा उरमूल डेयरी प्रबंधन के प्रतिनिधि बाबूलाल विश्नोई ने भी विश्व दुग्ध दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, पशुपालकों, अधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डेयरी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, पशुपालक, विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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  • शहर में कहीं कचरे का ढेर नजर ना आए, तकनीकी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं- झाबर सिंह खर्रा, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार)
  • खर्रा ने नगर निगम, बीडीए व आवासन मंडल अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक

बीकानेर, 03 जून। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि शहर में कहीं भी कचरे का ढेर नजर नहीं आए। तकनीकी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं। नालों की सफाई समय पर हो। सीवरेज और ड्रेनेज को लेकर लोगों को समस्याओं का सामना ना करना पड़े। इसको लेकर संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं।

खर्रा बुधवार को सर्किट हाउस में नगर निगम, बीडीए और आवासन मंडल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। श्री खर्रा ने आमजन से प्राप्त हुए परिवेदनाओं का निस्तारण सात दिन में करने और निस्तारण नहीं होने की स्थिति में उसका कारण सहित प्रतिउत्तर देने हेतु निर्देशित किया।

खर्रा ने बीडीए की नई बिल्डिंग शहर से काफी दूर होने की बीकानेर पूर्व व बीकानेर पश्चिम विधायक की शिकायत पर निर्माण कार्य को तत्काल रोकने और जिला कलेक्टर को विधायकों के साथ ज्याइंट विजिट कर अन्य उपयुक्त स्थान को लेकर चर्चा करने हेतु कहा। सीवरेज ठेका कंपनी के कार्यों का निरीक्षण करने जयपुर से आई टीम के लीपापोती की शिकायत पर श्री खर्रा ने रूडसिको जयपुर से दुबारा निरीक्षण टीम भेजने और सीवरेज कार्यों की जांच करवाने की बात कही।

अमृत योजना अंतर्गत शहर मुख्यालय पर 265 करोड़ के विभिन्न विकास कार्य करने वाली टेक्नोक्रेट कंपनी द्वारा दो साल में कार्य पूरा नहीं कराने और आठ महीने ऊपर निकलने के बाद भी 70 फीसदी ही कार्य पूरा होने पर श्री खर्रा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कंपनी के खिलाफ पेनल्टी ऑर्डर के प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। बीकानेर पूर्व और बीकानेर पश्चिम विधायक ने भी कंपनी कार्यों को लेकर नाराजगी जाहिर की।

बैठक में खर्रा ने बीडीए के अंतर्गत आई शिवबाड़ी, करमीसर ग्राम पंचायतों में फर्जी पट्टों की जांच सीईओ जिला परिषद करने, बीडीए, नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों को शहर के विधायकों के साथ बैठकर अपनी अपनी भूमि चिन्हित करने, फैसिलिटी भूमि विकसित करने व अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों द्वारा अनाधिकृत कचरा डालने वाली जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने व संबंधित के खिलाफ जुर्माना लगाने, आवासन मंडल की शिवबाड़ी योजना में मिट्टी के अवैध खनन को लेकर मिट्टी माफियाओं पर नकेल कसने, अवैध रूप से बने अंडर ग्राऊंड बाजार को लेकर नोटिस देने, कचरा उठाने वाले टीपर्स की प्रतिदिन जीपीएस ट्रैकिंग की मॉनिटरिंग करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

बैठक में बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने नगरीय निकायों की जमीन पर कब्जा कर विभिन्न सामुदायिक भवन व मार्केट बनाकर निजी व्यक्तियों द्वारा पैसा वसूलने, मोहता सराय में कब्जा होने, विभिन्न श्मशान व कब्रिस्तान के लिए आवंटित भूमि से बाहर कब्जा करने, करमीसर ग्राम पंचायत द्वारा फर्जी पट्टे जारी करने की जांच करवाने की बात कही।

बीकानेर पूर्व विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी ने लाल क्वार्टर को सामुदायिक भवन के रूप में विकसित करने, कचरे का अच्छे से निस्तारण करने, सूरसागर के जीर्णोद्धार, शास्त्री नगर नाला की समस्या उठाई। खर्रा ने विधायकों की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए ताकि निगम की आय बढ़े। बैठक के बाद खर्रा और विधायकों ने सर्किट हाउस में पौधरोपण किया।

इससे पूर्व निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी ने बजट घोषणाओं व भविष्य के प्लान के बारे में बताया कि जयपुर रोड़ को म्यूजियम सर्किल से हल्दीराम प्याऊ तक 6 करोड़ की लागत से मॉडल रोड़ के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें ईवी चार्जर, फुटपाथ, समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। शहर की 10 अन्य सड़कों को भी मॉडल रोड़ बनाया जाएगा। साथ ही पांच बड़े प्रोजेक्ट केन्द्र सरकार को भिजवाए गए हैं। शहर में करीब आधा दर्जन बड़े प्रोजेक्ट पीपीपी मोड पर शुरू करने की कवायद की जा रही है। ठोस कचरे निस्तारण को लेकर जयपुर, जोधपुर की तर्ज पर कार्य किया जाएगा।

बैठक में बीकानेर पूर्व विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी, खाजूवाला विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल, बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी, निगम उपायुक्त श्रीमती सुमित्रा बिश्नोई, श्रीमती दमयंती कंवर,सचिव जगमोहन हर्ष, बीडीए उपायुक्त कुणाल राहड़, ऋषि पांडे, हाउसिंग बोर्ड के आवासीय अभियंता उस्मान गनी समेत बीडीए, नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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जिला पोषण अभिसरण योजना समिति की बैठक आयोजित
कार्यकर्ता और सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जल्दी जारी करें वैकेंसी: श्रीमती पांडे 
बीकानेर, 3 जून। महिला एंव बाल विकास विभाग की वर्ष 2026-27 के प्रथम त्रेमास की जिला पोषण अभिसरण योजना समिति की बैठक बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने आंगनबाड़ी केद्रों पर कार्यकर्ता तथा सहायिका के रिक्त पदों की वैकेंसी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक श्री सुभाष बिश्नोई ने बताया कि इसके लिए इसी सप्ताह विज्ञप्ति जारी किया जाना प्रस्तावित है। श्रीमती पांडे ने एफआरएस, आधार एवं मोबाइल वेरिफिकेशन शत प्रतिशत करने के तथा पोषण ट्रेकर ऐप पर अपलोड करने के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारी कोलायत, बज्जू, नोखा, श्रीडंूगरगढ़, लूणकरनसर और पूगल को आगामी बैठक तक अन्य परियोजनाओं की तरह प्रगति शत-प्रतिशत पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया।
श्रीमती पांडे ने 0-6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण स्तर के विभिन्न आयामों नाटापन, कम वजन तथा दुबलापन के संबंध में कार्यकर्ताओं द्वारा सही वजन और लम्बाई-ऊंचाई दर्ज करने के लिए समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया। आंगनबाड़ी केन्द्रों की आधारभूत सुविधाओं बिजली, पानी तथा शौचालय के लिए सबंधित विभागों से समन्वय कर शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रतिमाह मातृ शिशु एंव स्वास्थ्य दिवस आयोजित करने के लिए कहा। उन्होंने विभिन्न संकेतों में जिले की स्थिति पर संतोष जताया। साथ ही पोषण के लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
महिला  एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक ने विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में पोषण संबंधी सेवाओं की समीक्षा करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पोषण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना है।
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जिला कलक्टर ने पूगल में विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण, आडूरी में की जनसुनवाई
बीकानेर, 3 जून। जिला कलक्टर  निशांत जैन ने बुधवार को पूगल क्षेत्र के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया।
जिला कलक्टर ने पंचायत समिति पूगल की विभिन्न शाखाओं के कार्यों का फीडबैक लिया। कार्मिकों को पूर्ण गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि ग्रामीणों की परिवेदनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। यहीं अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण किया तथा भोजन कर रहे लोगों से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं अन्य व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुसार इसका संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पंचायत समिति परिसर में किए गए पौधारोपण कार्य का निरीक्षण किया।
जिला कलक्टर ने उप जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां आउटडोर एवं इनडोर की जानकारी ली। दवाइयों की उपलब्धता, जांचों की स्थिति, स्टाफ उपस्थिति के बारे में जाना। विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए मरीजों से फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मद्देनजर लू-तापघात और जलजनित बीमारियों के निदान के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने पुलिस थाना, राजस्व तहसील तथा उपकोष कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। पत्रावलियों का अवलोकन किया तथा आमजन के हित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।
अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे जल संरक्षण की मुहिम
जिला कलक्टर ने आडूरी ग्राम पंचायत में जनसुनवाई की। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा प्राप्त समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान के बारे में बताया और जल संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित अभियान के बचे हुए समय में अधिक से अधिक ग्रामीणों तक जल संरक्षण की मुहिम को पहुंचाया जाए। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
इस दौरान तहसीलदार श्री अशोक पारीक तथा विकास अधिकारी श्री गोपाराम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियानः 356 कार्यों की स्वीकृतियां जारी, संग्रहित होगा 5 जून तक स्वीकृत होंगे 244 और कार्य
व्यय होंगे 12 करोड़ से अधिक, 58 करोड़ लीटर अतिरिक्त बरसाती जल हो सकेगा संग्रहित
मीडिया राउंड टेबल में अधिकारियों ने दी जानकारी
बीकानेर, 3 जून। वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान के तहत बुधवार तक जलग्रहण विभाग द्वारा बरसाती जल संग्रहण के 356 कार्यों की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। यह कार्य होने से जिले में 41.2 करोड़ लीटर बरसाती जल संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी। इन कार्यों पर लगभग 8.48 करोड़ रुपए व्यय होंगे।
अभियान के तहत बुधवार को आयोजित मीडिया राउंड टेबल कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के अब तक तहत 273 फॉर्म पौंड और 83 टांके स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी स्वीकृतियां मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2 और 3 के तहत की गई हैं। उन्होंने बताया कि 5 जून तक 244 और कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। जिससे 17.4 लीटर अतिरक्त बरसाती जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी। इन पर 3.95 करोड़ व्यय किए जाएंगे। इस प्रकार सभी कार्य पूर्ण होने से जिले में 58 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल संग्रहण की क्षमता बढ़ सकेगी।

अधीक्षण अभियंता (जलग्रहण)  महेश अजाड़ीवाल ने बताया कि 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले में अब तक 12 हजार 839 गतिविधियां आयोजित की गई हैं। जिनमें 12 लाख 79 हजार 31 लोगों को जल संरक्षण,  जल बचत और बूंद-बूंद पानी के सदुपयोग के प्रति जागरुक किया गया है। अभियान के तहत 24 विभागों के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग द्वारा अब तक गांव-गांव में 10 हजार से अधिक छोटी-बड़ी गतिविधियां आयोजित की हैं।

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक  मुकेश गहलोत ने कहा कि जिले में ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’ की अवधारणा तथा बूंद-बूंद पानी की बचत की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। जिले में 20 हजार से डिग्गियां बनाई चुकी हैं। अब तक 14 हजार सोलर पंप संयंत्र की स्थापना की गई है, जिससे हमारे किसान सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, मिनी फव्वारा व फव्वारा के माध्यम से सिंचाई कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि खरीफ में 16 लाख हेक्टयर क्षेत्रफल में रबी में 6 लाख हेक्टयर क्षेत्रफल में फसलों की बुवाई हो रही है।
जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरि शंकर आचार्य ने मीडिया के साथ आयोजित विभिन्न गतिविधियों  की जानकारी दी। अभियान की रूपरेखा के बारे में बताया। इस दौरान जिला परिषद के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
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विद्युत निगम के कार्मिकों ने ली जल संरक्षण की शपथ, ट्रांसफॉर्मर्स के आस-पास की सफाई
बीकानेर, 3 जून। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता (जिला वृत्त) कार्यालय के अधीनस्थ समस्त कार्यालयों में बुधवार को ‘वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई।
निगम के अधीक्षण अभियंता  राजेंद्र कुमार ने बताया कि निगम के सभी कार्मिकों ने जल संरक्षण की शपथ ली। अधीक्षण अभियंता वृत्त कार्यालय में अधीक्षण अभियंता ने अभियान की रूपरेखा के बारे में बताया तथा कहा कि आज के दौर में जल संरक्षण और इसका समुचित उपयोग सबसे बड़ी चुनौती है। प्रत्येक नागरिक को इसमें भागीदारी निभानी चाहिए। इस दौरान कार्यालय परिसर की साफ-सफाई की गई तथा स्वच्छता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के तहत वृत्त के सभी उपखंड कार्यालयों में भी गतिविधियां हुई तथा यहां नियुक्त कार्मिकों ने विभाग के ट्रांसफॉमर्स के आस-पास झाड़-झंकार हटाए तथा साफ-सफाई की। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया। अधीक्षण अभियंता ने भी पौधा लगाकर ‘एक पेड़ मां के नाम’ का संदेश दिया।
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