शिवानंद आश्रम में पांच दिवसीय सत्संग संपन्न, स्वामी विमर्शानंदगिरि ने प्रेम को बताया आत्मा का मूल स्वरूप

शिवानंद आश्रम में पांच दिवसीय सत्संग संपन्न
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बीकानेर, 10 मार्च । सादुलगंज स्थित शिवानंद आश्रम में आयोजित पांच दिवसीय विशेष सत्संग का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। ब्रह्मलीन स्वामी संवित् सोमगिरिजी महाराज के आशीर्वाद और श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर (शिवबाड़ी) के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानंदगिरिजी महाराज के पावन सान्निध्य में चले इस समागम का मुख्य विषय ’ढाई आखर प्रेम के’ रहा।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

प्रेम का आधार: त्याग, सेवा और समर्पण
सत्संग के अंतिम दिन प्रेम तत्व की व्याख्या करते हुए स्वामी विमर्शानंदगिरिजी ने कहा कि प्रेम कोई बाहरी वस्तु नहीं, बल्कि हमारी आत्मा का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने प्रेम की शुद्धता पर जोर देते हुए कुछ मुख्य बिंदु साझा किए कि प्रेम जितना स्वार्थ और अहंकार से रहित होगा, उसका विस्तार उतना ही व्यापक होता जाएगा।

pop ronak

चार स्तंभ: प्रेम का वास्तविक आधार त्याग, सेवा, समर्पण और श्रद्धा में निहित है।

चुनौतीपूर्ण समय: वर्तमान में पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर प्रेम की धारा सूखती हुई प्रतीत हो रही है, जो एक गंभीर चुनौती है।

ईश्वरीय प्रेम की प्राप्ति ही जीवन का लक्ष्य
स्वामीजी ने आह्वान किया कि बालक से लेकर वृद्ध तक, समाज के हर वर्ग का यह दायित्व है कि वे अपने प्रेम को शुद्ध करें। उन्होंने कहा कि हमें अपने वर्ण और आश्रम के अनुसार शास्त्रीय कर्तव्यों का पालन करते हुए इसी जन्म में ईश्वरीय प्रेम पाने का प्रयास करना चाहिए। ईश्वर ने अत्यंत करुणा करके हमें भारत की इस पवित्र भूमि पर जन्म दिया है, और इस जीवन का एकमात्र उद्देश्य उस परम प्रेम की सार्थकता को समझना है।

सत्संग के समापन पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूज्य स्वामीजी का आशीर्वाद लिया और भजनों के माध्यम से भक्ति रस का आनंद लिया।

 

sesumo school
sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *