नामदेव समाज की महिलाओं ने धूमधाम से मनाया ‘फूलड़ा गणगौर’ उत्सव
नामदेव समाज की महिलाओं ने धूमधाम से मनाया 'फूलड़ा गणगौर' उत्सव


- हस्तकला और परंपरा का संगम
बीकानेर (गंगाशहर), 11 मार्च । बीकानेर के गंगाशहर क्षेत्र में संत नामदेव छींपा समाज की महिलाओं द्वारा ‘फूलड़ा गणगौर’ का पारंपरिक उत्सव अपार उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। शीतला सप्तमी के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की महिलाओं, युवतियों और बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया।


हस्तकला और सुहाग का प्रतीक
इस उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता फूलड़ा गणगौर का निर्माण है। समाज की महिलाओं ने लकड़ी और नीम की डालियों का उपयोग कर अपनी हस्तकला के माध्यम से अत्यंत सुंदर गवरजा की प्रतिमा तैयार की। परंपरा के अनुसार महिलाओं ने अपने स्वयं के सोने-चांदी के गहनों से मां गवरजा को सजाया।


भ्रमण और पूजा: गवरजा को पूरे मोहल्ले में घुमाया गया, जहाँ प्रत्येक घर के बाहर महिलाओं ने मां की पूजा-अर्चना की और ‘खोल भराई’ की रस्म अदा की।
भक्ति और नृत्य की त्रिवेणी
उत्सव के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्सवपूर्ण रहा। ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाओं ने सामूहिक घूमर नृत्य किया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु निष्ठापूर्वक फूलड़ा गणगौर की पूजा करता है, उसे अखंड सुहाग और मनोकामना पूर्ति का वरदान प्राप्त होता है।
इन्होंने निभाई मुख्य भूमिका
नामदेव ट्रस्ट के सचिव हनुमान छींपा ने बताया कि कार्यक्रम का सफल संचालन ललिता छींपा द्वारा किया गया। आयोजन को भव्य बनाने में यशोदा, प्रेमलता, संगीता, सुमन, लाली, छोटी देवी, लीक्ष्मा देवी, मनीषा, बसंती, किरणा, संतोष देवी, टीना, वंदना, वर्षा, सुशीला, रेखा सोनी, रुकमा देवी और अरुणा देराश्री सहित समाज की अनेक महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
