हुनर से संवरेगा आत्मनिर्भर भारत
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- स्वामी केशवानन्द कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) द्वारा पेमासर गाँव में महिलाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण आयोजित किया गया
बीकानेर , 28 अप्रैल। स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) द्वारा सामाजिक सरोकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय ने गोद लिए गए गाँव पेमासर में ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया।


कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर
पेमासर में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं रहीं:


व्यावहारिक प्रशिक्षण: महिलाओं को कढ़ाई, फ्री-हैंड पेंटिंग, बंधेज तथा विभिन्न प्रकार के बैग व पर्स बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
रोजगार की राह: विशेषज्ञों ने विभिन्न सरकारी रोजगार योजनाओं पर व्याख्यान दिए और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
स्वयं सहायता समूह (SHG): छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के महत्व को समझाया।
गर्मी से बचाव: वर्तमान मौसम को देखते हुए महिलाओं को लू और भीषण गर्मी से बचने के उपाय भी बताए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन सह-आचार्य डॉ. प्रसन्नलता आर्य, डॉ. वासुप्रिया पाराशर और डॉ. कोमल सिंह द्वारा किया गया।
“सशक्त आंगनबाड़ी – दान अभियान”
महाविद्यालय के ‘मानव विकास एवं पारिवारिक अध्ययन’ विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ करने के लिए विशेष गतिविधि आयोजित की गई।
नामांकन पर जोर: डॉ. मंजू कंवर राठौड़ और शिखा कपूर के मार्गदर्शन में अभिभावकों को बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकन करवाने के लिए प्रेरित किया गया।
सबकी सांझी भूमिका: बच्चों के मानसिक विकास और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की गई, जिसमें स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस आयोजन में पेमासर की बड़ी संख्या में महिलाओं, बालिकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
