बीछवाल-करणी औद्योगिक क्षेत्र में जल संकट, ‘फोर्टी’ और उद्योग संघ ने कलक्टर को सौंपा ज्ञापन, राहत की मांग
बीछवाल-करणी औद्योगिक क्षेत्र में जल संकट



बीकानेर, 12 मार्च । बीछवाल और करणी औद्योगिक क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप होने से उपजे गंभीर संकट के समाधान हेतु व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से गुहार लगाई है। फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के संभाग अध्यक्ष मनमोहन कल्याणी, द्वारकाप्रसाद पचीसिया और बीछवाल उद्योग संघ के अध्यक्ष प्रशांत कंसल ने जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि से मुलाकात कर इस सम्बंध में एक ज्ञापन सौंपा।


सैकड़ों इकाइयां और हजारों श्रमिक प्रभावित
प्रतिनिधिमंडल ने कलक्टर को बताया कि 12 मार्च से रीको (RIICO) द्वारा बीछवाल व करणी क्षेत्र में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है। इस निर्णय से न केवल औद्योगिक इकाइयों का संचालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि वहां स्थित आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले हजारों श्रमिकों और नागरिकों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।


सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खतरा
अग्निशमन सेवाओं पर असर: द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने चिंता जताई कि बीछवाल स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन की जलापूर्ति भी रीको पर निर्भर है। पानी की अनुपलब्धता के कारण किसी भी आगजनी की स्थिति में बड़ी दुर्घटना का खतरा बना रहेगा।
डिस्पेंसरी बेहाल: उद्योग संघ सचिव गौरव माथुर ने बताया कि पानी बंद होने से सरकारी डिस्पेंसरी में कार्यरत चिकित्सकों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
NGT के आदेश और बोरवेल कनेक्शन का कटना
प्रशांत कंसल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने रीको के बोरवेलों के विद्युत कनेक्शन काट दिए हैं, क्योंकि केंद्रीय भूजल प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति के बिना भूजल दोहन को अवैध माना गया है। उद्योगपतियों ने मांग की कि एनजीटी के आदेशों का सम्मान करते हुए प्रशासन को मानवीय आधार पर वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि जनजीवन और उद्योग प्रभावित न हों।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने के दौरान नरेश मित्तल, अनंन्तवीर जैन, विकास तापड़िया, भंवरलाल चांडक और गौरव माथुर सहित कई प्रमुख उद्यमी उपस्थित रहे। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार त्वरित समाधान का आश्वासन दिया है।
