बिना अनुमति बने भवनों की तैयार हो रही ‘कुंडली’, 16 मार्च तक मांगी सूची
नगर निगम बीकानेर का 699 करोड़ का बजट प्रस्ताव सरकार को प्रेषित


- अवैध निर्माणों पर नगर निगम की टेढ़ी नजर
बीकानेर, 13 मार्च 2026। बीकानेर नगर निगम क्षेत्र में बिना अनुमति और नियम विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्यों पर अब गाज गिरने वाली है। निगम प्रशासन ने शहर में चल रहे ऐसे सभी निर्माण कार्यों की ‘कुंडली’ तैयार करने के आदेश जारी किए हैं। 16 मार्च तक वार्ड अनुसार सूची तैयार होने के बाद निगम अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही अमल में लाएगा।


राजस्व को लग रहा बड़ा चूना
नगर निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बिना अनुमति निर्माण से निगम को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। यदि कोई भवन बिना स्वीकृति के बनता है, तो निगम को निम्नलिखित शुल्कों का नुकसान होता है .आवेदन एवं निर्माण अनुमति शुल्क, प्लांटेशन (वृक्षारोपण) शुल्क और पार्किंग शुल्क, लेबर सेस (श्रम उपकर), वॉटर हार्वेस्टिंग शुल्क .


वार्ड स्तर पर तैनात की गई टीमें
निगम ने इस सर्वे कार्य के लिए अपने कनिष्ठ अभियंताओं (JENs) और वार्ड जमादारों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। संबंधित सहायक अभियंताओं और स्वच्छता निरीक्षकों को इस पूरी प्रक्रिया के पर्यवेक्षण (Supervision) के निर्देश दिए गए हैं। यह टीमें प्रत्येक वार्ड में घूमकर उन भवनों को सूचीबद्ध कर रही हैं जो बिना किसी तकनीकी स्वीकृति के बन रहे हैं। स्वीकृत मानचित्र (Map) के विपरीत या निर्धारित सेट-बैक छोड़कर बनाए जा रहे हैं। व्यवसायिक उपयोग के लिए नियमों को ताक पर रखकर निर्मित हो रहे हैं।
कमिश्नर की दोटूक: नियम विरुद्ध निर्माण पर होगी कार्रवाई
नगर निगम बीकानेर के आयुक्त मयंक मनीष ने स्पष्ट किया है कि शहर के व्यवस्थित विकास के लिए निर्माण अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “बिना अनुमति और नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे निर्माण कार्य अवैध हैं। 16 मार्च तक सूची प्राप्त होते ही नियमानुसार जब्ती, सीलिंग या ध्वस्तीकरण जैसी कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।”
निगम की इस सख्ती से उन बिल्डरों और भवन स्वामियों में हड़कंप मच गया है जिन्होंने बिना अनुमति निर्माण कार्य शुरू कर रखे हैं। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे किसी भी निर्माण से पूर्व निगम से विधिवत अनुमति अवश्य लें।
