भव्य कलश यात्रा के साथ महायोगी पूर्णानन्द जी महाराज के आठ दिवसीय अनुष्ठान का आगाज़
भव्य कलश यात्रा के साथ महायोगी पूर्णानन्द जी महाराज के आठ दिवसीय अनुष्ठान का आगाज़


बीकानेर, 13 मार्च । धर्मनगरी बीकानेर के उपनगर भीनासर में शुक्रवार को आध्यात्मिक उत्साह का ज्वार उमड़ पड़ा। महायोगी अवधूत संत श्री श्री 1008 श्री पूर्णानन्द जी महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर श्री बंशीलाल राठी की बगीची में आठ दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ। केसरिया साड़ियों में सजी सैंकड़ों महिलाओं की कलश यात्रा ने समूचे क्षेत्र को ‘छोटी काशी’ के जीवंत स्वरूप में बदल दिया।


केसरिया सैलाब और श्रद्धा की परिक्रमा
शुक्रवार सुबह मुरली मनोहर मंदिर से भव्य कलश यात्रा रवाना हुई। कलश यात्रा का मार्ग: एक ही रंग की केसरिया साड़ी पहने और सिर पर श्रीफल युक्त कलश धारण किए महिलाएं भजनों की गूंज के साथ गंगाशहर, भीनासर और किशमीदेसर की परिक्रमा करते हुए आयोजन स्थल पहुंचीं।


पुष्पवर्षा और स्वागत: मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। गर्मी को देखते हुए स्थानीय निवासियों द्वारा शीतल जल और ठंडे पेय पदार्थों की सेवा (मनवार) की गई।
कथा व्यास का आगमन: रथ पर कथा व्यास परमहंस महंत डॉ. रामप्रसाद जी महाराज (जोधपुर) और मुरली मनोहर मंदिर के संत श्याम सुंदर महाराज विराजित थे, जबकि मुख्य जजमान सपत्नीक सिर पर श्रीमद् भागवत धारण किए नंगे पैर चले।
14 मार्च से ‘नानीबाई रो मायरो’ का रसपान
आयोजनकर्ता गौरीशंकर सारड़ा ने बताया कि मुख्य कथा का वाचन शनिवार से प्रारंभ होगा। कथा का समय: 14 मार्च से 20 मार्च तक, प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक। विषय: संगीतमय भक्तमाल कथा के अंतर्गत ‘नानीबाई रो मायरो’ का प्रसंग सुनाया जाएगा।
विधायक जेठानन्द व्यास करेंगे प्रदर्शनी का उद्घाटन
शनिवार, 14 मार्च को दोपहर 2:00 बजे बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानन्द व्यास विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वे महायोगी पूर्णानन्द जी महाराज के जीवन वृत्त पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस प्रदर्शनी के माध्यम से भक्तगण महाराज जी के आध्यात्मिक जीवन और उनकी तपस्या से रूबरू हो सकेंगे।
गणेश पूजन के साथ हुई थी शुरुआत
इससे पूर्व, गुरुवार को श्रीगणेश पूजन और ‘बाप जी’ के विशेष पूजन के साथ इस महोत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई थी। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। आयोजन को लेकर भीनासर और गंगाशहर के युवाओं, महिलाओं और पुरुषों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
