अजित फाउंडेशन आयोजित करेगा ‘फड़ चित्रकला’ पर निःशुल्क साप्ताहिक कार्यशाला
अजित फाउंडेशन आयोजित करेगा 'फड़ चित्रकला' पर निःशुल्क साप्ताहिक कार्यशाला



- डॉ. राकेश किराडू देंगे ट्रेनिंग, रजिस्ट्रेशन शुरू, बीकानेर में लोक कला को सहेजने की अनूठी मुहिम
बीकानेर, 14 जून। बीकानेर की अग्रणी सांस्कृतिक संस्था ‘अजित फाउंडेशन’ द्वारा राजस्थान की विश्वप्रसिद्ध लोक कला परंपरा को सहेजने के लिए एक अनूठी और सराहनीय पहल की जा रही है। फाउंडेशन के तत्वावधान में आगामी 20 जून से राजस्थानी लोक कला “फड़ चित्रकला’’ (Phad Painting) पर एक विशेष साप्ताहिक कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला कला प्रेमियों और युवा पीढ़ी के लिए राजस्थान की समृद्ध और पारंपरिक लोक चित्रकला को बेहद करीब से समझने एवं सीखने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी।


सांस्कृतिक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ना मुख्य उद्देश्य- संजय श्रीमाली


अजित फाउंडेशन के संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने कार्यशाला के विजन को स्पष्ट करते हुए बताया कि इस वृहद आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थान की पारंपरिक लोक कलाओं का संरक्षण करना, उनका संवर्धन करना तथा आज की आधुनिक और नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत व जड़ों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि फड़ चित्रकला केवल रंगों का संयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति और देवानुभूतियों के महाकाव्यों को कैनवास पर जीवंत करने की एक पवित्र कला विधा है।
डॉ. राकेश किराडू के निर्देशन में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस साप्ताहिक कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में ख्यातनाम कला विशेषज्ञ डॉ. राकेश किराडू उपस्थित रहेंगे। वे प्रतिभागियों को फड़ चित्रकला के ऐतिहासिक क्रमिक विकास, इसके पारंपरिक स्वरूप, रेखांकन की विशेष तकनीक, प्राकृतिक रंग-संयोजन (कलर कंपोजिशन) और कपड़ों पर इसकी घिसाई-तैयारी का गहन व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण देंगे। उनके साथ ही सहायक प्रशिक्षक के रूप में जयश्री सुथार एवं निशा सुथार भी पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान संभागियों का मार्गदर्शन करेंगी और कला की बारीकियों को सीखने में उनका सहयोग करेंगी।
20 से 27 जून तक निःशुल्क रहेगी कार्यशाला, पंजीकरण अनिवार्य
संस्था द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह फड़ चित्रकला कार्यशाला पूरी तरह निःशुल्क (Free of Cost) है, ताकि अधिक से अधिक कला अनुरागी इसका लाभ उठा सकें।
अवधि: यह कार्यशाला आगामी 20 जून से शुरू होकर 27 जून 2026 तक चलेगी।
समय: प्रतिदिन सायंकाल 5:30 बजे से 6:30 बजे तक एक घंटे का विशेष सत्र आयोजित होगा।
स्थान: अजित फाउंडेशन सभागार, बीकानेर।
आयु सीमा: कार्यशाला में 15 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी नागरिक, विद्यार्थी या कलाकार भाग ले सकता है।
चूंकि कार्यशाला में सीटें सीमित हैं, इसलिए इसमें प्रवेश के लिए कार्यक्रम शुरू होने से पहले अपना अग्रिम पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करवाना अनिवार्य किया गया है। बीकानेर की जागरूक चेतना और कला प्रेमियों के लिए अपनी पारंपरिक लोक कला को साक्षात सीखने का यह एक सुनहरा मौका है।


