अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व बीकानेर के जवाहर पार्क में योग का महाकुंभ
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व बीकानेर के जवाहर पार्क में योग का महाकुंभ



- सैकड़ों नागरिकों ने एक स्वर में लिया ‘योग युक्त-नशा मुक्त’ जीवन का संकल्प; आयुर्वेद व पतंजलि संस्थान की अनूठी पहल
बीकानेर, 14 जून । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की पूर्व तैयारियों के सिलसिले में रविवार को बीकानेर के जवाहर पार्क में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया। महर्षि पतंजलि योग संस्थान एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में शहरवासियों का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। शिविर में बच्चों, युवाओं और महिलाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया और सामूहिक रूप से ‘योग युक्त और नशा मुक्त’ जीवन जीने का दृढ़ संकल्प लिया।


योगा फॉर हेल्दी एजिंग” थीम पर हुआ सामूहिक अभ्यास


इस विशेष प्रांतीय शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में आयुर्वेद विभाग के डॉ. इरशाद रफीक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण योग गुरु दीपक शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ सामूहिक योग प्रोटोकॉल अभ्यास रहा। इस दौरान पूरा जवाहर पार्क परिसर ‘‘करेंगे योग, रहेंगे निरोग’’ के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
योग गुरु दीपक शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’’ (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। बीकानेर के योग साधकों ने आज यह संदेश दिया है कि एक स्वस्थ भारत का सपना केवल दवाइयों और अस्पतालों के भरोसे पूरा नहीं हो सकता; इसके लिए हर नागरिक को अपनी दिनचर्या अनुशासित करनी होगी और योगमय जीवनशैली को अपनाना होगा। योग किसी एक आयु वर्ग के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग है।
योग और आयुर्वेद एक ही जीवन दर्शन के दो स्तंभ: डॉ. इरशाद रफीक
मुख्य अतिथि डॉ. इरशाद रफीक ने चिकित्सा और योग के समन्वय पर बल देते हुए कहा कि आयुर्वेद और योग एक ही सिक्के के दो पहलू और भारतीय जीवन दर्शन के सशक्त स्तंभ हैं। योग जहां मानव के शरीर और मन में संतुलन स्थापित करता है, वहीं आयुर्वेद हमें प्रकृति के नियमों के अनुरूप जीने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि यदि आज का इंसान नियमित योग, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच को आत्मसात कर ले, तो वह जीवनशैली से जुड़ी अनेक गंभीर बीमारियों से आसानी से बच सकता है। योग मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि जीवन को आनंदित बनाने का विज्ञान है।
संस्कारों की पीढ़ी और मोबाइल की लत से मुक्ति की सीख
शिविर के सफल संचालक नंदलाल शर्मा ने सामाजिक दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि यदि परिवार का मुखिया योग की शुरुआत करता है, तो घर में संस्कारों की एक नई पीढ़ी तैयार होती है। योग हमें माता-पिता, समाज और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराता है।
वहीं, वरिष्ठ योगाचार्य कन्हैयालाल सुथार ने वर्तमान दौर की सबसे बड़ी चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि आज बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन की लत से बाहर निकालकर मैदानों, खेलों और योग से जोड़ना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर ही मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकता है।
एडवांस योग प्रदर्शन ने मोहा मन, युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील
समारोह के दौरान प्रख्यात योग शिक्षक मोहित स्वामी ने हैरतअंगेज और कठिन ‘एडवांस योग’ आसनों का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। योग शिक्षक मोहित राजपुरोहित एवं किशन व्यास ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए योग की जटिल बारीकियों को बेहद सरल भाषा में आमजन को समझाया। द्रोणाचार्य तीरंदाजी संस्थान के लोकेश व्यास ने युवाओं को विशेष सीख देते हुए आह्वान किया कि वे आधुनिक जीवन की अंधी दौड़, मानसिक तनाव और नशे के गर्त में जाने के बजाय योग व खेल को अपनाएं। संस्थान के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन की असली पूंजी है और यह अमूल्य विरासत हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को सौंपनी होगी।
शिविर के समापन पर जवाहर पार्क में जुटे सैकड़ों नागरिकों ने एक साथ नशामुक्त समाज के निर्माण, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्रतिदिन योग करने की शपथ ली। इस ऐतिहासिक योग उत्सव को सफल बनाने में सुरेंद्र जांभड़, धर्माराम विश्नोई, सुखसिंह, भंवरलाल सुथार, अमित राजपुरोहित, रामेश्वर गोदारा, गणेश सुथार, वंशिता, महिमा स्वामी, रविप्रकाश शर्मा, धर्मचंद सोनी, सुनील स्वामी एवं राजकुमारी शर्मा सहित पतंजलि संस्थान के अनेक कार्यकर्ताओं और शहर के सजग प्रबुद्ध नागरिकों ने अपनी सराहनीय सेवाएं दीं।


