श्रद्धा और समर्पण से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव- महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज

श्रद्धा और समर्पण से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव: महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज
mmtc 31 oct 2026
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर, 17 मार्च । महायोगी अवधूत संत श्री श्री 1008 श्री पूर्णानन्दजी महाराज की 60वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित धार्मिक महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को ‘नानीबाई रो मायरो’ (संगीतमय भक्तमाल कथा) का प्रवाह उमड़ा। कथा व्यास परम पूज्य परमहंस महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग का मर्म समझाया।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

भक्त का सच्चा भाव ही सर्वोपरि
कथा वाचन करते हुए डॉ. रामप्रसाद महाराज ने कहा कि भगवान की कृपा के बिना संसार का कोई भी कार्य सिद्ध नहीं हो सकता। उन्होंने जोर देकर कहा:

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

“जहां अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण होता है, वहां ईश्वर स्वयं मार्ग दिखाते हैं। भक्त का सच्चा और निश्छल भाव ही परमात्मा को प्रसन्न करने का एकमात्र साधन है।”

नरसी मेहता और अनन्य भक्तों का प्रसंग
महाराज ने कथा के दौरान नरसी मेहता के जीवन प्रसंग का मार्मिक विवेचन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नरसी जी ने अंतर्मन से भगवान के चरणों में ‘पर्ची’ रखकर सब कुछ उन पर छोड़ दिया था। इसी क्रम में उन्होंने मीराबाई, करमाबाई और धन्ना भक्त की कथाएं सुनाकर यह सिद्ध किया कि भगवान अपने भक्तों के लिए हर कठिन समय में साथ निभाते हैं।

भजनों की स्वर लहरियों से महकी बगीची
आयोजन समिति के गौरीशंकर सारड़ा ने बताया कि बंशीलाल राठी की बगीची में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

भजन संध्या: 16 मार्च की रात नारायण बिहाणी ने ‘बापजी’ के मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय कर दिया।

आगामी कार्यक्रम: मंगलवार की रात्रि को सुप्रसिद्ध गायक मास्टर भंवर अली अपने भजनों के माध्यम से बापजी का गुणगान करेंगे।

इस महोत्सव में बीकानेर के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचकर संतों का आशीर्वाद ले रहे हैं और भक्ति रस का आनंद उठा रहे हैं।

 

adv change on 24 oct 2026