आरटीई पुनर्भरण पर आर-पार की जंग- निजी स्कूलों ने दी 10 दिन की चेतावनी, प्रवेश रोकने का किया ऐलान
आरटीई पुनर्भरण पर आर-पार की जंग- निजी स्कूलों ने दी 10 दिन की चेतावनी


बीकानेर, 17 मार्च । राजस्थान के शिक्षा विभाग और निजी स्कूल संचालकों के बीच आरटीई (RTE) पुनर्भरण को लेकर गतिरोध गहरा गया है। ‘प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन’ के बैनर तले प्रदेश के 11 संगठनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार शाम फेडरेशन ने अतिरिक्त निदेशक (प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा) शैलेन्द्र देवड़ा को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों में समाधान नहीं हुआ, तो प्री-प्राइमरी कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया का बहिष्कार किया जाएगा।


10 दिन का अल्टीमेटम: प्रवेश पर लगेगी रोक
फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षा विभाग प्री-प्राइमरी कक्षाओं (PP-3, PP-4 और PP-5) के भुगतान को लेकर ‘हठधर्मी’ रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय ने 8 जनवरी 2026 को स्पष्ट आदेश दिए थे कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं का पुनर्भरण किया जाए, लेकिन विभाग मौन है।


प्रवेश बहिष्कार: यदि अगले 10 दिनों में पुनर्भरण हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए, तो प्रदेश का कोई भी निजी स्कूल इन कक्षाओं में आरटीई के तहत एक भी नया प्रवेश नहीं देगा।
ज्ञापन की मुख्य मांगें: एक नजर में
निजी स्कूल संचालकों ने केवल प्री-प्राइमरी ही नहीं, बल्कि भुगतान से जुड़ी अन्य तकनीकी और पुरानी समस्याओं पर भी विभाग को घेरा है:
- बकाया भुगतान: सत्र 2025-26 की दोनों किश्तों का भुगतान अप्रैल माह में एक साथ करने की मांग।
- पुराने बैरियर्स हटाना: सत्र 2018-19 से 2020-21 के बीच विभिन्न ‘बैरियर्स’ लगाकर रोके गए भुगतान को तुरंत जारी करना।
- कोरोना काल का पुनर्भरण: महामारी के दौरान ऑफलाइन कक्षाएं लगाने वाले स्कूलों को बिना किसी शर्त के त्वरित भुगतान।
- पोर्टल ओपन करना: तकनीकी समस्याओं के कारण भौतिक सत्यापन (Physical Verification) रिपोर्ट अपलोड न कर पाने वाले स्कूलों को एक अंतिम अवसर देना।
- यूनिट कॉस्ट में वृद्धि: पिछले पांच वर्षों से यूनिट कॉस्ट न बढ़ाने का विरोध करते हुए इसे वर्तमान महंगाई के अनुरूप तर्कसंगत बनाने की मांग।
प्रमुख संचालकों की उपस्थिति
खैरीवाल ने बताया कि इस अवसर पर फेडरेशन के सहसचिव लोकेश कुमार मोदी, प्रभुदयाल गहलोत, तरविन्दर सिंह कपूर, रमेश बालेचा, रघुनाथ बेनीवाल, घनश्याम साध हरिनारायण स्वामी, अभिजीत व्यास, रविकांत पुरोहित, सोमेश्वर स्वामी, रामदेव गौर, युवराज जैन, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, उदयवीर सिंह, भरतसिंह राठौड़, पंकज गौड़, घनश्याम स्वामी, कुणाल सिंह कपूर सहित अनेक प्राईवेट स्कूल्स संचालक उपस्थित थे।
