मंत्रालयिक कर्मचारियों की डीपीसी 31 मार्च तक पूर्ण करने की मांग
कमल नारायण आचार्य


- शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ ने शिक्षा मंत्री को भेजा पत्र
बीकानेर, 22 मार्च । शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान (बीकानेर) ने शिक्षा विभाग में कार्यरत मंत्रालयिक संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लंबित पदोन्नतियों (DPC) को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमलनारायण आचार्य ने रविवार को शिक्षा मंत्री, शासन सचिव (कार्मिक) और शिक्षा निदेशक सहित उच्चाधिकारियों को ईमेल के जरिए एक अति आवश्यक मांग पत्र प्रेषित किया है।


आर्थिक नुकसान और पदोन्नति में देरी पर चिंता
प्रदेशाध्यक्ष आचार्य ने पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 2017 से 2025-26 तक की रिव्यू, बकाया और नियमित डीपीसी अभी तक लंबित हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में मात्र कुछ दिन शेष हैं, ऐसे में पदोन्नति आदेश जारी न होने से कर्मचारियों को प्रतिमाह हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि कैडर रिव्यू के बाद स्वीकृत हुए नए पदों को भी इस डीपीसी प्रक्रिया में शामिल किया जाए ताकि अधिक से अधिक कार्मिकों को लाभ मिल सके।


संघ द्वारा निर्धारित समय-सीमा (Deadlines):
संघ ने प्रशासन के समक्ष दो मुख्य चरणबद्ध मांगें रखी हैं।
संस्थापन व प्रशासनिक अधिकारी (25 मार्च तक): शासन एवं निदेशालय स्तर पर संस्थापन अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों की डीपीसी 25 मार्च 2026 तक पूर्ण कर चयन और यथावत कार्यभार ग्रहण करने के आदेश जारी हों।
मण्डल व जिला स्तर (30 मार्च तक): वरिष्ठ सहायक से सहायक प्रशासनिक अधिकारी, कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक, और सहायक कर्मचारी से जमादार पदों के लिए डीपीसी 30 मार्च 2026 तक संपन्न की जाए।
प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
कमलनारायण आचार्य ने बताया कि शासन स्तर से कैडर रिव्यू की स्वीकृति मिलने और निदेशालय द्वारा पदों की कमी-वृद्धि के आदेश जारी होने के बाद अब डीपीसी में देरी का कोई तार्किक आधार नहीं है। संघ ने चेतावनी भरे लहजे में स्पष्ट किया कि यदि समय रहते आदेश प्रसारित नहीं किए गए, तो कर्मचारियों में रोष व्याप्त होगा। फिलहाल संघ को शासन और प्रशासन से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा है।
