बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर के सरकारी समाचार
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quicjZaps 15 sept 2025
  • दिव्यांग कार्मिकों के प्रमाण पत्रों का होगा पुनः मूल्यांकन

बीकानेर, 23 मार्च। राज्य सरकार के अधीन कार्यरत दिव्यांग कार्मिकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्रों के पुनः मूल्यांकन को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, सभी विभागों एवं अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत दिव्यांग कार्मिकों के प्रमाण पत्रों का पुनः मूल्यांकन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को जारी नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।
जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने अधीन कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों में कार्यरत दिव्यांग कार्मिकों के प्रमाण पत्रों का पुनः मूल्यांकन समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करवाएं।
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  • युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहे रोजगार सहायता शिविरः मुख्यमंत्री का जता रहे आभार
  • मुंजाल, अग्रवाल और कलवाणी को निजी क्षेत्र में मिले रोजगार के बेहतरीन अवसर

बीकानेर , 23 मार्च। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल पर निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतरीन अवसर उपलब्ध करवाने के लिए आयोजित किए जा रहे रोजगार सहायता शिविर युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। शिविरों का लाभ लेकर युवा अपने गृह जिले में ही अच्छे पैकेज में नियोजित हुए हैं और सम्मानजनक तरीके से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यह युवा मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की इस पहल का आभार भी जता रहे हैं।

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आकाश इंस्टीट्यूट में एसिस्टेंट ब्रांच मैनेजर के तौर पर कार्यरत प्रखर मुंजाल ने बताया कि रोजगार सहायता शिविर उसके लिए सहयोगी साबित हुआ। इंस्टीट्यूट में लगभग डेढ़ वर्ष पहले एसिस्टेंट मैनेजर के रूप में चयन हुआ। अब वह एसिस्टेंट ब्रांच मैनेजर बन गया है तथा पूरी लगन से काम करते हुए ब्रांच मैनेजर बनने की ओर अग्रसर है। उसने बताया कि उसे 6.3 लाख रुपए वार्षिक पैकेज पर नियोजित किया गया है। उसने इसके लिए उप क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय का भी आभार जताया और कहा कि विभाग के प्रयासों से युवाओं को आगे बढ़ने की राह मिल रही है।

एसबीआई क्रेडिट कार्ड में सीनियर ट्रेनिंग मैनेजर के रूप मे चयनित सुमित अग्रवाल ने बताया कि वह 4.7 लाख रुपए के सालाना पैकेज पर चयनित हुआ है। इसमें रोजगार सहायता शिविर का महत्वपूर्ण रोल रहा। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक बेरोजगार युवा को ऐसे अवसरों का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने ऐसे आयोजनों के लिए मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया और कहा कि युवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं।

मोदी डेयरी में लेखाकार के रूप में चयन पाने वाले नवरत्न कलवाणी ने राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे रोजगार सहायता शिविरों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में 4.38 लाख रुपए के वार्षिक पैकेज पर काम कर रहे हैं। वह पहले कलकता में जाॅब करते थे। बीकानेर आते ही उन्हें रोजगार सहायता शिविर के माध्यम से यह अवसर मिला, जो कि कलवाणी के परिवार के लिए स्वर्णिम साबित हुआ। उसने इसके लिए राज्य सरकार का आभार जताया।
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  • डॉ. सिद्धराज स्मृति शोध संस्थान में साहित्यकार-पत्रकार सम्मान समारोह 28 मार्च को

बीकानेर, 23 मार्च। डॉ. सिद्धराज स्मृति शोध संस्थान के तत्वावधान में साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली दो विभूतियों का सम्मान शनिवार, 28 मार्च को किया जाएगा।
संस्थान की निदेशक डॉ. शीला व्यास ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार, कवि एवं कथाकार राजेन्द्र जोशी करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरिशंकर आचार्य तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में गीतकार राजाराम स्वर्णकार उपस्थित रहेंगे।
डॉ. व्यास ने बताया कि समारोह में डॉ. शंकरलाल स्वामी एवं संपादक डॉ. अजय जोशी को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक अवदान और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा। दोनों विभूतियों को सम्मान पत्र के साथ नकद राशि की जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य उन रचनाकारों को मंच प्रदान करना और सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाज को नई दिशा दी है।
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खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने लूणकरणसर में सुनी आमजन की समस्याएं, विकास कार्यों का किया लोकार्पण

बीकानेर, 23 मार्च। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने सोमवार को लूणकरणसर में प्रातः 10 से सायं 7 बजे तक मैराथन जनसुनवाई की। इस दौरान आमजन के लगभग ढाई सौ परिवाद प्राप्त हुए। मंत्री गोदारा ने इनके निस्तारण के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं अन्य को दूरभाष के माध्यम से निर्देशित किया।

इस दौरान ग्रामीणों ने गोदारा के समक्ष पानी, बिजली, सड़क, अतिक्रमण हटाने, रास्ता खुलवाने, पेंशन चालू करवाने, कॉलेजों और स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की बढ़ोतरी करने जैसे प्रकरण रखे। लूणकरणसर शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी के बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।

मंत्री गोदारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी, नियमित जनसुनवाई करें और आमजन को राहत दें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी प्रकार की कोताही ना हो।

इस दौरान गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पिछले ढाई वर्षो में क्षेत्र को अनेक सौगातें दी गई है। आज लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछ रहा है। प्रत्येक गांव को स्तरीय सड़कों से जोड़ा जा रहा है। अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को 24 घंटे बिजली मिलना शुरू हो गई है। पहली बार बीस से अधिक जीएसएस स्वीकृत हुए हैं। शिक्षण संस्थानों की सुविधाओं में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि ‘शिक्षित लूणकरणसर, विकसित लूणकरणसर’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

खाद्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में चलाए गए गिव अप अभियान की पूरे देश में सराहना हुई है। यह अभियान जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हुआ है। उन्होंने कहां की केंद्र और राज्य सरकार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत पर काम करते हुए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनसुवनाइयों के दौरान आमजन की समस्या के समाधान के साथ क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा तथा आवश्यकताओं का फीडबैक भी मिलता है। इसके मद्दनेजर नियमित रूप से जनसुनवाई के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

क्षेत्र को समर्पित किए विकास कार्य

गोदारा ने जनसुनवाई के पश्चात विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने गणगौर मैदान में मुख्य द्वार निर्माण कार्य, मैदान की चारदीवारी को ऊंचा करने, कांटेदार फिनिशिंग, मरम्मत एवं रंग-रोगन कार्य का लोकार्पण किया। इस कार्य पर 15 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। श्री गोदारा द्वारा पशु फाटक की चारदीवारी निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया। इस पर 7.49 लाख रुपये व्यय किए गए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों का क्षेत्रवासियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री मंगलवार को बम्बलू में करेंगे विभिन्न कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास, ग्रामीणों को देंगे कई सौगातें

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा मंगलवार को बम्बलू में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे और ग्रामीणों को कई सौगातें देंगे।

मंत्री गोदारा प्रातः 10 बजे पशु हॉस्पिटल भवन का शिलान्यास करेंगे। इसकी अनुमानित लागत 46.50 लाख रुपये है। इसके साथ ही राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन का लोकार्पण करेंगे, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
गोदारा द्वारा राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी पर रेलिंग लगाने एवं पेंटिंग कार्य का लोकार्पण किया जाएगा। इस पर 8 लाख 58 हजार रुपये व्यय हुए हैं। वहीं परिसर की चारदीवारी को ऊंचा करने के कार्य का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिसकी लागत 5 लाख 24 हजार रुपये आई है।
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  • अभिलेखीय दस्तावेजों पर राष्ट्रीय सेमिनार का आगाज, इतिहास लेखन में भूमिका पर चर्चा
  • राजस्थान राज्य अभिलेखागार की ओर आयोजित हो रहा कार्यक्रम

बीकानेर, 23 मार्च। राजस्थान राज्य अभिलेखागार द्वारा सोमवार को राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में “अभिलेखीय दस्तावेज: उनका प्रबंधन और इतिहास लेखन में भूमिका” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारम्भ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं वंदे मातरम् के साथ किया गया।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि विधायक (बीकानेर पश्चिम) जेठानंद व्यास, विशिष्ट अतिथि सचिव, कला साहित्य-संस्कृति, खादी व ग्राम इंडस्ट्रीज विभाग, दिल्ली सरकार कुमार महेश, मुख्य वक्ता विभागाध्यक्ष (इतिहास व इतिहास केन्द्र) पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला प्रो. दलजीत सिंह, निदेशक राजस्थान राज्य अभिलेखागार चन्द्रसेन सिंह शेखावत तथा सहायक निदेशक अभिलेखागार डॉ. बसंत सिंह सोलंकी उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि विधायक जेठानंद व्यास ने अभिलेखागार की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इतिहास से जुड़े किसी भी विषय का समाधान अभिलेखों के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने महाराजा गंगासिंह की दूरदर्शिता, गंगनहर निर्माण एवं गंगारिसाला के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि सचिव कुमार महेश ने गजेटियर, यूपीएससी, अभिलेख व्यवस्था, प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल रिकॉर्ड एवं निजी अभिलेखों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने देश के अन्य अभिलेखागारों के निदेशकों को बीकानेर अभिलेखागार की व्यवस्था अपनाने का सुझाव दिया।

मुख्य वक्ता प्रो. दलजीत सिंह ने राजपूत-सिख संबंध, बंदा सिंह बहादुर के पत्राचार, महाराजा भूपेन्द्र सिंह और गंगासिंह के मध्य गंगनहर संबंधी पत्राचार तथा अखबार-ए-दरबार जैसे विषयों पर व्याख्यान दिया।

निदेशक चन्द्रसेन सिंह शेखावत ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अभिलेखागार की गतिविधियों की जानकारी दी, वहीं सेमिनार संयोजक सहायक निदेशक डॉ. बसंत सिंह सोलंकी ने दो दिवसीय सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। हरिमोहन मीना ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

सेमिनार के दौरान दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें डिजिटलीकरण, अभिलेखागार का भविष्य, मारवाड़ी व्यापार, राष्ट्रीय एकीकरण, प्रजामंडल आंदोलनों, ऐतिहासिक प्रबंधन, वैश्विक अभिलेखीय संदर्भ एवं हाशिए पर रहने वाले लोगों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में चन्द्रशेखर कच्छावा, सुखाराम, नितिन गोयल, राजेन्द्र कुमार, कुमार रामकृष्ण, फारुख चौहान, पंकज थानवी, राजशेखर, मोहर सिंह मीना सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में अतिथियों ने अभिलेखागार का अवलोकन किया और अभिलेख प्रबंधन की सराहना की।

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विश्व मुख स्वास्थ्य सप्ताह: शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दंत जांच व जागरूकता अभियान आयोजित

बीकानेर, 23 मार्च। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित विश्व मुख स्वास्थ्य सप्ताह के अंतर्गत शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नं. 1 में कनिष्ठ विशेषज्ञ (दंत चिकित्सा) डॉ. अनामिका जोशी द्वारा मुख एवं दंत संबंधी रोगों के बारे में मरीजों को जानकारी दी गई। इस दौरान विभिन्न मुख एवं दांत संबंधी समस्याओं का निदान एवं उपचार भी किया गया।

इस अवसर पर मरीजों को मुख कैंसर (ओरल कैंसर), उसके कारणों तथा समय पर जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। डॉ. जोशी ने बताया कि विश्व मुख स्वास्थ्य सप्ताह के अंतर्गत अगले 7 दिनों तक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और मरीजों को निरंतर जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने मरीजों को सही तरीके से ब्रश करने के निर्देश दिए तथा तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बीड़ी और सिगरेट के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देकर कैंसर के प्रति जागरूक किया गया।
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खजूर पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार मंगलवार से
पश्चिमी राजस्थान के 8 जिलों से 100 किसान लेंगे भाग

बीकानेर, 23 मार्च। उपनिदेशक (उद्यान) कार्यालय की ओर से 24 और 25 मार्च को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास निदेशालय सभागार में खजूर उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन व विपणन के अवसर एवं संभावनाएं विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा।

यह सेमिनार उद्यान विभाग, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय तथा केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। इसमें पश्चिमी राजस्थान के 8 जिलों से 100 प्रगतिशील एवं नवाचारी उद्यानिकी किसान भाग लेंगे।

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि सेमिनार का उद्घाटन 24 मार्च को प्रातः 10:30 बजे होगा। उद्घाटन सत्र में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेन्द्र बाबू दूबे, केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे, अतिरिक्त निदेशक कृषि डॉ. त्रिलोक कुमार जोशी, निदेशक अनुसंधान डॉ. एन. के. शर्मा तथा खजूर उत्कृष्टता केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौड़ अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उद्यान विभाग की उपनिदेशक रेणु वर्मा सेमिनार की अध्यक्षता करेंगी।

दो दिवसीय सेमिनार में पश्चिमी राजस्थान में खजूर उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर वैज्ञानिकों और किसानों के साथ चर्चा की जाएगी।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में खजूर की खेती को बढ़ावा देना है। वर्तमान में बीकानेर में 300 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खजूर की खेती की जा रही है तथा बीकानेर को खजूर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

सेमिनार के दौरान दो दिनों में कुल 10 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विषय विशेषज्ञ किसानों को खजूर की उन्नत खेती, प्रसंस्करण तकनीकों, मूल्य संवर्धन तथा विपणन की रणनीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। साथ ही किसानों को खजूर के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस से संबंधित नवीनतम तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा। सोमवार को इससे जुड़े बेनर का विमोचन भी किया गया।

सेमिनार के सफल संचालन हेतु गठित संयोजक मंडल में उद्यानिकी अधिकारी राजेश गोदारा, रमेश भाम्भू, विजय कुमार बलाई, जोधराज कालीराणा, लीला विश्नोई, लक्ष्मण सिंह शेखावत, अनिरुद्ध तथा पुष्पेन्द्र सिंह सहित उद्यान विभाग की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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पंच गौरव कार्यक्रम की समीक्षा बैठक मंगलवार को

बीकानेर, 23 मार्च। जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में पंच गौरव कार्यक्रम वर्ष 2026-27 की वार्षिक योजना एवं वर्ष 25 – 26 में किए गए कार्यों की समीक्षा बैठक मंगलवार को सायं 5:30 बजे जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी।
इस दौरान आयुक्त नगर निगम, उपवन संरक्षक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, कृषि विस्तार, जिला परिषद, कृषि विपणन बोर्ड, पर्यटन विभाग, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, कोषाधिकारी जिला कोष कार्यालय, जिला खेल अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देशनोक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
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वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर शहीद दिवस पर आयोजन, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

बीकानेर। वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रमों के तहत सोमवार को पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा शहीद दिवस के अवसर पर पब्लिक पार्क स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान संग्रहालयाध्यक्ष राकेश शर्मा ने स्वतंत्रता आंदोलन में शहीद हुए वीरों की शहादत को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने भी देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को याद किया।

इसके साथ ही वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संग्रहालय परिसर में एक सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया, जहां आम नागरिकों और पर्यटकों ने सेल्फी लेकर वंदेमातरम् का गायन किया और देशभक्ति का संदेश दिया।
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बाल विवाह रोकथाम पर कार्यशाला आयोजित, दिलाई शपथ

बीकानेर, 23 मार्च। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को पंचायत समिति परिसर सभागार में बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 विषय पर द्विपक्षीय संवाद एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आमजन, महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह एक संज्ञेय एवं अजमानतीय अपराध है। इसके अंतर्गत दोषी को दो वर्ष तक का कारावास एवं एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से इस कुप्रथा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी को बाल विवाह न करने एवं इसके विरोध में जन-जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई।

चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश स्वामी ने आयुष्मान कार्ड, आशा सहयोगिनी के कार्यों, बालिका शिक्षा तथा लाडो प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन प्रचेता विजयलक्ष्मी जोशी ने किया तथा विभागीय योजनाओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान पर्यवेक्षक रश्मि कल्ला, शिवरतन विश्नोई, जेंडर स्पेशलिस्ट कार्तिक बोहरा, गर्विता सहित अन्य कार्मिकों, साथिनों एवं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं व बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी रही।