बीकानेर में अपनी ही पार्टी के नेता का विरोध करने जुटे कांग्रेसियों पर मधुमक्खियों का हमला, गांधी मैदान में मची भगदड़

बीकानेर में अपनी ही पार्टी के नेता का विरोध करने जुटे कांग्रेसियों पर मधुमक्खियों का हमला, गांधी मैदान में मची भगदड़
STBA 5 JUNE 2026
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खमत खामणा

बीकानेर, 1 अप्रैल 2026। बीकानेर के गांधी मैदान में बुधवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब अपनी ही पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन करने जुटे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से सभास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और प्रदर्शनकारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

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विरोध मार्च से पहले ही मची भगदड़
मामला बुधवार दोपहर करीब 1:00 बजे का है। कांग्रेस नेता भंवर कूकणा की अगुवाई में नोखा और बीकानेर से दिवंगत रामेश्वर डूडी के समर्थक गांधी मैदान में एकत्रित हुए थे। ये कार्यकर्ता पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल के एक विवादित बयान के खिलाफ पैदल मार्च निकालने की तैयारी में थे। मैदान में करीब 500 कार्यकर्ता मौजूद थे, तभी अचानक मधुमक्खियों का एक छत्ता उड़ गया। मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए कोई पेड़ की डालियां तोड़कर उन्हें भगाने लगा, तो कोई शर्ट में मुंह छिपाकर भागता नजर आया। इस हमले की चपेट में खुद नेता भंवर कूकणा भी आए। कुछ समय के लिए माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण और अस्त-व्यस्त हो गया।

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विवाद की जड़: वायरल वीडियो और आपत्तिजनक टिप्पणी
दरअसल, यह पूरा विरोध प्रदर्शन गोविंदराम मेघवाल के एक वायरल वीडियो को लेकर था। आरोप है कि एक गांव में जागरण के दौरान अनौपचारिक बातचीत में मेघवाल ने कांग्रेस की चुनावी हार का जिक्र करते हुए दिवंगत नेता रामेश्वर डूडी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। साथ ही उन्होंने अपनी हार के लिए पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला को भी जिम्मेदार ठहराया था। इसी बयान से डूडी समर्थक और स्थानीय कांग्रेसी कार्यकर्ता आक्रोशित थे।

मेघवाल की सफाई: “यह अनुशासनहीनता और साजिश है”
विवाद बढ़ने पर पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने इसे अपने खिलाफ एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मेघवाल ने कहा:

“आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए विपक्षी दल (भाजपा) स्थानीय समीकरण बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। अनौपचारिक बातचीत का वीडियो बनाकर साझा करना अनुशासनहीनता है और कार्यकर्ताओं को ऐसी प्रवृत्तियों से बचना चाहिए।”

फिलहाल, गांधी मैदान में हुई इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक ओर जहाँ कांग्रेस के भीतर गुटबाजी सतह पर आ गई है, वहीं मधुमक्खियों के हमले ने इस विरोध प्रदर्शन की दिशा ही बदल दी।