श्रीडूंगरगढ़ में भगवान महावीर जयंती पर आकर्षक झांकियों के साथ भव्य रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धम्म जागरण से गूंजा शहर
श्रीडूंगरगढ़ में भगवान महावीर जयंती पर आकर्षक झांकियों के साथ भव्य रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धम्म जागरण से गूंजा शहर


श्रीडूंगरगढ़, 31 मार्च 2026। भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर श्रीडूंगरगढ़ में श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में भव्य रैली, प्रेरणादायक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महावीर के ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया।


साध्वी श्री लक्ष्यप्रभा जी के मंगल पाठ से रैली का शुभारंभ
प्रातः 8:30 बजे मालू भवन से भव्य रैली का आगाज सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री लक्ष्यप्रभा जी के मंगल पाठ के साथ हुआ। रैली में समाज के हर वर्ग—बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों—ने केसरिया बाना पहनकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। ज्ञानशाला के नन्हे बच्चों द्वारा तैयार की गई भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों पर आधारित जीवंत झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। रैली के दौरान “अहिंसा परमो धर्म” के नारों से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।


विधायक ताराचंद सारस्वत और गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक ताराचंद सारस्वत और विशिष्ट अतिथि के रूप में तहसीलदार श्रीवर्धन उपस्थित रहे। विधायक सारस्वत ने भगवान महावीर के सिद्धांतों को वर्तमान समय की महती आवश्यकता बताया। कार्यक्रम में सेवा भारती के बच्चों, प्रशासनिक अधिकारियों और नगर के गणमान्य नागरिकों की सराहनीय उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आध्यात्मिक उद्बोधन
रैली के पश्चात आयोजित सभा में ज्ञानशाला के बच्चों ने लघु नाटिकाओं के माध्यम से महावीर के आदर्शों को जीवंत किया। साध्वी प्रशांत यशा जी, नव्य प्रभा जी, उन्नत प्रभा जी और सात्विक प्रभा जी ने सामूहिक गीतिका प्रस्तुत की।साध्वी श्री लक्ष्यप्रभा जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “सत्य, अहिंसा, दया, अपरिग्रह और अनेकांत केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला हैं। इन सिद्धांतों को अपनाकर ही मनुष्य अपने जीवन को सफल और सार्थक बना सकता है।”
भक्तिमय धम्म जागरण और सम्मान समारोह
महोत्सव के अंतर्गत सायंकाल धम्म जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति संगीत की सरस धारा बही। कलाकार प्रिया पारख, सुमित बरडिया, पारुल लूनिया, अंजू पारख, छतर सिंघी, संजय झाबक और मोहन सेठिया ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित कर प्रोत्साहित किया गया।
सफल संयोजन और आभार
कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वी नव्य प्रभा जी एवं तेयुप अध्यक्ष विक्रम मालू द्वारा किया गया। लघु नाटिकाओं में बैकग्राउंड साउंड का प्रभावी प्रबंधन प्रीतिका पुगलिया ने संभाला। आयोजन को सफल बनाने में तेरापंथ युवक परिषद, महिला मंडल, किशोर मंडल, कन्या मंडल और अणुव्रत समिति के कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। अंत में आयोजकों ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
