बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर के सरकारी समाचार
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quicjZaps 15 sept 2025
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  • जिला कलेक्टर ने बीछवाल रिजर्वायर का किया निरीक्षण
  • गर्मी के मौसम और नहरबंदी के मद्देनजर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के दिए निर्देश

बीकानेर, 11 अप्रैल। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने शनिवार को बीछवाल स्थित जलदाय विभाग के रिजर्वायर का निरीक्षण किया तथा पेयजल वितरण व्यवस्था के बारे में जाना।

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जिला कलेक्टर ने कहा कि नहरबंदी और गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग अतिरिक्त सतर्कता रखे। शहरी क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था सुचारु हो तथा आमजन को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। अधिकारी प्रत्येक स्थिति पर नजर रखे और कार्मिक संवेदनशीलता से कार्य करें और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभाग के कंटीजेंसी प्लान के बारे में जाना और इसके अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।

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जिला कलेक्टर ने कहा कि नहरबंदी के दौरान जलदाय विभाग के अधिकारी, इंदिरा गांधी नहर परियोजना विभाग से समन्वय बनाए रखें तथा पेयजल उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था से समय-समय पर आमजन को सूचित करें। जिला कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान झील पूर्ण क्षमता के साथ भरी हुई थी। जिला कलेक्टर ने कहा कि नहरबंदी से पूर्व तक झील को पूर्ण रूप से भरा रखा जाए, जिससे नहरबंदी के दौरान उपलब्धता के अनुसार प्रत्येक परिवार तक आवश्यक जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया, अधिशासी अभियंता नितेश सागर व सहायक अभियंता चंद्र मोहन इस दौरान मौजूद रहे।
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बीकानेर, 11 अप्रेल। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की विचारधारा से जन सामान्य को अवगत एवं जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चार दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती से हुई।

इस अवसर पर जयनारायण व्यास कॉलोनी रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय स्तरीय आर्थिक पिछड़ा वर्ग छात्रावास में कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने डॉ. अंबेडकर और ज्योतिबा फुले के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलित कर इसकी शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले सामाजिक चेतना और बालिका शिक्षा के अग्रदूत थे। ऐसे महापुरुषों के सिद्धांतों और आदर्शों का हमें अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 11 से 14 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी सरकार के निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करें, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक बाबा साहेब के सिद्धांतों को पहुंचाया जा सके। जिला कलेक्टर ने यहां आवासित बालिकाओं से बातचीत की और जीवन में आशातीत सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की सीख दी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार ने बताया कि कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार को जिला एवं ब्लॉक स्तर पर संविधान को जाने-ऑन लाइन क्विज प्रतियोगिता का शुभारंभ होगा। सोमवार को जिला व ब्लॉक स्तर पर स्वच्छता एवं सामाजिक समरसता, बाबा साहेब के सामाजिक न्याय दर्शन एवं उनके जीवन पर आधारित संगोष्ठी, बाबा साहेब के जीवन वृत्त पर व्याख्यान के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 14 अप्रैल को जिला एवं ब्लॉक स्तर पर डॉ. अम्बेड़कर जयंती के समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिला मुख्यालय पर अम्बेड़कर सर्किल पर प्रातः 8 बजे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री सिद्धार्थ पलनीचामी, उपखंड अधिकारी सुश्री महिमा कसाना, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री स्वाति शर्मा, ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी  दिनेश दान चारण, छात्रावास अधीक्षक श्रीमती चंदा वाल्मीकि, सुश्री जसोदा बिश्नोई, प्रशासनिक अधिकारी मुकेश भाटी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के पश्चात उपखंड अधिकारी और प्रशिक्षु आईएएस ने पौधारोपण किया।
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जिला कलेक्टर और बीडीए अध्यक्ष श्री निशांत जैन ने कबीर वाटिका के प्रगतिरत कार्यों का किया अवलोकन

गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का रखें ध्यान, उच्च अधिकारी करें नियमित मॉनिटरिंग- निशांत जैन

बीकानेर, 11 अप्रैल। जिला कलेक्टर तथा बीकानेर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री निशांत जैन ने शनिवार को कबीर वाटिका में प्रगतिरत कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान बीडीए आयुक्त श्री सिद्धार्थ पलनीचामी, मुख्य अभियंता श्री ललित ओझा सहित अन्य अधिकारी साथ रहे।

जिला कलेक्टर ने कहा कि कबीर वाटिका, राज्य सरकार का अत्यंत महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तथा महत्वपूर्ण बजट घोषणा है। इसके समस्त कार्य सुनियोजित तरीके से किए जाएं। कार्यों की गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का भी ध्यान रखें। उन्होंने वर्तमान में प्रगतिरत कार्यों का अवलोकन किया। जिनमें चारदीवारी और भूमि के समतलीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने ट्यूबवेल और रिचार्ज वेल से संबधित कार्यों को भी देखा। जिला कलेक्टर ने कहा कि सभी घटकों से जुड़े कार्य एक साथ करें तथा प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी इनकी नियमित मॉनिटरिंग करें।

पलनीचामी ने बताया कि राज्य सरकार की वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा की अनुपालना में बीडीए द्वारा लगभग 34 हेक्टेयर क्षेत्र में 52 करोड रुपए की लागत से इसका निर्माण करवाया जा रहा है। उन्होंने अब तक हुए कार्यों के बारे में बताया और भावी योजना की जानकारी दी।
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जिला कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री निशांत जैन ने की जनगणना 2027 की अब तक की तैयारियों की समीक्षा

समयबद्ध संपादित हों सभी गतिविधियां, पूर्ण गंभीरता रखें समस्त कार्मिक- निशांत जैन

बीकानेर, 11 अप्रैल। जिला कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी निशांत जैन ने शनिवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) सहित अन्य गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की। जैन ने कहा कि राज्य में जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की

गणना के स्वगणना का कार्य 1 से 15 मई तक तथा फील्ड कार्य 16 मई से 14 जून तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन तक इस महत्वपूर्ण कार्य को प्रचारित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक जनगणना का संदेश पहुंचे तथा आमजन इसका महत्त्व समझते हुए इसमें पूर्ण सहयोग करें।

उन्होंने जनगणना-2027 डेटा के संग्रहण और प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता तथा समयबद्धता को सुदृढ़ करने के उ‌द्देश्य से डिजिटल प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगणकों द्वारा डेटा संकलन के लिए समर्पित मोबाईल अनुप्रयोग का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए। आमजन के लिए 1 से 15 मई 2026 तक स्वगणना की सुविधा वेब पोर्टल (https://se-census.gov.in) के माध्यम से करवाई जाएगी। यह पोर्टल डेटा संकलन के प्रारंभ होने से ठीक पूर्व 15 दिनों की अवधि के लिए आम जन के लिए खुला रहेगा। यह वेब पोर्टल अंग्रेजी, हिन्दी तथा 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, परिवार का कोई भी एक सदस्य स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए परिवार संबंधी विवरण दर्ज कर सकता है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना पहचान संख्या अपने मोबाईल अथवा ईमेल पर प्राप्त कर सकता है, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना आवश्यक होगा।

जिला कलेक्टर ने जिले में जनगणना से जुड़े अब तक के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि समस्त 17 चार्ज स्तर (11 तहसील एवं 6 नगर पालिका) पर चार्ज यूजर) का निर्माण कर दिया गया है। समस्त चार्ज स्तर पर मकान सूचीकरण 3 हजार 386 ब्लॉकों का गठन तथा प्रकार निर्धारण कर मकान सूचीकरण किया जा चुका है। खाजूवाला, पूगल, श्रीडूंगरगढ़, जसरासर तहसील एवं खाजूवाला, देशनोक नगरपालिका में मकान सूचीकरण ब्लॉक का स्थिरीकरण किया जा चुका है। उन्होंने शेष चार्ज में स्थिरीकरण का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानव संसाधन प्रबन्धन (फील्ड ट्रेनर्स/प्रगणक व पर्यवेक्षक का चयन एवं नियुक्ति, उपकरणों की खरीद, तकनीकी सहायकों व एमटीएस की नियुक्ति) की समीक्षा की।

संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) धर्मपाल खींचड़ ने बताया कि 64 फील्ड ट्रेनर्स के साथ समस्त चार्ज स्तर (कुल 3147) वास्तविक प्रगणक एवं 331 रिजर्व प्रगणक व 585 वास्तविक एवं 69 रिजर्व पर्यवेक्षकों का चयन पर किया जा चुका है। प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों का सीएमएमएस पोर्टल पर पंजीकरण का कार्य प्रगति पर है।

इस दौरान नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलनीचामी, अतिरिक्त कलेक्टर (प्रशासन) सुरेश कुमार यादव मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत कार्य योजना जारी

बीकानेर, 11 अप्रैल। राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान’ के तहत जिले की विस्तृत कार्य योजना तैयार कर शनिवार को जारी की गई।

जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत का मास्टर प्लान तैयार कर उसे ग्राम सभा से अनुमोदित करवाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से क्रियान्वित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि पंचायत समिति वार ग्राम सभाओं का शेड्यूल जारी किया जा चुका है। साथ ही ग्रामीणों से विकास कार्यों के संबंध में सुझाव 30 अप्रैल तक आमंत्रित किए गए हैं। जिला परिषद द्वारा नवाचार करते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर सुझाव पेटियां भी रखवाई गई हैं, जिनमें ग्रामीण अपने सुझाव दे सकते हैं।

अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्राम स्तर पर 5 सदस्यीय समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों की पहली बैठक 10 अप्रैल को आयोजित की जा चुकी है। दूसरी बैठक 15 अप्रैल को आयोजित होगी। इस बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर विकास योजना तैयार कर उसे ग्राम सभा में अनुमोदित करवाया जाएगा, जिसके बाद योजना को ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा।

यह अभियान ‘समृद्ध गांव, समृद्ध राजस्थान’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ कृषि, सिंचाई, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत कार्य योजना जारी

बीकानेर, 11 अप्रैल। राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान’ के तहत जिले की विस्तृत कार्य योजना तैयार कर शनिवार को जारी की गई।

जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत का मास्टर प्लान तैयार कर उसे ग्राम सभा से अनुमोदित करवाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से क्रियान्वित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि पंचायत समिति वार ग्राम सभाओं का शेड्यूल जारी किया जा चुका है। साथ ही ग्रामीणों से विकास कार्यों के संबंध में सुझाव 30 अप्रैल तक आमंत्रित किए गए हैं। जिला परिषद द्वारा नवाचार करते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर सुझाव पेटियां भी रखवाई गई हैं, जिनमें ग्रामीण अपने सुझाव दे सकते हैं।

अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए ग्राम स्तर पर 5 सदस्यीय समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों की पहली बैठक 10 अप्रैल को आयोजित की जा चुकी है। दूसरी बैठक 15 अप्रैल को आयोजित होगी। इस बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर विकास योजना तैयार कर उसे ग्राम सभा में अनुमोदित करवाया जाएगा, जिसके बाद योजना को ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा।

यह अभियान ‘समृद्ध गांव, समृद्ध राजस्थान’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ कृषि, सिंचाई, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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कृषि विभाग एक्शन मोड में: यूरिया डायवर्जन व जमाखोरी पर सख्ती

जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश

बीकानेर, 11 अप्रैल। जिले में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क है और यूरिया के दुरुपयोग, जमाखोरी तथा गैर-कृषि कार्यों में उपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

उर्वरक आपूर्ति समीक्षा के दौरान अतिरिक्त निदेशक (कृषि विस्तार) त्रिलोक कुमार जोशी ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि खरीफ सीजन की बुवाई अभी प्रारंभ नहीं हुई है, इसके बावजूद यूरिया की अधिक बिक्री को देखते हुए विभाग एक्शन मोड में आ गया है।

यूरिया के संभावित डायवर्जन, जमाखोरी एवं अन्य राज्यों में अवैध परिवहन को रोकने के लिए कृषि आदान निरीक्षक पूरी मुस्तैदी के साथ उर्वरक विक्रेताओं के औचक निरीक्षण कर रहे हैं। विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर पीओएस मशीन के माध्यम से भंडारित यूरिया का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है।

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि अप्रैल माह में ‘धरती माता बचाओ’ अभियान के अंतर्गत निगरानी समितियों की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। साथ ही ‘आपणो खेत-आपणी खाद’ अभियान के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य संवर्धन पर जोर देते हुए रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को हरी खाद, जैविक खाद एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अतिरिक्त निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईएफएमएस पोर्टल से विक्रेतावार अधिक बिक्री का विवरण प्राप्त कर संबंधित किसानों का भौतिक सत्यापन किया जाए और अधिक बिक्री के कारणों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। नियमों के उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस, लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण के साथ एफआईआर जैसी वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी।

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