बीकानेर के सरकारी समाचार
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- हाथकरघा एवं वस्त्र प्रौद्योगिकी डिप्लोमा में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित
बीकानेर, 26 मई। भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, जोधपुर में त्रिवर्षीय (6 सेमेस्टर) हाथकरघा एवं वस्त्र प्रौद्योगिकी डिप्लोमा पाठ्यक्रम सत्र 2026-27 के लिए प्रथम वर्ष तथा द्वितीय वर्ष (लेटरल एंट्री) में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।


जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र की महाप्रबंधक मंजू नैन गोदारा ने बताया कि राज्य कोटे के तहत प्रथम वर्ष के लिए 19 तथा द्वितीय वर्ष (लेटरल एंट्री) के लिए 7 सीटें निर्धारित की गई हैं। प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का न्यूनतम 35 प्रतिशत अंकों के साथ माध्यमिक अथवा समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है और इसमें अध्ययन का एक विषय अंग्रेजी रहा हो। वहीं द्वितीय वर्ष में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को भौतिकी, रसायन एवं गणित विषयों के साथ 10+2 अथवा वोकेशनल स्ट्रीम में टेक्सटाइल विषय सहित 10+2 अथवा 10वीं के बाद दो वर्षीय आईटीआई उत्तीर्ण होना चाहिए।


उन्होंने बताया कि प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी की आयु 1 जुलाई 2026 को 15 से 23 वर्ष तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 25 वर्ष तक निर्धारित की गई है। द्वितीय वर्ष में प्रवेश हेतु अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष तथा एससी-एसटी वर्ग के लिए 27 वर्ष निर्धारित है। राज्य सरकार की नीति अनुसार आरक्षण का प्रावधान रहेगा। बुनकर समुदाय के अभ्यर्थियों हेतु न्यूनतम 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी।
आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में आवश्यक शैक्षणिक प्रमाण पत्रों सहित 10 जून 2026 तक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, न्यू पावर हाउस रोड, मिनी उद्योग भवन, जोधपुर में जमा करवाने होंगे। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चयनित विद्यार्थियों को सरकार द्वारा निर्धारित दर से स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। साथ ही डिप्लोमा उत्तीर्ण विद्यार्थी संबंधित शाखा में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में प्रवेश हेतु भी पात्र होंगे। आवेदन पत्र जिला मुख्यालय स्थित जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट https://industries.rajasthan.gov.in/icom/#/sm/department से प्राप्त की जा सकती है।
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एक जिला एक उत्पाद’ नीति में बड़ा बदलाव, बीकानेर के नमकीन उद्योगों को मिलेगा 15 लाख तक अनुदान
बीकानेर, 26 मई। राज्य सरकार ने स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) नीति 2024 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब बीकानेर जिले के प्रसिद्ध नमकीन उद्योगों को विस्तार के लिए भी मार्जिन मनी अनुदान का लाभ मिलेगा।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र की महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा ने बताया कि पहले यह सुविधा केवल नई इकाइयों की स्थापना तक सीमित थी, लेकिन अब मौजूदा नमकीन इकाइयों के विस्तार को भी योजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा निजी संस्थानों के माध्यम से तकनीकी उन्नयन करने पर भी उद्योगों को अनुदान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य बजट 2026-27 में ओडीओपी इकाइयों के विस्तार के लिए मार्जिन मनी अनुदान देने की घोषणा की गई थी, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है। संशोधित प्रावधानों के तहत सूक्ष्म श्रेणी की इकाइयों को 20 लाख रुपये तथा लघु श्रेणी की इकाइयों को 15 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी निर्धारित किया है।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उद्योग अब निजी संस्थानों से तकनीकी अपग्रेडेशन करवाने पर भी 5 लाख रुपये तक का अनुदान प्राप्त कर सकते है। इससे उद्यमियों को नवीनतम तकनीक अपनाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। ओडीओपी नीति 2024 के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया को 1 मार्च 2026 से पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे आवेदन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज हुई है।
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मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने जूनागढ़ क़िले में प्राचीन संग्रहालय का किया अवलोकन, बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत की सराहना की
बीकानेर, 26 मई। राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को ऐतिहासिक जूनागढ़ किला स्थित प्राचीन संग्रहालय का अवलोकन कर बीकानेर की समृद्ध कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक वैभव को करीब से जाना। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय में प्रदर्शित राजसी धरोहरों, प्राचीन वस्तुओं, शस्त्रों, चित्रकला एवं लोक संस्कृति से जुड़ी विरासत का गहन अवलोकन किया तथा इसकी ऐतिहासिक महत्ता की सराहना की।
इस अवसर पर बीकानेर पूर्व विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी ने मुख्य सचिव का स्वागत करते हुए जूनागढ़ किले एवं प्राचीना संग्रहालय के इतिहास, स्थापत्य कला तथा बीकानेर राजघराने की गौरवशाली परंपराओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राचीना संग्रहालय बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य करती हैं।
इस दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडेय, एसडीएम बीकानेर सुश्री महिमा कसाना, पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक श्री अनिल राठौड़, श्री महेश व्यास, श्री पवन शर्मा, श्री गोपाल जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति योजना परीक्षा (एनएमएमएसएस) का परीक्षा परिणाम जारी
बीकानेर, 26 मई। माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक श्री सीताराम जाट ने मंगलवार को राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति (एनएमएमएसएस) का ऑनलाइन परिणाम एकीकृत शाला दर्पण पोर्टल पर जारी किया। राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृति योजना परीक्षा (एनएमएमएसएस) 16 नवंबर 2025 को आयोजित हुई थी।
परीक्षा में उपस्थित 82422 अभ्यर्थियों में से 5471 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। 5471 सफल अभ्यर्थियों में 2973 छात्राएं और 2498 छात्र सफल हुए हैं।
सफल अभ्यर्थियों को राजकीय विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक अध्ययन के दौरान प्रतिवर्ष 12000 रुपए छात्रवृत्ति केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
ऑनलाइन परीक्षा परिणाम जारी करने के अवसर पर उपनिदेशक (छात्रवृत्ति) श्री अशोक पारीक, योजना प्रभारी श्री राजेश कच्छावा, सहायक प्रोग्रामर श्रीमती सविता कुमारी एवं श्रीमती मीनाक्षी बोहरा उपस्थित रही।
आगामी राज्य स्तरीय चयन परीक्षा 2026-2027 20 दिसंबर 2026 (रविवार) को प्रस्तावित है, जिसके लिए शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से आवेदन यथा समय लिए जाएंगे।
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मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने हुसंगसर हेड पंपिंग स्टेशन एवं बीछवाल रिजर्वायर का किया निरीक्षण, निर्बाध पेयजल आपूर्ति के दिए निर्देश
बीकानेर, 26 मई। राज्य के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को बीकानेर प्रवास के दौरान हुसंगसर हेड स्थित पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण कर जल लिफ्टिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, जल उपलब्धता तथा वितरण प्रणाली की वर्तमान स्थिति के बारे में चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रत्येक व्यक्ति तक पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में जल प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जल आपूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी करते हुए आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास ने इसके पश्चात बीछवाल रिजर्वायर का भी निरीक्षण किया तथा बीकानेर शहर की जल आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों से जल भंडारण क्षमता, वितरण नेटवर्क एवं आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं प्रभावी वितरण प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।अधिकारियों ने मुख्य सचिव को क्षेत्र की जलापूर्ति संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए भविष्य की कार्ययोजनाओं से भी अवगत कराया।
इस अवसर पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडेय, एसडीएम बीकानेर सुश्री महिमा कसाना, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री विवेक गोयल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता पीएचईडी राजेश पुरोहित समेत पीएचईडी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत पेमासर में विशेष ग्राम सभा आयोजित
बीकानेर, 26 मई। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत मंगलवार को पेमासर ग्राम में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रभारी सचिव हेमन्त गैरा, राजीविका की मिशन निदेशक श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पाण्डे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी श्रीमती प्रियंका तलानिया, उपखण्ड अधिकारी सुश्री महिमा कसाना तथा प्रशासक तोलाराम कूकना मौजूद रहे।
विशेष ग्राम सभा में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव वी. श्री निवास ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि गांवों के सतत विकास के लिए जल संसाधनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है तथा प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
खाजूवाला विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। विधायक ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और आवश्यकताओं से मुख्य सचिव को अवगत करवाते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग भी रखी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत संचालित विकास कार्यों में गति लाई जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाए। साथ ही उन्होंने ग्रामवासियों से स्वच्छता, पौधरोपण और जल बचत के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
प्रशासक तोलाराम कूकना ने ग्राम सभा में उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए गांव में चल रहे विकास कार्यों एवं जनहित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, बिजली, सिंचाई तथा अन्य जनसुविधाओं से संबंधित समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। संबंधित अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रभारी सचिव ने दिलाई शपथ
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी सचिव ने ग्राम सभा में उपस्थित अधिकारियों एवं ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। इस दौरान अतिथियों ने ग्राम पंचायत भवन में पौधारोपण भी किया।


