राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हीमोफीलिया जागरूकता शिविर आयोजित
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हीमोफीलिया जागरूकता शिविर आयोजित


- अंधविश्वास त्यागकर समय पर इलाज की सलाह
बीकानेर, 17 अप्रैल। विश्व हीमोफीलिया दिवस के अवसर पर डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल और जस्सूसर गेट स्थित हीमोफीलिया ट्रीटमेंट सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जस्सूसर गेट में एक विशेष जागरूकता शिविर एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को इस गंभीर रक्त विकार के प्रति जागरूक करना था।


जागरूकता ही बचाव का पहला कदम


मुख्य वक्ता और वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हीमोफीलिया एक गंभीर आनुवंशिक विकार है। इसके प्रति जागरूकता ही प्रभावी इलाज की पहली सीढ़ी है। उन्होंने रोग के प्रमुख लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि चोट लगने पर रक्तस्राव का न रुकना। शरीर पर नीले निशान पड़ना। बार-बार नकसीर (नाक से खून) आना। जोड़ों में अचानक सूजन और अत्यधिक दर्द होना। अंधविश्वास से दूर रहने की अपील।
डॉ. अग्रवाल ने समाज में व्याप्त भ्रांतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि अक्सर महिलाओं और बालिकाओं में इन लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है या इसे ‘दैवीय प्रकोप’ जैसे अंधविश्वासों से जोड़ दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी और नियमित देखभाल से हीमोफीलिया पीड़ित बच्चे पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं।
निःशुल्क उपचार केंद्र की सुविधा
उन्होंने जानकारी दी कि डॉ. श्याम अग्रवाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल में संचालित हीमोफीलिया ट्रीटमेंट सेंटर एक पूर्णतः चैरिटेबल डे-केयर सेंटर है। यह केंद्र 24 घंटे सेवाएं देता है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत ‘फैक्टर’ और उपचार मिल सके। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में भी 75% मरीजों का सही निदान नहीं हो पाता है। उनका लक्ष्य है कि बीकानेर संभाग का कोई भी बच्चा जानकारी के अभाव में दिव्यांगता का शिकार न हो।
प्रशासनिक सहयोग और सरकारी सुविधाएं
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वीणा तंवर ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं आमजन तक सही जानकारी पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा पी.बी.एम. अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में भी हीमोफीलिया के इलाज की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
शिविर के दौरान स्कूल की शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. अग्रवाल ने शिक्षकों की जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान भी किया। शिविर में आए अभिभावकों के लिए निःशुल्क जांच और परामर्श की व्यवस्था भी की गई थी।
