नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास: अजमेर पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास: अजमेर पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला


अजमेर , 5 जून। अजमेर की पोक्सो कोर्ट संख्या-1 ने 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में त्वरित न्याय करते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश हेमंत सिंह ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए दोषी को अपहरण, मारपीट और दुष्कर्म के आरोपों में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 26,500 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।


जियारत करने आए परिवार की बच्ची का स्टेशन से हुआ था अपहरण
सरकारी वकील प्रशांत यादव के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना 18 जून 2024 की है। एक परिवार अपनी 11 वर्षीय बच्ची के साथ दरगाह जियारत के लिए अजमेर आया था। रात के समय परिवार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए सो गया था। देर रात करीब 2 बजे जब परिजनों की नींद खुली, तो उन्होंने पाया कि उनकी बच्ची और एक बैग गायब है। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना जीआरपी (GRP) को दी।


खाली ट्रेन में लहूलुहान मिली थी पीड़िता
घटना की अगली सुबह प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर खड़ी एक ट्रेन की सफाई के दौरान सफाई कर्मचारी को बच्ची बेहद गंभीर और घायल अवस्था में मिली। पीड़िता के चेहरे और होंठों पर गहरी चोटों के निशान थे और वह लहूलुहान थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया और मामले की जांच शुरू की।
CCTV फुटेज और गवाहों ने दिलाई सजा
पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे आरोपी की पहचान हुई। जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती के साथ अपना पक्ष रखा और 30 गवाहों के बयान सहित 109 महत्वपूर्ण दस्तावेज अदालत में पेश किए। पीड़िता के बयानों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
पीड़िता को मिलेगा 6 लाख रुपये का प्रतिकर
अदालत ने केवल सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि पीड़िता के पुनर्वास के लिए भी आदेश जारी किए हैं। राज्य की पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को कुल 6 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसमें पूर्व में दी गई 1 लाख रुपये की अंतरिम सहायता राशि को समायोजित (Adjust) किया जाएगा।


