पीबीएम श्वसन रोग अस्पताल की विभागाध्यक्ष डॉ. गुंजन सोनी ने संभाली कमान

पीबीएम श्वसन रोग अस्पताल की विभागाध्यक्ष डॉ. गुंजन सोनी ने संभाली कमान
STBA 5 JUNE 2026
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खमत खामणा
  • बेहतर व्यवस्था के लिए ‘ट्रॉफी और नकद इनाम’ की अनूठी पहल

बीकानेर, 3 मई। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल स्थित टीबी एवं चेस्ट विभाग (श्वसन रोग अस्पताल) की सूरत बदलने के लिए नए विभागाध्यक्ष डॉ. गुंजन सोनी ने पदभार संभालते ही सक्रियता बढ़ा दी है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद पर कार्य करने के अपने लंबे अनुभव का लाभ अब वे विभाग की अव्यवस्थाओं को दूर करने में लगा रहे हैं।

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बेहतरीन कार्य पर मिलेगी ट्रॉफी और इनाम
शनिवार को डॉ. सोनी ने नर्सिंग अधिकारियों, वार्ड इंचार्ज और सफाई ठेकेदारों की एक संयुक्त बैठक ली। अस्पताल में कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए उन्होंने एक प्रेरक घोषणा की। अब जिस वार्ड में सफाई, मरीजों की देखभाल और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन उत्कृष्ट होगा, उसे हर महीने ट्रॉफी और 1000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन राशि डॉ. सोनी स्वयं अपने स्तर पर प्रदान करेंगे।

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अनुशासन और निगरानी पर सख्त निर्देश
अस्पताल की कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने के लिए डॉ. सोनी ने कई कड़े निर्देश जारी किए हैं:

यूनिफॉर्म और मोबाइल: सभी नर्सिंग अधिकारियों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी गई है। ड्यूटी के दौरान मोबाइल के अनावश्यक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

सफाई की जिम्मेदारी: वार्डों की सफाई की सीधी जिम्मेदारी अब नर्सिंग अधिकारियों की होगी, जिसकी निगरानी आरएमओ डॉ. प्रमोद ठाकराल करेंगे।

मशीनों की मरम्मत: वेंटिलेटर, बाइपैप मशीन और ऑक्सीजन प्लांट को हमेशा दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए डॉ. जितेंद्र आचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नया ICU और मरीजों की सुविधा सर्वोपरि
डॉ. सोनी ने बताया कि विभाग में जल्द ही एक नया ICU शुरू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक सिविल कार्य हेतु PWD अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की मंशा के अनुरूप, किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होनी चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।

बैठक में यह भी साफ कर दिया गया कि मरीजों से संबंधित कोई भी शिकायत सीधे विभागाध्यक्ष कार्यालय तक नहीं पहुँचनी चाहिए; वार्ड स्तर पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

 

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