पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट और ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए सौंपा ज्ञापन
कमल नारायण आचार्य


शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ की बड़ी मांग


बीकानेर, 08 मई। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान (बीकानेर) के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने प्रदेश के मंत्रालयिक कर्मचारियों के हितों की रक्षा हेतु शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय में तीन महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों के माध्यम से राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से पदोन्नति नियमों में शिथिलता और पदस्थापन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की गई है।


मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू करने की मांग
आचार्य ने माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय कानून मंत्री और शिक्षा मंत्री सहित उच्चाधिकारियों को ईमेल भेजकर मांग की है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए घोषित समस्त संवर्गों की पदोन्नतियों में दो वर्ष की छूट के आदेश अविलम्ब प्रसारित किए जाएं। संघ का कहना है कि आदेशों में देरी से कर्मचारियों के करियर की प्रगति बाधित हो रही है।
ऑनलाइन काउंसलिंग से हो पदस्थापन
ज्ञापन में दूसरी प्रमुख मांग मंत्रालयिक कर्मचारियों के पदस्थापन को लेकर की गई है। कमल नारायण आचार्य ने बताया कि:
सत्र 2025-26 के लिए संस्थापन अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी की निदेशालय स्तर पर डीपीसी (DPC) संपन्न हो चुकी है।
संभाग और जिला स्तर पर भी मंत्रालयिक कैडर की सभी डीपीसी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।
अब इन सभी क्रमोन्नत कर्मचारियों के पदस्थापन (Postings) केवल ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से ही किए जाएं, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
प्रशासनिक सक्रियता की अपील
प्रदेशाध्यक्ष ने इन ज्ञापनों की प्रतिलिपि समस्त संयुक्त निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (मुख्यालय) को भी प्रेषित की है। उन्होंने विभाग से आग्रह किया है कि कर्मचारियों की इन न्यायोचित मांगों पर बिना किसी विलंब के ठोस कार्यवाही की जाए।
इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि यदि समय रहते ऑनलाइन काउंसलिंग और पदोन्नति में छूट के आदेश जारी नहीं होते हैं, तो कर्मचारियों में असंतोष बढ़ सकता है।

