नसबंदी ऑपरेशन के बाद आंत कटने से महिला की मौत, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, पीबीएम मॉर्च्युरी के बाहर धरना शुरू
नसबंदी ऑपरेशन के बाद आंत कटने से महिला की मौत,


बीकानेर, 22 मई। फलोदी के राजकीय चिकित्सालय में आयोजित एक शिविर के दौरान नसबंदी ऑपरेशन के बाद बीकानेर के पीबीएम (PBM) अस्पताल में एक महिला की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। मृतका के पति ने फलोदी और पीबीएम अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। घटना से आक्रोशित मेढ़ स्वर्णकार समाज के लोग और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ता शव गृह (मॉर्च्युरी) के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।


ऑपरेशन के दो दिन बाद बिगड़ी तबीयत, आंत कटने की आशंका
फलोदी निवासी संतोष कुमार सोनी ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनकी पत्नी संजू सोनी (35) का गत 16 मई 2026 को फलोदी के सरकारी अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई, लेकिन दो दिन बाद ही संजू के पेट में असहनीय दर्द और लगातार उल्टियां शुरू हो गईं।


स्थिति बिगड़ने पर परिजन 20 मई को उन्हें बीकानेर के कोठारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने अंदेशा जताया कि नसबंदी के दौरान महिला की आंत कट गई है, जिससे संक्रमण फैल गया है। इसके बाद गंभीर हालत में महिला को तुरंत पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया। पीबीएम में बुधवार देर रात सर्जन डॉ. अशोक लूणिया की यूनिट के डॉक्टरों ने महिला का आपातकालीन ऑपरेशन किया, लेकिन उसके करीब चार-पांच घंटे बाद गुरुवार सुबह महिला ने दम तोड़ दिया।
दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन
महिला की मौत की खबर फैलते ही मेढ़ स्वर्णकार समाज और आरएलपी के नेता पीबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर एकत्र हो गए और धरना शुरू कर दिया। आरएलपी नेता विजयपाल बेनीवाल ने प्रशासनिक उदासीनता पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार पिछले 24 घंटे से न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा उनसे बात करने नहीं पहुंचा। मृतका के पीछे तीन छोटे बच्चे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
धरने पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता मगनाराम केडली, दानाराम घिंटाला और स्वर्णकार समाज के पूर्व अध्यक्ष हुकुमचंद सोनी ने मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले संबंधित डॉक्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा और न्याय दिया जाए।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी संभाला मोर्चा
इस संवेदनशील मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। आरएलपी नेताओं के अनुसार, सांसद बेनीवाल ने बीकानेर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) से फोन पर वार्ता कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने को कहा है। उन्होंने स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि जब तक पीड़ित परिवार की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रखा जाए। मृतका के पति ने इस संबंध में सदर थाने में लिखित परिवाद दर्ज करवा दिया है।


