गर्मी के टॉप-3 शहरों में बीकानेर, नौतपा के कहर के बीच हाइवे पर कार के ओडोमीटर में पारा पहुंचा 50 डिग्री सेल्सियस

बीकानेर में जुलाई के दूसरे सप्ताह से बारिश की संभावना
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
  • श्रीगंगानगर 48.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म, पिलानी दूसरे और 46.6 डिग्री सेल्सियस के साथ बीकानेर तीसरे नंबर पर
  • नौतपा में चरम पर पहुंची हीटवेव, दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा; 29 मई से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने की संभावना

बीकानेर, 28 मई। राजस्थान में नौतपा के चलते भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का दौर लगातार घातक होता जा रहा है। मरुधरा के सबसे झुलसाने वाले शहरों में बीकानेर लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। बुधवार को दर्ज आंकड़ों के अनुसार बीकानेर प्रदेश का तीसरा सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक पड़ोसी जिले श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिलानी 47 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे और बीकानेर 46.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम व 32.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

150 किलोमीटर की हीट टेस्टिंग: हाइवे पर 50 डिग्री तक पहुंचा पारा
बीकानेर में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीकानेर-चूरू नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान कारों के ओडोमीटर (थर्मामीटर) में पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। सड़क यात्रा में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच बीकानेर से चूरू के मध्य करीब 150 किलोमीटर के सफर में हाइवे पर तापमान एक बार भी 47 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं उतरा।

pop ronak

बिग्गा क्षेत्र के पास कार के ओडोमीटर ने कुछ सेकंड के लिए 50 डिग्री सेल्सियस के जादुई और खौफनाक आंकड़े को छुआ, वहीं श्रीडूंगरगढ़ के कितासर गांव के आसपास यह 49 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। हाइवे पर गर्मी का यह आलम था कि इस भीषण तपन के बीच लोग खुद को सिर से पैर तक चादरों में लपेटकर सफर करने को मजबूर दिखे।

नौतपा परवान पर, ज्योतिषाचार्य की भविष्यवाणी सटीक
बीकानेर में पिछले एक सप्ताह से लगातार पारा 45 डिग्री के पार बने रहने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह सूर्योदय के साथ ही शुरू होने वाली तीखी धूप दोपहर तक आग के थपेड़ों में बदल जाती है। इस झुलसाती गर्मी को लेकर प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य हरिनारायण व्यास ‘मन्नासा’ की भविष्यवाणी भी बिल्कुल सही साबित हुई है। उन्होंने पहले ही गणना कर इस साल हीटवेव के दिनों में बढ़ोतरी होने और गर्मी के बेहद तीखे व लंबे समय तक रहने की आशंका जताई थी।

दोपहर में कर्फ्यू जैसे हालात, बिजली-पानी की मांग बढ़ी
भीषण लू और तपन के कारण दोपहर होते-होते बीकानेर की प्रमुख सड़कों और व्यावसायिक बाजारों में अघोषित कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता है। लोग केवल बेहद जरूरी और आपातकालीन कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम के इन तेवरों के कारण पूरे शहर में बिजली और ठंडे पानी की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे प्रशासनिक तंत्र पर भी दबाव बढ़ गया है।

29 मई से नया पश्चिमी विक्षोभ देगा राहत?
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल गुरुवार को भी पश्चिमी राजस्थान में इस भीषण तपन से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं और तापमान 45 से 46 डिग्री के ऊपर ही बना रहेगा। हालांकि, मौसम केंद्र ने एक राहत भरी खबर देते हुए संकेत दिए हैं कि 29 से 31 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से बीकानेर संभाग सहित जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में तेज आंधी-अंधड़ के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में कुछ डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है।

गर्मी को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है…

अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी

नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय (Directorate General of Civil Defense) नागरिकों और निवासियों को निम्नलिखित बातों के प्रति सचेत करता है:

आने वाले दिनों में 47 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच बढ़ते तापमान और क्यूम्यलस बादलों (cumulus clouds) की मौजूदगी के कारण अधिकांश क्षेत्रों में घुटन भरा माहौल रहने की संभावना है; इसलिए, यहाँ कुछ चेतावनियाँ और सावधानियाँ दी गई हैं:

कारों से ये चीज़ें हटा देनी चाहिए:

1. गैस वाली सामग्री 2. लाइटर 3. कार्बोनेटेड पेय पदार्थ (सोडा/कोल्ड ड्रिंक्स) 4. आमतौर पर परफ्यूम और उपकरणों की बैटरियाँ 5. कार की खिड़कियाँ थोड़ी खुली रखें (वेंटिलेशन के लिए) 6. कार का फ्यूल टैंक पूरी तरह से न भरें 7. कार में ईंधन (पेट्रोल/डीजल) शाम के समय भरवाएँ 8. सुबह के समय कार से यात्रा करने से बचें 9. कार के टायरों में हवा (प्रेशर) ज़रूरत से ज़्यादा न भरें, विशेष रूप से यात्रा के दौरान।

2. बिच्छुओं और साँपों से सावधान रहें, क्योंकि वे अपने बिलों से बाहर निकल सकते हैं और ठंडी जगहों की तलाश में पार्कों या घरों में प्रवेश कर सकते हैं।

3. खूब सारा पानी और तरल पदार्थ पिएँ। यह सुनिश्चित करें कि गैस सिलेंडर धूप में न रखा हो। बिजली के मीटरों पर ज़रूरत से ज़्यादा लोड न डालें और एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल केवल घर के उन हिस्सों में करें जहाँ लोग मौजूद हों, विशेष रूप से गर्मियों के चरम दिनों में। साथ ही, हर दो से तीन घंटे के बाद 30 मिनट का विश्राम करें। जब बाहर का तापमान 45-47° हो, तो घर के AC का तापमान 24-25° पर सेट रखें; इससे आपका स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती ठीक रहेगी। सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें, विशेष रूप से सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच।

अंत में: कृपया इस जानकारी को दूसरों के साथ साझा करें, क्योंकि हो सकता है कि अन्य लोगों को इसकी जानकारी न हो और वे इसे पहली बार पढ़ रहे हों।

सादर,
नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय (Directorate General of Civil Defense)

sesumo school
sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *