गर्मी के टॉप-3 शहरों में बीकानेर, नौतपा के कहर के बीच हाइवे पर कार के ओडोमीटर में पारा पहुंचा 50 डिग्री सेल्सियस
थम नहीं रहा बीकानेर में गर्मी का कहर: 44.8° पहुंचा पारा,


- श्रीगंगानगर 48.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म, पिलानी दूसरे और 46.6 डिग्री सेल्सियस के साथ बीकानेर तीसरे नंबर पर
- नौतपा में चरम पर पहुंची हीटवेव, दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा; 29 मई से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने की संभावना
बीकानेर, 28 मई। राजस्थान में नौतपा के चलते भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का दौर लगातार घातक होता जा रहा है। मरुधरा के सबसे झुलसाने वाले शहरों में बीकानेर लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। बुधवार को दर्ज आंकड़ों के अनुसार बीकानेर प्रदेश का तीसरा सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक पड़ोसी जिले श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिलानी 47 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे और बीकानेर 46.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम व 32.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ तीसरे स्थान पर रहा।


150 किलोमीटर की हीट टेस्टिंग: हाइवे पर 50 डिग्री तक पहुंचा पारा
बीकानेर में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीकानेर-चूरू नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान कारों के ओडोमीटर (थर्मामीटर) में पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। सड़क यात्रा में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच बीकानेर से चूरू के मध्य करीब 150 किलोमीटर के सफर में हाइवे पर तापमान एक बार भी 47 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं उतरा।


बिग्गा क्षेत्र के पास कार के ओडोमीटर ने कुछ सेकंड के लिए 50 डिग्री सेल्सियस के जादुई और खौफनाक आंकड़े को छुआ, वहीं श्रीडूंगरगढ़ के कितासर गांव के आसपास यह 49 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। हाइवे पर गर्मी का यह आलम था कि इस भीषण तपन के बीच लोग खुद को सिर से पैर तक चादरों में लपेटकर सफर करने को मजबूर दिखे।
नौतपा परवान पर, ज्योतिषाचार्य की भविष्यवाणी सटीक
बीकानेर में पिछले एक सप्ताह से लगातार पारा 45 डिग्री के पार बने रहने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह सूर्योदय के साथ ही शुरू होने वाली तीखी धूप दोपहर तक आग के थपेड़ों में बदल जाती है। इस झुलसाती गर्मी को लेकर प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य हरिनारायण व्यास ‘मन्नासा’ की भविष्यवाणी भी बिल्कुल सही साबित हुई है। उन्होंने पहले ही गणना कर इस साल हीटवेव के दिनों में बढ़ोतरी होने और गर्मी के बेहद तीखे व लंबे समय तक रहने की आशंका जताई थी।
दोपहर में कर्फ्यू जैसे हालात, बिजली-पानी की मांग बढ़ी
भीषण लू और तपन के कारण दोपहर होते-होते बीकानेर की प्रमुख सड़कों और व्यावसायिक बाजारों में अघोषित कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता है। लोग केवल बेहद जरूरी और आपातकालीन कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम के इन तेवरों के कारण पूरे शहर में बिजली और ठंडे पानी की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे प्रशासनिक तंत्र पर भी दबाव बढ़ गया है।
29 मई से नया पश्चिमी विक्षोभ देगा राहत?
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल गुरुवार को भी पश्चिमी राजस्थान में इस भीषण तपन से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं और तापमान 45 से 46 डिग्री के ऊपर ही बना रहेगा। हालांकि, मौसम केंद्र ने एक राहत भरी खबर देते हुए संकेत दिए हैं कि 29 से 31 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से बीकानेर संभाग सहित जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में तेज आंधी-अंधड़ के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में कुछ डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है।


