घुमंतू जाति उत्थान न्यास द्वारा बाल संस्कार केंद्र में बच्चों को सिखाए गए सेहत के गुर
घुमंतू जाति उत्थान न्यास द्वारा बाल संस्कार केंद्र में बच्चों को सिखाए गए सेहत के गुर


- डॉ. अर्पिता गुप्ता ने स्वच्छता को बताया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी; बच्चों को बांटी पाठ्य सामग्री
बीकानेर, 1 जून । ‘स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि स्वस्थ और खुशहाल जीवन का आधार है।’ इसी संदेश के साथ घुमंतू जाति उत्थान न्यास, बीकानेर महानगर द्वारा गाड़िया लोहार प्रताप बस्ती में संचालित बाल संस्कार केंद्र में एक विशेष स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों को व्यक्तिगत साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।


स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी: डॉ. अर्पिता गुप्ता
कार्यशाला की मुख्य वक्ता और घुमंतू बीकानेर महानगर महिला प्रमुख डॉ. अर्पिता गुप्ता ने बच्चों को स्वच्छता का महत्व समझाते हुए कहा कि शरीर, घर और आसपास के वातावरण को साफ रखकर हम अधिकांश बीमारियों को खुद से दूर रख सकते हैं। उन्होंने बच्चों को जीवन में उतारने योग्य महत्वपूर्ण सूत्र दिए।


- खाने से पहले और शौचालय के बाद अनिवार्य रूप से साबुन से हाथ धोएं।
- प्रतिदिन स्नान करें, साफ कपड़े पहनें और नियमित रूप से दांतों की सफाई करें।
- कूड़ा-कचरा हमेशा नियत स्थान पर डालें और सार्वजनिक स्थलों को गंदा न करें।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि जब हम स्वच्छता अपनाते हैं, तो न केवल हमारा स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि हमारे भीतर आत्मविश्वास और खुशी का संचार भी होता है।
मित्रों और परिवार को भी करें प्रेरित
कार्यक्रम की सहयोगी स्नेहा शर्मा ने बच्चों का आह्वान किया कि वे स्वच्छता के इस संदेश को केवल स्वयं तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि हमें अपने परिवार और मित्रों को भी स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।
रचनात्मक प्रस्तुतियों के साथ उपहार वितरण
कार्यशाला के दौरान बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और स्वच्छता के महत्व पर आधारित कविताएं व कहानियां सुनाईं। बच्चों के उत्साहवर्धन और उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने के लिए डॉ. गुप्ता और उनकी टीम द्वारा उन्हें कॉपी, किताबें, चार्ट और अन्य पाठ्य सामग्री उपहार स्वरूप भेंट की गई।
अंत में केंद्र संचालक निकिता गाड़िया लोहार ने डॉ. गुप्ता और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों से बस्ती के बच्चों में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति नई चेतना जागृत होगी।


