तेरापंथ के वरिष्ठ मुनि के गृहस्थ परिजनों पर संकट, झूठी FIR मैं फसाया एक को जेल, दो को किया नामजद

IC मार्ट बैकुंठपुर ,कोरिया
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बैकुंठपुर बवाल पर गरमाई राजनीति और आक्रोश: चोरी के आरोप से आत्महत्या और उग्र प्रदर्शन के बाद निशाने पर जैन अल्पसंख्यक परिवार, उठ रहे गंभीर सवाल

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महिलाओं – बच्चियों और पुरुषों सहित पूरा परिवार पुलिस की दबंगाई से पीड़ित

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IC मार्ट के मालिक ने शॉप में हो रही चोरी को रोका। चोरी के बाद आत्महत्या की पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय IC मॉल परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से तबाह करने पर तुली हुई है।

बैकुंठपुर (कोरिया), 21 जुलाई । (जैन लूणकरण छाजेड़ की खोजपूर्वक खबर  ) बैकुंठपुर में घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम के बाद शहर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पूरे मामले की शुरुआत IC मार्ट में चोरी की घटना से हुयी जहां पर पूजा अपनी बहन छाया के साथ चोरी करते हुए पकड़ी गई थी। यह चोरी का क्रम कई बार हो चूका था। 7 जुलाई को पुनः चोरी करते हए रंगे हाथों पकड़ी गयी। पूछताछ के दौरान चोरी करना स्वीकार किया तथा चोरी कर ले गए सामान की सूचि बनाकर दे दी गयी। परिजनों को बुलाने का कहा गया तो अपनी स्कूटी छोड़ घर चली गयी। फिर मुँह बोले मामा अलांगो दास के साथ आयी। मामा अपनी पुलिस वर्दी में पुलिस वाहन से आये तब तक मार्ट बंद हो गया था तो बाहर खड़े खड़े ही लगभग 40 मिनट तक संचालकों से बातचीत करके गए. बातचीत में उन्होंने अपनी पुलिस के कार्य करने का अंदाज व चोरी की घटना का फुटेज CCTV कैमरे में आ जाने से जेल हो जाना निश्चित बताया जिसको पूजा भी सुन रही थी परन्तु संचालकों ने उन्हें कहा की हमारा उदेश्य FIR करवाना नहीं बच्चों को संस्कारित करना है ताकि ऐसी घटना फिर कभी ना हो तथा चोरी के सामान की कीमत जो 20 हजार होती थी देने की बात तय कर ली। यह बात सुनकर लगभग मामला निपट सा गया था पूजा के चेहरे पर कोई तनाव नहीं था और अपने घर चले गए। परन्तु अलंगोदास ने पूजा को कैसे डराया और क्या कहा कि उसके मन में क्या डर बैठा।
इधर चर्चा यह है कि अलंगोदास ने पूजा के पिता से कहा कि मार्ट वालों को 50 हजार देना होगा तो पूजा ने अपने पिता से कहा कि सामान की कीमत तो 20 हजार ही थी। अतः दूसरे दिन उसके पिता शिवनाथ पैकरा जो पुलिस सेवा में हैं आये उन्होंने CCTV फुटेज देखने के बाद चोरी की घटना को स्वीकार कर लिया तथा संचालकों ने कहा आप जैसा उचित समझें निर्णय कर लेवें कोई सामान घर पर पड़ा हो तो दे देवें इस पर मामले को वहीं समाप्त कर दिया गया ।

8 जुलाई को जब पिता अपनी पत्नी को लेने बस अड्डा गए तो पूजा द्वारा अपने घर पर लगभग 1 .30 बजे घर के किचन में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या कर लेने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और दोनों पुलिसकर्मियों ने सोच विचार करके ‘IC मार्ट ‘ के संचालक विनोद बैद , उसके बड़े भाई जगत बैद व भतीजे अधिवक्ता दीपक बैद पर BNSS की धारा 296 , 107 , 308 (2 ) , 309 (4 ) SCST एक्ट की धारा (3 )( 2 ) V के तहत मामला दर्ज किया गया।

पूजा की मौत के बाद आदिवासी समाज द्वारा आक्रोश जताते हुए उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा ‘IC मार्ट ‘ पर पथराव, पेट्रोल बम और पानी की बोतलों से हमला किया गया, जिससे इलाके में भारी हड़कंप मच गया और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई।

 

आदिवासी समाज द्वारा आक्रोश जताते हुए उग्र प्रदर्शन किया गया

जैन अल्पसंख्यक परिवार को बनाया गया निशाना, पुलिस प्रताड़ना का आरोप

घटनाक्रम के बाद शहर का सम्मानित जैन अल्पसंख्यक परिवार (बैद परिवार) शासन-प्रशासन और पुलिस की कथित एकतरफा कार्रवाई का शिकार बन गया है। परिजनों और व्यापारी वर्ग का आरोप है कि पुलिस ने कानून और विधिक प्रक्रिया से परे जाकर पूरे परिवार को थाने में घंटों बैठाए रखा और मानसिक रूप से टॉर्चर किया। आरोप है कि परिवार के सदस्यों को रात-रात भर थाने में रखकर धमकियां दी गईं और उन्हें प्रताड़ित किया गया।

बैद परिवार की शहर में छवि: व्यसन मुक्त और सदाचारी जीवन

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि बैद परिवार 60 वर्षों से व्यापार कर रहें हैं। परिवार व्यसन मुक्त जीवन, नैतिकता, सदाचार, करुणा और शालीनता का प्रतीक रहा है। समाजसेवा और व्यापार के क्षेत्र में उनकी साफ-सुथरी छवि रही है। ऐसे में पूरे परिवार को गलत FIR में फ़साना व निशाना बनाए जाने और पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर शहर में बेहद निराशा और आक्रोश व्याप्त है।

व्यापारी वर्ग में भारी रोष: सुरक्षा और न्याय की मांग

इस एकतरफा कार्रवाई और उग्र प्रदर्शन के कारण शहर के व्यापारी वर्ग में भयंकर आक्रोश है। व्यापारियों और नागरिक समाज ने प्रशासन से तीखे सवाल पूछे हैं:

क्या मुख्यमंत्री दिला पाएंगे न्याय?

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदत्त साय से अपील की जा रही है कि वे मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच करवाएं और पीड़ित अल्पसंख्यक परिवार को न्याय दिलाएं।

न्यायालय से राहत की उम्मीद

पुलिस प्रशासन की कथित गुंडागर्दी और एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ पीड़ित पक्ष अब अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है, ताकि न्याय और सुरक्षा मिल सके।

सुरक्षा और व्यापार की व्यवस्था

व्यापारी वर्ग ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रूप से खुलवाने की व्यवस्था की जाए और व्यापारियों को असामाजिक तत्वों से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए।

शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों और नागरिक मंचों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने अपनी एकतरफा कार्रवाई रोककर कानून के दायरे में निष्पक्ष जांच नहीं की और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

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