जीवन को अभय बना देती है श्रीमद् भागवत कथा: पं. सुनील व्यास
जीवन को अभय बना देती है श्रीमद् भागवत कथा: पं. सुनील व्यास


- पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में श्री आदि गणेश मंदिर में सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ
- “मानव देह दुर्लभ है, ईश्वर भक्ति के बिना जीवन व्यर्थ”: कथा वाचक ने बताया भागवत श्रवण का महत्व
बीकानेर, 1 जून। धर्म और आस्था की नगरी बीकानेर में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के पावन अवसर पर भक्ति की अविरल धारा बह निकली है। श्री आदि गणेश भक्त मंडल के तत्वावधान में दाउजी रोड स्थित ऐतिहासिक श्री आदि गणेश मंदिर में सोमवार से सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उमड़कर आध्यात्मिक लाभ उठाया।


मृत्यु का भय मिटाकर मुक्ति का मार्ग दिखाती है भागवत
कथा के प्रथम सोपान पर व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए प्रसिद्ध कथा वाचक पं. सुनील व्यास ने श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा परमात्मा का साक्षात ‘अक्षर स्वरूप’ है। जिस प्रकार राजा परीक्षित ने मृत्यु के निकट होने पर भी भागवत श्रवण कर ‘अभय’ (निडरता) को प्राप्त किया, उसी प्रकार यह कथा सामान्य जीव के मन से मृत्यु का भय मिटाकर उसे मुक्ति का मार्ग दिखाती है।


पं. व्यास ने जोर देते हुए कहा कि यह ग्रंथ वेदों और उपनिषदों का सार रूपी फल है, जिसका अमृत देवताओं के लिए भी दुर्लभ है। उन्होंने ‘दुर्लभो मानुषो देहो’ का उल्लेख करते हुए बताया कि मानव तन अत्यंत कठिनाई से मिलता है; यदि मनुष्य इस जन्म में ईश्वर की भक्ति और सत्संग नहीं करता, तो उसका जीवन व्यर्थ है।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, शुकदेव जी के प्रसंग का वर्णन
कथा के दौरान पं. सुनील व्यास ने शुकदेव जी द्वारा भागवत ग्रंथ की संरचना के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कलिकाल (कलियुग) में भागवत कथा ही मानव और पितरों के तरण का एकमात्र सुगम साधन है। इस दौरान गायक रामसा व्यास ने मधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे।
यजमानों ने की पूजा-अर्चना, प्रबुद्धजनों ने किया अभिनंदन
कथा के प्रथम दिन मुख्य यजमान जयनारायण बिस्सा एवं प्रभा बिस्सा ने सविधि पोथी पूजन और आरती संपन्न की। इस मंगलमय अवसर पर एडवोकेट अविनाश चन्द्र व्यास, विष्णु नारायण बिस्सा, विजय श्रीमाली, देवजी सोनी, राजकुमार खण्डेलवाल, नूतन व्यास, प्रेमलता व्यास, हर्षित बिस्सा और जयंत व्यास सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने कथा वाचक पं. सुनील व्यास का तिलक लगाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में भागवत जी की सामूहिक आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।


