भारतीय जैन संगठना और जैन नारी शक्ति ने आयोजित किया ‘अर्थराइटिस स्पेशल प्रेक्षा चिकित्सा सत्र’
भारतीय जैन संगठना और जैन नारी शक्ति ने आयोजित किया 'अर्थराइटिस स्पेशल प्रेक्षा चिकित्सा सत्र'



- डिजिटल मंच पर जुटीं देश की महिलाएं
मुंबई, 5 जून। ‘योग क्षेम वर्ष’ के उपलक्ष्य में प्रेक्षा फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रेक्षाध्यान योग साधना केंद्र (अशोक नगर, कांदिवली) द्वारा मुंबई सहित देशव्यापी स्तर पर एक प्रभावशाली प्रेक्षाध्यान जन जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी के अंतर्गत भारतीय जैन संगठना (बीजेएस) एवं जैन नारी शक्ति के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं के लिए विशेष रूप से ‘अर्थराइटिस स्पेशल ऑनलाइन कार्यशाला’ का आयोजन ‘ज़ूम’ (Zoom) ऐप पर किया गया। प्रेक्षा चिकित्सा पद्धति पर आधारित इस महत्वपूर्ण वर्चुअल सत्र में समूचे भारतवर्ष से सैकड़ों महिलाओं ने डिजिटल माध्यम से जुड़कर स्वास्थ्य लाभ लिया।


अभियान के इस छठे विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ बीजेएस तमिलनाडु के प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर के आत्मीय स्वागत भाषण के साथ हुआ। इसके पश्चात संस्था के महासचिव श्री राजेश पोखरना ने अपने हृदय-सिक्त उद्गार व्यक्त करते हुए इस अभियान की महत्ता को रेखांकित किया। राष्ट्रीय प्रेक्षा पुरस्कार से सम्मानित एवं वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दूगड़ का प्रामाणिक जीवन परिचय तमिलनाडु लेडीज विंग की अध्यक्षा श्रीमती सरला बरडिया ने सदन के सम्मुख रखा।


कार्यशाला के व्यावहारिक सत्र में दूगड़ दंपति (श्रीमती विमला देवी एवं श्री पारसमल दूगड़) के प्रशिक्षणत्व में महिलाओं को अर्थराइटिस (गठिया) से राहत दिलाने वाले विभिन्न यौगिक प्रयोग सिखाए गए। सत्र की शुरुआत ‘दीर्घ श्वास प्रेक्षा’ और ‘समताल श्वास प्रेक्षा’ के गहन अभ्यास से हुई। इसके बाद प्रेक्षाध्यान के चार प्रमुख सहायक अंगों में से ‘प्राणायाम’ और विशेष ‘मुद्राओं’ के विशिष्ट प्रयोगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने प्रत्येक यौगिक क्रिया के साथ आवश्यकतानुसार समताल और दीर्घ श्वास के संतुलन का अभ्यास भी करवाया, जो जोड़ों के दर्द व शारीरिक जकड़न को दूर करने में बेहद कारगर माना जाता है।
वरिष्ठ प्रशिक्षक पारसमल दूगड़ के कुशल मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य “प्रेक्षाध्यान का यह अवदान पहुंचे हर घर हर द्वार, बने जन-जन का यह अभियान” के संकल्प को चरितार्थ करना है, ताकि लोगों को चहुंमुखी विकास के साथ आंतरिक स्वस्थता का अमूल्य उपहार मिल सके। देशव्यापी स्तर पर इस जागृति को फैलाने के लिए डिजिटल माध्यमों का भरपूर उपयोग किया जा रहा है, जिसके तहत ज़ूम बैठकों के अलावा ये कार्यक्रम ‘जियो फाइबर 4087 महोत्सव’ टीवी चैनल पर प्रतिदिन प्रातः 7:45 बजे संपूर्ण भारत में नियमित रूप से प्रसारित किए जा रहे हैं।
इस ऑनलाइन कार्यशाला का अत्यंत सुंदर व प्रभावी संचालन शीतल मालू द्वारा किया गया। सत्र के अंतिम चरण में देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ीं महिलाओं ने अपनी शारीरिक व्याधियों और जिज्ञासाओं को विशेषज्ञों के सामने रखा, जिनका समाधान श्री दूगड़ ने अपनी चिर-परिचित वैज्ञानिक व तार्किक शैली में देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रश्नोत्तर सत्र का कुशल संयोजन ममता सुराणा ने संभाला। अंत में सभी सहयोगी संस्थाओं और संभागियों के प्रति आभार ज्ञापित किया गया।


