बीकानेर की बेटी का वैश्विक कीर्तिमान- एम-सील से बना दिया अनोखा दुपट्टा
बीकानेर की बेटी का वैश्विक कीर्तिमान- एम-सील से बना दिया अनोखा दुपट्टा



अनुराधा सोनी का नाम ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज


बीकानेर, 10 जून। राजस्थान की सांस्कृतिक और कलाधर्मी नगरी बीकानेर की एक बेटी ने अपनी अद्भुत रचनात्मकता और अनूठे नवाचार से अंतरराष्ट्रीय मंच पर शहर का गौरव बढ़ाया है। बीकानेर की सुप्रसिद्ध कलाकार अनुराधा सोनी ने सामान्यतः घरों में मरम्मत और सीलिंग के काम आने वाले ‘एम-सील एपॉक्सी’ (M-Seal Epoxy) से एक बेहद आकर्षक और कलात्मक दुपट्टा तैयार कर ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम दर्ज कराया है। उनकी इस विस्मयकारी कलाकृति को देखने के बाद हर कोई हैरान है।


साधारण वस्तु से असाधारण परिधान का निर्माण
अनुराधा सोनी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि उनके कलात्मक कौशल, लीक से हटकर सोचने की क्षमता और कठिन परिश्रम का जीवंत प्रमाण है। जिस एम-सील का उपयोग आमतौर पर लोग टूटे पाइप या दरारें जोड़ने के लिए करते हैं, उसे अनुराधा ने अपनी कल्पनाशीलता से एक सुंदर परिधान (दुपट्टे) और बारीक आभूषणों का रूप दे दिया। उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि कला की कोई सीमा नहीं होती और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी साधारण वस्तु को असाधारण कलाकृति में बदला जा सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया कलाकृतियों का प्रदर्शन
इस वैश्विक उपलब्धि के उपलक्ष्य में बुधवार को बीकानेर में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान अनुराधा सोनी ने रिकॉर्ड में दर्ज हुए एम-सील के अनूठे दुपट्टे को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही उन्होंने एम-सील से ही निर्मित की गईं अत्यंत सुंदर व आकर्षक ज्वेलरी (आभूषणों) तथा अन्य शिल्प कलाकृतियों का भी सजीव प्रदर्शन किया। वहां उपस्थित पत्रकारों, वरिष्ठ शिल्पकारों और कला प्रेमियों ने उनके इस बारीक हुनर की मुक्त कंठ से सराहना की।
पहले भी लिम्का बुक में दो बार दर्ज करा चुकी हैं नाम
यह पहला मौका नहीं है जब अनुराधा ने अपनी जादुई कला से देश का ध्यान खींचा हो। इससे पहले भी वे इसी माध्यम (एम-सील) से अनोखी और बेजोड़ ज्वेलरी तैयार करने के लिए दो बार प्रतिष्ठित ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवा चुकी हैं। अब गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का यह नया तमगा उनकी कलात्मक यात्रा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ गया है।
शुभचिंतकों ने दी बधाई, महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
इस गौरवमयी और हर्षोल्लास के अवसर पर उनके परिवार और समाज के वरिष्ठ जन उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से सूरज देवी सोनी, जुगल किशोर सोनी, मोनिका सोनी, नंदिनी सोनी, किशोर कुमार शर्मा, ममता शर्मा एवं राहुल शर्मा ने शामिल होकर अनुराधा को मिठाई खिलाई और इस ऐतिहासिक कीर्तिमान के लिए शुभकामनाएं दीं।
बीकानेर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों और कला प्रेमियों ने अनुराधा की इस सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। स्थानीय वासियों का कहना है कि अनुराधा ने देश-दुनिया में बीकानेर का मान तो बढ़ाया ही है, साथ ही वे अपनी इस सफलता से क्षेत्र की अन्य महिलाओं और युवा कलाकारों के लिए एक महान प्रेरणा स्रोत बनकर उभरी हैं।


