बीकानेर में सियासी संग्राम, चिकित्सा मंत्री के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज
बीकानेर में सियासी संग्राम, चिकित्सा मंत्री के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज



- प्रसूताओं की हालत पर मंत्री के बोल— “नाचती आई थीं या बीमार होकर?”
बीकानेर, 11 जून। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की किडनी खराब होने के मामले ने अब हिंसक राजनीतिक मोड़ ले लिया है। गुरुवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के दौरे के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां भांजी और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।


खींवसर का विवादास्पद बयान: “नाचती आई थीं या बीमार होकर?”


मीडियाकर्मियों ने जब मंत्री से सवाल किया कि सभी महिलाओं में एक जैसे लक्षण (किडनी फेलियर) कैसे देखे गए, तो चिकित्सा मंत्री खींवसर ने सीधा जवाब देने के बजाय सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा— “आप ही बताइए कैसी हालत में आई थीं, पैदल चलकर नाचती आई थीं या बीमार होकर आई थीं?”
मंत्री ने डॉक्टरों का बचाव करते हुए दावा किया कि अधिकांश महिलाएं गंभीर स्थिति में और डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) की शिकार होकर आई थीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल रोज हजारों जानें बचाता है, उस पर बात नहीं होती।
पुलिस की लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की
दोपहर करीब 12 बजे जब मंत्री पीबीएम पहुंचे, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज परिसर में घुसने का प्रयास किया।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई: प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवर कूकना को पुलिस ने घेरकर सड़क पर गिरा दिया और उन पर लाठियां बरसाईं। बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
महिला कार्यकर्ताओं से अभद्रता: महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा गेट पार करने की कोशिश पर पुलिस बल के साथ उनकी तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई महिलाएं सड़क पर गिर गईं।
व्यवस्थाओं की बदहाली को ‘पेंट’ से छिपाने की कोशिश
मंत्री के दौरे से पहले अस्पताल प्रशासन की सक्रियता पर भी सवाल उठे। आरोप है कि बुधवार दोपहर से ही अस्पताल की उखड़ी हुई दीवारों और गुटखे की पीक के निशानों को आनन-फानन में नए पेंट से ढका गया। जिस पोस्ट कोविड वार्ड में पीड़ित महिलाएं भर्ती हैं, उसके बाहर विशेष रूप से रंग-रोगन कर गंदगी को छिपाने का प्रयास किया गया।
पीड़ितों का हाल: 13 बार हुआ डायलिसिस
- मंत्री ने बंद कमरे में अधिकारियों के साथ बैठक की और बाद में आईसीयू में भर्ती प्रसूताओं से मुलाकात की।
- सूरतगढ़ निवासी प्रीति नायक की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है, जिनका अब तक 13 बार डायलिसिस हो चुका है।
- पीड़ित प्रीति के पति कमल नायक ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे बस एक बार मंत्री से मिलकर अस्पताल की असल सच्चाई बताना चाहते थे, ताकि उनकी पत्नी को बेहतर इलाज मिल सके।
विपक्ष का अनिश्चितकालीन धरना
अस्पताल की ‘वेंटिलेटर’ पर आ चुकी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस ने शहर में रैली निकाली और अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। जिला अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, मदन गोपाल मेघवाल, सुमित कोचर, यशपाल गहलोत सहित अन्य नेताओं ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


